कभी मुक्केबाजी से भागती थीं प्रीति पवार, आमिर खान की फिल्म से बदली जिंदगी, एक फैसले ने बना दिया गोल्डन गर्ल| Navbharat Live

कभी मुक्केबाजी से भागती थीं प्रीति पवार, आमिर खान की फिल्म से बदली जिंदगी, एक फैसले ने बना दिया गोल्डन गर्ल

  • Written By:

    अर्पित शुक्ला

Updated On: Aug 01, 2026 | 04:34 PM IST

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सार

Preeti Pawar Story: आमिर खान की 'दंगल' देख पिता ने बनाया बॉक्सर, डरती थीं चेहरे पर चोट से! जानिए कैसे भिवानी की प्रीति पवार ने ग्लास्गो में रचा इतिहास और भारत को दिलाया छठा गोल्ड मेडल।

Preeti Pawar story

प्रीति पवार(Image- Social Media)

विस्तार

CWG Gold Medalist Preeti Pawar Story: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की स्टार मुक्केबाज प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रीति का पहला स्वर्ण पदक है। उनकी इस जीत के साथ भारत ने ग्लास्गो खेलों में अपना छठा गोल्ड मेडल हासिल किया। प्रीति ने फाइनल मुकाबले में शुरुआत से अंत तक दबदबा बनाए रखा और तीनों राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।

ऐसे तय किया गोल्ड तक का सफर

कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रीति पवार का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा।

  • राउंड ऑफ-16: डेबोरा मटेंजे को हराया।
  • क्वार्टर फाइनल: नॉर्थ आयरलैंड की निकोल क्लाइड को मात दी।
  • सेमीफाइनल: जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को हराया।
  • फाइनल: कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

बॉक्सर नहीं बनना चाहती थीं प्रीति

आज विश्व स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाली प्रीति पवार बचपन में बॉक्सिंग से दूर रहना चाहती थीं। उन्हें डर था कि मुक्केबाजी के दौरान उनके चेहरे पर चोट लग सकती है।
हालांकि, उनके चाचा विनोद पवार, जो स्वयं पूर्व बॉक्सर हैं, ने उन्हें इस खेल के लिए प्रेरित किया। उनकी देखरेख में हरियाणा के भिवानी स्थित अकादमी में प्रीति ने बॉक्सिंग की बारीकियां सीखीं और धीरे-धीरे इसी खेल में अपना भविष्य बना लिया।

Preeti Pawar

प्रीति पवार(Image- Social Media)

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‘दंगल’ फिल्म बनी प्रेरणा

प्रीति के पिता सोमवीर पवार हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं और पूर्व कबड्डी खिलाड़ी भी रह चुके हैं। उनकी मां शामिनी देवी भी पूर्व एथलीट हैं। खेल का माहौल घर में पहले से था, लेकिन आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ देखने के बाद सोमवीर ने अपनी बेटी को खेलों में आगे बढ़ाने का फैसला किया। इसके साथ ही पहलवान साक्षी मलिक के ओलंपिक पदक ने भी उन्हें प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने प्रीति को बॉक्सिंग में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

भारतीय सेना में बनीं अधिकारी

प्रीति पवार ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय सेना में जूनियर अधिकारी के रूप में जगह बनाई। वह भारतीय सेना में सीधे जूनियर अधिकारी के रूप में कमीशन पाने वाली पहली भारतीय महिला बॉक्सर मानी जाती हैं।

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Preeti Pawar Gold Medal

प्रीति पवार ने लगाया गोल्डन पंच (Image- Social Media)

प्रीति पवार की प्रमुख उपलब्धियां

  • 14 वर्ष की उम्र में बॉक्सिंग की शुरुआत
  • खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2021 – स्वर्ण पदक
  • एशियन अंडर-22 चैंपियनशिप 2024 – स्वर्ण पदक
  • वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स 2025 – स्वर्ण पदक
  • एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 – स्वर्ण पदक
  • कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 – स्वर्ण पदक

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