जरूरत की खबर- युवाओं में निकोटिन पाउच का बढ़ता क्रेज: ये स्मोकिंग की लत छुड़ाता है या नई लत लगाता है? जानें इसके साइड इफेक्ट
जरूरत की खबर- युवाओं में निकोटिन पाउच का बढ़ता क्रेज:ये स्मोकिंग की लत छुड़ाता है या नई लत लगाता है? जानें इसके साइड इफेक्ट
2 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा
कॉपी लिंक
आजकल निकोटिन पाउच युवाओं के बीच तेजी से पॉपुलर हो रहा है। सिगरेट और दूसरे तंबाकू प्रोडक्ट्स से अलग, निकोटिन लेने के इस तरीके ने लोगों का ध्यान खींचा है।
यह छोटे-से सफेद पाउच में आता है, जिसे होंठ और मसूड़ों के बीच रखकर यूज किया जाता है। इसमें न धुआं निकलता है, न स्मेल आती है। यही वजह है कि कई लोग इसे सिगरेट का सेफ ऑप्शन मानने लगे हैं।
हालांकि, इसमें मौजूद निकोटिन की लत लग सकती है। इसके अलावा हार्ट, ब्लड प्रेशर और मेंटल हेल्थ पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है।
‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ (WHO) ने हाल ही में निकोटिन पाउच की बढ़ती बिक्री और युवाओं में इसके बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताई है। WHO का कहना है कि निकोटिन पाउच के 'टोबैको-फ्री' और 'क्लीन' जैसे दावे युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं।
इसलिए आज 'जरूरत की खबर' में निकोटिन पाउच के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
निकोटिन पाउच एक छोटा सफेद पाउच होता है। आमतौर पर इसमें तंबाकू की पत्तियां नहीं होतीं।
इसमें निकोटिन, फ्लेवर, स्वीटनर और प्लांट बेस्ड फाइबर जैसे पदार्थ होते हैं।
इसे होंठ और मसूड़ों के बीच रखा जाता है, जहां से निकोटिन मुंह की अंदरूनी स्किन के जरिए ब्लड में पहुंच जाता है।
इसमें धुआं नहीं निकलता। इसलिए कई लोग इसे सिगरेट के विकल्प के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
सवाल- यह कैसे काम करता है?
जवाब- पॉइंटर्स से समझिए-
निकोटिन पाउच मुंह की अंदरूनी स्किन (म्यूकोसा) के जरिए सीधे ब्लड में पहुंचता है।
यह ब्लड के जरिए ब्रेन तक पहुंचता है और डोपामाइन (फील-गुड केमिकल) का लेवल बढ़ा देता है।
इससे कुछ समय के लिए खुशी, सुकून या एनर्जी का एहसास होता है।
जब यह असर खत्म होने लगता है, तो दोबारा इसे लेने की इच्छा होती है।
बार-बार इसे लेने से निकोटिन की लत लग सकती है।
सवाल- निकोटिन पाउच में कौन-से ऑर्गेनिक और केमिकल कंपाउंड्स होते हैं?
जवाब- इसमें कई तरह के ऑर्गेनिक और केमिकल कंपाउंड्स होते हैं, जो अलग-अलग काम करते हैं।
निकोटिन- नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है और लत का मुख्य कारण है।
सेल्यूलोज (प्लांट फाइबर)- पाउच को टेक्सचर और साइज देता है।
फ्लेवरिंग एजेंट्स- स्वाद और खुशबू बढ़ाते हैं।
स्वीटनर- कड़वाहट कम करते हैं।
पीएच रेगुलेटर (सोडियम कार्बोनेट/सोडियम बाइकार्बोनेट)- निकोटिन को मुंह की अंदरूनी स्किन से तेजी से अवशोषित होने में मदद करते हैं।
ह्यूमेक्टेंट और स्टेबलाइजर- नमी बनाए रखते हैं और प्रोडक्ट की क्वालिटी को स्थिर रखते हैं।
सवाल- युवा इसकी ओर क्यों आकर्षित हो रहे हैं?
