दतिया उपचुनाव: कांग्रेस ने जीत को विधानसभा चुनाव का शंखनाद बताया, भाजपा करेगी समीक्षा

दतिया, तीन अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सोमवार को कांग्रेस के उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से पराजित कर दिया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दतिया के जनादेश को स्वीकार करते हुए कहा कि जीत भले ही कांग्रेस की हुई है लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस उपचुनाव में भाजपा के मतों में हुई 1,700 की वृद्धि हुई है।

हालांकि, भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जनादेश की समीक्षा कर उसके निष्कर्षों के आधार अनुशासन को सर्वोपरि रखते हुए कदम उठाए जाने की बात की।

उनके इस बयान को भीतरघात करने वाले पार्टी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

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खंडेलवाल का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के मतदान क्रमांक-121 पर भी भाजपा पीछे रह गई, जहां कांग्रेस को 291 और भाजपा को 264 मत मिले।

इस उपचुनाव में भाजपा ने मिश्रा को टिकट नहीं देकर तिवारी पर भरोसा जताया था।

टिकट ना मिलने के बाद उनके समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया था।

परिणाम से उत्साहित कांग्रेस ने इसे 2028 के आगामी विधानसभा चुनाव का शंखनाद और प्रदेश की सत्ता से भाजपा की विदाई की नींव करार दिया।

जिला निर्वाचन अधिकारी और दतिया के जिलाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कांग्रेस प्रत्याशी ने 6,016 मतों से जीत दर्ज की है। उन्होंने बताया कि 15वें और आखिरी दौर की मतगणना के बाद घनश्याम सिंह को 66,757 मत मिले, जबकि तिवारी को 60,741 मत प्राप्त हुए।

स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर यादव को 22,527 मत मिले हैं जो तीसरे स्थान पर हैं।

रुझानों में जीत के संकेत मिलते ही भोपाल स्थित कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में जश्न की शुरुआत हो गई और पार्टी कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों पर नृत्य किया तथा एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाईं।

इससे इतर, शुरुआती चहल-पहल के बाद प्रदेश भाजपा मुख्यालय में एक तरह से सन्नाटा पसरा रहा।

मुख्यमंत्री यादव ने एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में दतिया सीट कांग्रेस ने जीती थी और आज भी यह कांग्रेस के पास ही है।

उन्होंने कहा, “यह अलग बात है। हमने पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले 1,700 वोट अधिक हासिल किए।”

यादव ने कहा, “लोकतंत्र में चुनाव के दौरान सब अपनी बात रखते हैं। हमने अपनी बात रखी, कांग्रेस ने अपनी बात रखी। जनता ने जो निर्णय किया उसे हम शिरोधार्य करते हैं। उम्मीद करते हैं आगे आने वाले चुनाव में पूरी ताकत से लड़ेंगे।”

कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे ‘‘दतिया की जनता की जीत, 2028 के विधानसभा चुनाव का शंखनाद और कांग्रेस नेताओं के सामूहिक प्रयास’’ का नतीजा करार दिया।

उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि दतिया की जनता ने मध्यप्रदेश की भाजपा नीत सरकार के भ्रष्टाचार, आतंक और अहंकार के चेहरे को बेनकाब कर दिया है।’’

यादव ने कहा कि पार्टी दतिया की जनता का सदैव आभारी रहेगी, जिन्होंने मध्यप्रदेश में 2028 के विधानसभा चुनाव का शंखनाद करते हुए बदलाव और भाजपा की विदाई की नींव रख दी है।

उन्होंने कहा कि दतिया की जनता ने अपने मत से एक नई दिशा में प्रदेश को ले जाने के लिए रास्ता दिखाया है और बताया है कि देश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व को पसंद करने लगा है तथा उनके उठाए मुद्दों पर दतिया की जनता ने मुहर लगाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जेन-जेड’ का देश में जो आंदोलन हुआ और राहुल गांधी ने जिस प्रकार से उसका समर्थन किया, उसका असर भी चुनाव में साफ तौर पर देखने को मिला।

‘जेन जेड’ उस पीढ़ी को कहा जाता है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है। यह वह युवा वर्ग है जो तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया के साथ बड़ा हुआ है।

पटवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, उनके पुत्र व विधायक जयवर्धन सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा और कमलेश्वर पटेल सहित कई अन्य नेताओं का नाम लेते हुए इस जीत को पार्टी के सामूहिक प्रयास का नतीजा बताया।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उपचुनाव में जीत को पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता की मेहनत का परिणाम बताया और कहा कि यह जीत सिर्फ एक उपचुनाव की जीत भर नहीं है, बल्कि देश और प्रदेश की हवा में हो रहे बदलाव का संकेत है।

उन्होंने कहा, ‘हमारे नेता राहुल गांधी ने देश के छात्रों में जो जागृति पैदा की है, आज वह समाज के हर वर्ग को आंदोलित कर रही है।’’

कमलनाथ ने दावा किया भाजपा के कुशासन से समाज का हर वर्ग परेशान है और जनता अब इस भ्रष्‍ट शासन से मुक्ति चाहती है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसी बदलाव की शुरुआत आज मां पीतांबरा की नगरी दतिया से हुई है।’’

खंडेलवाल ने कहा कि दतिया के जनादेश को भाजपा स्वीकार करती है और जो परिणाम आए हैं उसकी समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा में अनुशासन सर्वोपरि है और हमारे यहां सभी कार्यकर्ता एक बराबर हैं। इसलिए, समीक्षा के बाद जो भी निष्कर्ष निकलेगा, उसके अनुसार पार्टी अनुशासन को सर्वोपरि रखते हुए कदम उठाएगी।’’

दिग्विजय सिंह ने एक बयान में दतिया की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह कांग्रेस के उन सभी जांबाज कार्यकर्ताओं को सलाम करते हैं, जिन्होंने सब दुख-दर्द सह कर भी कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि यह जीत अपने आप में उनकी बहादुरी और उनकी कर्मठता को प्रमाणित करती है।

सिंघार ने कहा कि जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ताओं की मेहनत, संघर्ष और एकजुटता का परिणाम है।

उन्होंने कहा, ‘दतिया विधानसभा में कांग्रेस की जीत 2028 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में होने वाले बदलाव का शंखनाद है।’

इससे पहले, मतगणना सोमवार सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पॉलिटेक्निक कॉलेज में शुरू हुई।

इस सीट से कांग्रेस विधायक रहे राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के एक मामले में दिल्ली की अदालत द्वारा इस वर्ष अप्रैल में तीन वर्ष की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद उनकी विधानसभा की सदस्यता समाप्त हो गई थी। उसके बाद इस सीट पर उपचुनाव कराना जरूरी हो गया था।

दतिया उपचुनाव में घनश्याम सिंह और आशुतोष तिवारी सहित कुल 21 उम्मीदवार मैदान में थे।

उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को हुए मतदान में 71.44 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।

राजेंद्र भारती ने 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा नेता एवं प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,700 से अधिक मतों से पराजित किया था।

जानकारों का कहना है कि दतिया की जीत से आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का मनोबल बढ़ेगा जबकि भाजपा और उसके प्रदेश नेतृत्व पर सवाल खड़े होंगे, जिसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई देगी।

भाषा ब्रजेन्द्र जितेंद्र

जितेंद्र