'मुसलमानों को...', भारत-अफगानिस्तान के रिश्ते पर पाकिस्तान ने उगला जहर
'मुसलमानों को...', भारत-अफगानिस्तान के रिश्ते पर पाकिस्तान ने उगला जहर
PAK on India-Afghanistan Relations: पाकिस्तानी ले. ज. अहमद चौधरी ने अपना प्रोपेगेंडा फैलाते हुए आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तान के भीतर अंशाति फैलाने के लिए लगातार अफगान तालिबान के साथ मिलकर काम करता है.
Written By : विजय कुमार बिट्ठल | Updated at : 02 Aug 2026 06:14 PM (IST)

पाकिस्तानी ISPR डीजी ले. ज. अहमद चौधरी
Source : सोशल मीडिया
Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
- पाकिस्तानी सेना ने भारत-अफगानिस्तान रिश्तों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
- डीजी ISPR ने 'काफिरों' से दोस्ती पर धार्मिक सवाल उठाए।
- उन्होंने भारत-तालिबान संबंध को 'मालिक-गुलाम' का बताया।
- पाकिस्तान ने भारत पर तालिबान के उपयोग का आरोप लगाया।
India-Afghanistan Relations: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और अफगानिस्तान में बर्बरता फैलाने वाली पाकिस्तानी हुकूमत और सेना इन दिनों नई दिल्ली और काबूल के बीच के रिश्तों को लेकर काफी चिढ़ी हुई है और उसका ये चिड़चिड़ापन उसके बिगड़े बोलों से साफ झलक रहा है. दरअसल, पाकिस्तान लगातार यह आरोप लगाता है कि भारत उसके खिलाफ अफगानिस्तान तालिबान की मदद करता है. इसी कड़ी में पाकिस्तानी सेना के सूचना विभाग ISPR ने भारत-अफगानिस्तान के रिश्तों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है.
पाकिस्तानी सेना के सूचना विभाग ISPR के डायरेक्टर जनरल (DG) लेफ्टिनेंट जनरल अहमद चौधरी ने पाकिस्तान के रावलपिंडी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुरान का हवाला देते हुए कहा कि मुसलमानों को काफिरों के साथ दोस्ती नहीं करनी चाहिए. उन्होंने यह टिप्पणी मीडिया की तरफ से अफगान तालिबान के मंत्री की तरफ से भारत और अफगानिस्तान के एक डीएनए को लेकर दिए बयान पर पूछे सवाल के बाद की.
भारत-अफगनिस्तान पर क्या कहा?
सवालों का जवाब देते हुए पाकिस्तानी सेना के सूचना विभाग के डीजी ले. ज. अहमद चौधरी ने कुरान की एक आयत का हवाला देते हुए तर्क दिया कि जो भी लोग भारत और हिंदुओं के साथ दोस्ती रखते हैं, उनके इस्लामिक सिद्धांतों पर सवाल उठने चाहिए. इस दौरान चौधरी ने अपना प्रोपेगेंडा फैलाते हुए आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तान के भीतर अंशाति फैलाने के लिए लगातार अफगान तालिबान के साथ मिलकर काम करता है. हालांकि, भारत लगातार पाकिस्तान के इन झूठी बातों को बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताता आया है.
इसके बाद, चौधरी ने अफगानिस्तान और भारत के एक जैसे डीएनए की बात पर कहा कि हम शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने इस बात को स्वीकार कर लिया है. मैं अफगान तालिबान की बात कर रहा हूं, न कि वहां तालिबन के शासन में दबे-कुचले और तकलीफों से जूझ रही जनता की. उनका डीएनए तालिबानियों की तरफ भारत से मेल नहीं खाता है.
तालिबान की इस्लामिक सिद्धांतों पर उठाए सवाल
उन्होंने अफगान तालिबान की इस्लामिक सिद्धांतों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अल्लाह ने साफ कहा है कि काफिरों से अपना दोस्त या रक्षक नहीं बनाना चाहिए और अगर आप इस तरह का काम करते हैं तो आप असली मुसलमान हो ही नहीं सकते हैं. इसलिए हमें डीएनए का भी मतलब समझना होगा. यही दिखाता है कि उनके बीच रिश्ता क्या है, बेशक उनमें कुछ समानताएं हैं. भारत और अफगान तालिबान का रिश्ता एक मालिक और गुलाम का है. अफगानी तालिबान भारत की दमनकारी सिस्टम का नौकर है.
यह भी पढ़ेंः इंडोनेशिया में मदुरा द्वीप के पास जहाज में लगी आग, 5 की मौत, 41 लापता

About the author विजय कुमार बिट्ठल
पिछले करीब पांच सालों से भारतीय मीडिया का हिस्सा हैं. अक्टूबर, 2024 से एबीपी न्यूज नेटवर्क में बतौर हिंदी कंसल्टेंट राइटर के तौर पर भूमिका निभा रहे हैं. प्रिंट मीडिया के साथ अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत की है और आज डिजिटल मीडिया में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर लेखन कार्य कर रहे हैं. साल 2020 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नोएडा कैंपस से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की. क्षेत्रीय से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति, चुनाव और सामाजिक विषयों पर खबरें लिखते रहे हैं. तथ्यों की गहराई और भाषा की संवेदनशीलता पर हमेशा बेहतर करने की कोशिश है. स्केचिंग, पेटिंग, फिल्में देखना, शायरी-कविताएं लिखना और घूमना बहुत ज्यादा पसंद है.
Read More
Published at : 02 Aug 2026 05:31 PM (IST)
Frequently Asked Questions
भारत-अफगानिस्तान के रिश्तों पर पाकिस्तान की क्या प्रतिक्रिया है?
पाकिस्तान भारत और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते रिश्तों को लेकर चिढ़ा हुआ है। वह लगातार आरोप लगाता है कि भारत उसके खिलाफ अफगान तालिबान की मदद करता है।
पाकिस्तानी सेना के डीजी ने भारत-अफगानिस्तान संबंधों पर क्या बयान दिया?
पाकिस्तानी सेना के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल अहमद चौधरी ने कुरान का हवाला देते हुए कहा कि मुसलमानों को काफिरों के साथ दोस्ती नहीं करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तान में अशांति फैलाने के लिए अफगान तालिबान के साथ काम करता है।
पाकिस्तानी डीजी का बयान किस संदर्भ में आया?
यह बयान मीडिया द्वारा अफगान तालिबान के मंत्री के उस बयान पर सवाल पूछने के बाद आया, जिसमें उन्होंने भारत और अफगानिस्तान के 'एक डीएनए' की बात कही थी।
अफगान तालिबान के 'एक डीएनए' वाले बयान पर चौधरी ने क्या टिप्पणी की?
चौधरी ने कहा कि वे शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने इस बात को स्वीकार किया है। उन्होंने भारत और अफगान तालिबान के रिश्ते को मालिक और गुलाम जैसा बताया, जिसमें तालिबान भारत का नौकर है।
Breaking News, Anytime, Anywhere - Download ABPLIVE on Android and iOS now!
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola