हरिद्वार-मुरादाबाद मार्ग पर कांवड़ियों के लिए अलर्ट, जिस रास्ते से लाएंगे गंगाजल; वहीं घूम रहा खूंखार तेंदुआ

तेंदुए ने महिला पर किया हमला
Kanwar Yatra Safety: उत्तराखंड के हरिद्वार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले हरिद्वार-मुरादाबाद कांवड़ पथ मार्ग पर इन दिनों तेंदुए (गुलदार) की बढ़ती सक्रियता ने कांवड़ यात्रियों, स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी है. हाल ही में मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा इलाके में तेंदुए के अचानक हुए हिंसक हमले में एक महिला की मौत हो गई है, जिसके बाद से पूरे इलाके में खौफ और दहशत का माहौल बना हुआ है. घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन और मुरादाबाद पुलिस तुरंत हरकत में आ गए है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 25 किलोमीटर लंबे इस कांवड़ मार्ग पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.
पुलिस प्रशासन ने तेंदुए की उपस्थिति वाले क्षेत्रों में सचेत रहने के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग व चेतावनी पोस्टर लगाए हैं. साथ ही इस पूरे मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के उद्देश्य से सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर दिए गए हैं. रात के समय श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वन्यजीवों का खतरा कम रहे. इसके लिए 25 किलोमीटर के दायरे में विशाल जनरेटर लगाकर रोशनी की समुचित व्यवस्था की गई है. मुरादाबाद पुलिस ने कांवड़ियों से विशेष अपील करते हुए इस संवेदनशील इलाके में अकेले न चलने और समूह में यात्रा करने का निर्देश दिया है.
सुरक्षा इंतजाम एवं पुलिस की एडवाइजरी
ठाकुरद्वारा में हुई दुखद घटना के बाद मुरादाबाद पुलिस और जिला प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. 25 किलोमीटर के इस संवेदनशील पथ पर जगह-जगह चेतावनी देने वाले फ्लेक्स, बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं. जिन पर स्पष्ट रूप से अंकित है कि यह क्षेत्र गुलदार से प्रभावित है. पुलिस प्रशासन द्वारा यात्रियों को विशेष सलाह दी जा रही है कि वे रात्रि के समय घने जंगलों, खेतों और सुनसान इलाकों की ओर रुख न करें है. संपूर्ण कांवड़ पथ को पर्याप्त रोशनी से जगमग करने के लिए भारी-भरकम जनरेटर सेट तैनात किए गए हैं. इसके अतिरिक्त, वन्यजीवों की आवाजाही और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने हेतु सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ पुलिस पिकेट की तैनाती की गई है.
तेंदुए के खतरे को लेकर हाई अलर्ट
मुरादाबाद जिले के यह महत्वपूर्ण कांवड़ मार्ग ग्रामीण अंचलों और घने कृषि क्षेत्रों के बीच से होकर गुजरता है, जहां गन्ने के लंबे और घने खेतों के कारण तेंदुओं को छिपने का मुफीद ठिकाना मिल जाता है. अतीत में भी इस मार्ग पर कई बार तेंदुए की साइटिंग दर्ज की जा चुकी है. महिला पर हुए हमले के बाद श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए पुलिस द्वारा लाउडस्पीकर के जरिए लगातार मुनादी कराई जा रही है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब कांवड़िया बड़े समूहों में चलते हैं, तो वन्यजीवों के हमले का खतरा काफी हद तक टल जाता है. जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है, ताकि कांवड़ यात्रा बिना किसी अनहोनी के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके है.

शारिक सिद्दिकी
पिछले 4 सालों से पत्रकारिता के फील्ड में हूं, निष्पक्ष पत्रकारिता का पक्षधर और सच्चाई के साथ अपने कर्तव्य का पालन करना ही मेरा उद्देश्य.
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