मध्य प्रदेश शासन का बड़ा फैसला: सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन प्रक्रिया और बजट कोडिंग में हुए क्रांतिकारी बदलाव
भोपाल, 4 अगस्त 2026: मध्य प्रदेश शासन ने सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के हितों और बजटीय पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए दो महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। संचालनालय पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा द्वारा 4 अगस्त 2026 को जारी पत्र के अनुसार, अब सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों की वसूली के समायोजन (settlement of recoveries), आवास रिक्त करने की जानकारी और प्रत्याशित/प्रावधिक पेंशन एवं उपदान (anticipatory/provisional pension and gratuity) के भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया गया है। शासन का मुख्य उद्देश्य इस पूरी व्यवस्था को IFMIS (Integrated Financial Management Information System) के माध्यम से सरल और पारदर्शी बनाना है ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद भटकना न पड़े।
Digital Process for Recovery Settlement and Provisional Pension on IFMIS Portal
नवीन व्यवस्था के तहत, अब पेंशन प्रस्तावक अधिकारियों को ईमेल के बजाय सीधे IFMIS पोर्टल का उपयोग करना होगा। पूर्व में यह जानकारी ईमेल के माध्यम से भेजी जाती थी, लेकिन अब IFMIS में इसके लिए विशेष सुविधा विकसित कर ली गई है। आदेश के अनुसार, जैसे ही सेवानिवृत्त शासकीय सेवक का PPO (Pension Payment Order) जारी होगा, उसके बाद पोर्टल पर लॉगिन कर रिकवरी और पेंशन संबंधी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके लिए पोर्टल पर विशेष नेविगेशन SM -> Exit Management -> Employee Anticipatory/Provisional -> Recovery Details निर्धारित किया गया है।
Implementation of MP Civil Service Pension Rules 2026 for Housing Recovery
पेंशन आदेशों में तेजी लाने के लिए यह स्पष्ट किया गया है कि IFMIS पर जानकारी प्रेषित होने के बाद ही SCPPC स्तर से उपदान (gratuity) भुगतान और पेंशन प्राधिकार आदेश जारी किए जाएंगे। यदि किसी कर्मचारी की कोई वसूली शेष नहीं है, तो पोर्टल पर 'शून्य' राशि अंकित करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, शासकीय आवास रिक्त करने के संबंध में मध्य प्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2026 के नियम 51 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रक्रिया से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भुगतान में होने वाली देरी को कम किया जा सकेगा।
Standardization of Object Heads and 5-Digit Detailed Head Mapping in MP Budget
पेंशन सुधारों के साथ-साथ, राज्य सरकार ने अपनी बजटीय संरचना में भी बड़े बदलाव किए हैं। वित्त विभाग द्वारा 31 जुलाई 2026 को जारी निर्देश के अनुसार, भारत सरकार के निर्देशों और CAG के अनुपालन में उद्देश्य शीर्षों (Object Heads) का मानकीकरण किया जा रहा है। अब राज्य में प्रचलित उद्देश्य शीर्षों और विस्तृत शीर्षों का संविलयन कर 5-डिजिट के नवीन विस्तृत शीर्ष (5-digit new detailed heads) तैयार किए गए हैं। यह नई व्यवस्था वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट अनुमानों से प्रभावी होगी, जिसका लक्ष्य वित्तीय रिपोर्टिंग में एकरूपता और पारदर्शिता लाना है।
Impact of New Budgetary Structure on Transparency and Financial Reporting
बजट प्रक्रिया को और अधिक सटीक बनाने के लिए शासन ने उन शीर्षों को विलोपित (delete) करने का निर्णय लिया है जो वर्तमान में अप्रचलित या दोहरे अर्थ वाले हो गए थे। उदाहरण के लिए, अब वेतन के लिए '11002' और भत्तों के लिए '11026' जैसे विशिष्ट कोड का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) के वर्गीकरण के लिए 1 लाख रुपये की वित्तीय सीमा या 3 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा का मापदंड निर्धारित किया गया है। इन तकनीकी बदलावों से राज्य की बजटीय व्यवस्था राष्ट्रीय स्तर की लोक वित्त प्रबंधन प्रणाली (PFM) के अनुरूप हो जाएगी, जिससे ऑडिट और अकाउंटिंग में आसानी होगी।रिपोर्ट: शोएब सिद्दीकी।
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