जवाब- कंपनियां निकोटिन पाउच को अक्सर 'स्मोक-फ्री' और 'कूल लाइफस्टाइल' का हिस्सा बताकर प्रमोट करती हैं। अलग-अलग फ्लेवर, आसानी से जेब में रखने और बिना धुएं के इस्तेमाल होने जैसी बातें भी युवाओं को इसकी ओर आकर्षित करती हैं। ग्राफिक में सभी वजहें देखिए-
सवाल- निकोटिन पाउच में निकोटिन की मात्रा कितनी होती है?
जवाब- यह अलग-अलग ब्रांड और प्रोडक्ट के अनुसार बदलती है।
आमतौर पर एक पाउच में 2-20 मिलीग्राम तक निकोटिन हो सकता है।
ज्यादातर प्रोडक्ट 3, 4, 6 या 8 मिलीग्राम वाले होते हैं।
कुछ हाई-स्ट्रेंथ पाउच में 10, 12, 15 या 20 मिलीग्राम तक निकोटिन होता है।
सवाल- क्या युवा सिगरेट छोड़ने के लिए निकोटिन पाउच ले रहे हैं?
जवाब- हां, उन्हें लगता है कि धुआं और तंबाकू न होने की वजह से यह सेफ ऑप्शन है, जबकि यह सेफ नहीं है। इसे बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल करने से एक लत को छोड़ने के चक्कर में दूसरी लत लग सकती है।
सवाल- क्या यह नुकसानदायक है?
जवाब- हां, इसमें मौजूद निकोटिन शरीर पर नेगेटिव असर डालता है और इसकी लत लग सकती है।
सवाल- निकोटिन पाउच के हेल्थ रिस्क क्या हैं?
जवाब- निकोटिन पाउच का इस्तेमाल करने से शॉर्ट और लॉन्ग टर्म में कई तरह के हेल्थ रिस्क हो सकते हैं। इसे ग्राफिक में देखिए-
सवाल- क्या निकोटिन पाउच से कैंसर का रिस्क बढ़ता है?
जवाब- मौजूदा साइंटिफिक एविडेंस के मुताबिक, निकोटिन खुद कैंसर पैदा करने वाला (कार्सिनोजेन) पदार्थ नहीं माना जाता। हालांकि, यह शरीर की कुछ सेल्स के काम करने के तरीके को प्रभावित कर सकता है। निकोटिन पाउच से कैंसर के रिस्क को लेकर अभी रिसर्च की जा रही है।
सवाल- अगर कोई गलती से निकोटिन पाउच निगल ले तो क्या होता है?
जवाब- गलती से निगलने पर निकोटिन पॉइजनिंग हो सकती है। ऐसे में कुछ लक्षण दिखाई देते हैं। ग्राफिक में देखिए-
सवाल- क्या निकोटिन पाउच की भी लत लग सकती है?
जवाब- हां, इसमें मौजूद निकोटिन एक ‘हाई एडिक्शन सब्सटेंस’ है। इसे बार-बार इस्तेमाल करने पर शरीर और ब्रेन को इसकी आदत हो जाती है, जो समय के साथ ‘निकोटिन डिपेंडेंसी’ में बदल सकती है।
सवाल- कैसे पहचानें कि इसकी लत लग गई है?
जवाब- कुछ लक्षण बताते हैं कि निकोटिन पाउच की लत लग गई है। ग्राफिक में सभी लक्षण देखिए-
सवाल- किन लोगों को निकोटिन पाउच बिल्कुल यूज नहीं करना चाहिए?
जवाब- इन लोगों को निकोटिन पाउच का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए-
जिन्हें निकोटिन एलर्जी है।
जिनका बीपी हाई रहता है।
जिन्हें हार्ट डिजीज है।
18 साल से कम उम्र के बच्चे और किशोर।
गर्भवती महिलाएं।
ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाएं।
सवाल- निकोटिन पाउच की लत छोड़ने के लिए क्या करें?
