Narendra Singh Tomar Apologized: विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर वे कुशवाह समाज पर टिप्पणी पर खेद प्रकट किया, लिखा- समाज के अपमान की बात सपने में भी नहीं सोच सकता
Narendra Singh Tomar Apologized: मध्यप्रदेश विधानसभा के स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर एक लेटर सामने आया है। जिसमें गुलाटी मारने वाले बयान पर कुशवाह समाज से खेद प्रकट किया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल यह लेटर 4 अगस्त 2026 को लिखा गया है। इस वायरल लेटर में स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर को लेकर लिखा है कि कि प्रिय कुशवाह समाज बन्धुओं हम पिछले सप्ताह मुरैना बीजेपी जिला अध्यक्ष कमलेश कुशवाह के घर पहुंचे थे। यह एक पारिवारिक कार्यक्रम था और उसी माहोल में चर्चा हो रही थी।
कुशवाह समाज और हम लोग एक-दूसरे के पूरक
लेटर में आगे लिखा कि कुशवाह समाज और हम लोग एक दूसरे पूरक हैं, इसी भाव से जीवन भर कुशवाह समाज का सम्मान करता रहा हूं और जीवन पर्यन्त करता रहूंगा। मैं अपमान करने की बात सपने में भी नहीं सोच सकता, यदि मेरे किसी शब्द से किसी समाज बन्धु को ठेस लगी है तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं। आप लोगों को जो तकलीफ हुई है उसके लिए खेद व्यक्त करता हूं।
पढ़ें लेटर...
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पढ़ें नरेंद्र सिंह तोमर में क्या कहा था?
31 जुलाई को मुरैना जिले के शिवनगर स्थित बीजेपी अध्यक्ष कमलेश कुशवाह के निवास पर अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने मंच से कुशवाह समाज को लेकर बयान दिया था।
जिसका वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इससे कुशवाह समाज के उनके खिलाफ भारी आक्रोश था। पूर्व कांग्रेस विधायक सोनेराम कुशवाह और अखंड भारत महासंघ ने उनके बयान की निंदा की थी। पूर्व विधायक सोनेराम ने कहा था कि समाज को बीजेपी से प्रमाणपत्र की कोई जरूरत नहीं है।
कुशवाह समाज इधर-उधर गुलाटी मारता रहा
स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि बीजेपी सदैव कुशवाह समाज के प्रति सहिष्णु और समर्पित रही है। ये बात अलग है कि कुशवाह समाज बीच-बीच में इधर-उधर गुलाटी मारता रहा। इस कारण आपने अपनी विश्वसनीयता को खंडित किया है।
वीडियो में आगे अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर कह रहे हैं कि सवाल ये नहीं है कि कौन किसका समर्थन करेगा। लोकतंत्र का बड़ा सवाल ये है कि पूछ-प्रतिष्ठा उसकी रहती है जो एक खूंटे से बंधे रहता है।
एक खूंटे से बंधने पर सालों तक इज्जत मिलेगी
उन्होंने आगे यह भी कहा कि एक खूंटे से बंधे रहने पर मृत्यु के बाद सालों तक इज्जत मिलती रहेगी। कालीचरण कुशवाह कृषि उपज मंडी बामौर के नाम से 100 बरस तक याद रखे जाएंगे।
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