जवाब- निकोटिन की लत छोड़ना मुश्किल हो सकता है, लेकिन सही प्लानिंग और थेरेपिस्ट की मदद से इसे छोड़ा जा सकता है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें-
सबसे पहले डॉक्टर से सलाह लें।
एक क्विट डेट (छोड़ने की तारीख) तय करें और उसी के अनुसार योजना बनाएं।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार धीरे-धीरे निकोटिन की मात्रा कम करें।
जरूरत पड़ने पर सर्टिफाइड निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी (जैसे निकोटिन गम, पैच और लोजेंज) या अन्य दवाएं लें।
उन स्थितियों और आदतों (ट्रिगर्स) को पहचानें, जिनकी वजह से निकोटिन लेने की इच्छा होती है। उनसे बचने की कोशिश करें।
परिवार और दोस्तों का सहयोग लें, ताकि मुश्किल समय में हौसला मिले।
अपने रूटीन में रेगुलर एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और स्ट्रेस कम करने वाली एक्टिविटीज शामिल करें।
अगर दोबारा निकोटिन लेने का मन करे या गलती से इस्तेमाल हो जाए, तो निराश न हों। फिर से छोड़ने की कोशिश करें।
निकोटिन पाउच से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब
सवाल- क्या निकोटिन पाउच में तंबाकू होता है?
जवाब- ज्यादातर निकोटिन पाउच में तंबाकू की पत्तियां नहीं होतीं। हालांकि, बाजार में कुछ ऐसे ओरल निकोटिन प्रोडक्ट भी मिलते हैं, जिनमें तंबाकू होता है।
सवाल- एक निकोटिन पाउच को कितनी देर तक मुंह में रखा जाता है?
जवाब- आमतौर पर एक निकोटिन पाउच को 20-60 मिनट तक होंठ और मसूड़ों के बीच रखा जाता है। यह समय अलग-अलग ब्रांड और उसमें मौजूद निकोटिन की मात्रा के अनुसार बदल सकता है।
सवाल- क्या निकोटिन पाउच से दांत खराब हो सकते हैं?
जवाब- हां, इससे दांतों के आसपास के टिश्यू को नुकसान हो सकता है। अगर ओरल हाइजीन का ध्यान न रखा जाए, तो दांतों और मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं का रिस्क बढ़ सकता है।
सवाल- क्या निकोटिन पाउच खेलने या जिम करने वालों के लिए सेफ है?
जवाब- नहीं, निकोटिन कुछ समय के लिए अलर्टनेस बढ़ा सकता है, लेकिन यह हार्ट बीट और ब्लड प्रेशर भी बढ़ाता है। इससे एक्सरसाइज के दौरान शरीर पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ता है।
सवाल- क्या निकोटिन पाउच का इस्तेमाल करने के बाद गाड़ी चलाना सेफ है?
जवाब- अगर निकोटिन पाउच लेने के बाद चक्कर, मतली, बेचैनी, सिर हल्का लगना या फोकस करने में दिक्कत महसूस हो रही हो, तो गाड़ी नहीं चलानी चाहिए।
……………………
जरूरत की ये खबर भी पढ़िए
जरूरत की खबर- लिवर ने एक चिट्ठी लिखी है: बताई है अपनी पसंद-नापसंद, 7 संकेतों से समझें लिवर की नाराजगी, उसे खुश रखने के टिप्स
हम अक्सर अपनी पसंद का खाना चुनते हैं। कोई पिज्जा का शौकीन होता है तो कोई मिठाई का। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे बॉडी ऑर्गन्स की भी अपनी पसंद-नापसंद होती है? पूरी खबर पढ़िए…
.
खबरें और भी हैं...
जरूरत की खबर- बारिश में कपड़ों से आती स्मेल: हो सकती है स्किन एलर्जी, एक्सपर्ट से जानें- बैड स्मेल कैसे भगाएं, कपड़े कैसे रखें फ्रेश
1:07
कॉपी लिंक
शेयर
जरूरत की खबर- बारिश में जल्दी खराब होते आटा-चावल, दाल: बढ़ता बैक्टीरिया-फंगस का रिस्क, एक्सपर्ट से जानें मानसून फूड स्टोरेज टिप्स
1:28
कॉपी लिंक
शेयर
जरूरत की खबर- लिवर ने एक चिट्ठी लिखी है: बताई है अपनी पसंद-नापसंद, 7 संकेतों से समझें लिवर की नाराजगी, उसे खुश रखने के टिप्स
1:21
कॉपी लिंक
शेयर
जरूरत की खबर- मानसून में रोड ट्रिप की प्लानिंग: पहले चेक करें ये 9 चीजें, इन 7 जगहों पर न जाएं, साथ ही ट्रैवल सेफ्टी चेकलिस्ट