Cancer Early Symptoms : हर सुबह दिखने वाले ये छोटे लक्षण न करें नजरअंदाज, हो सकता है कैंसर का संकेत
शरीर में कैंसर की शुरुआत अक्सर बहुत ही साधारण लक्षणों से होती है जिन्हें हम रोजमर्रा की थकान या इंफेक्शन समझ लेते हैं। सुबह उठते ही गले में बदलाव, अत्यधिक कमजोरी और मल त्याग की आदतों में फर्क इस जानलेवा बीमारी के गंभीर अलार्म हो सकते हैं।
Cancer Early Symptoms : भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब लाइफस्टाइल के बीच हमारा शरीर कई बार अंदर पनप रही बीमारियों के सिग्नल देता है, जिन्हें हम अक्सर काम का तनाव मानकर टाल देते हैं।
मेडिकल साइंस के अनुसार, कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की जड़ें जब शरीर में जमना शुरू होती हैं, तो सुबह के वक्त कुछ खास शारीरिक बदलाव नजर आते हैं। अगर इन संकेतों को पहले स्टेज पर ही पहचान लिया जाए, तो इलाज की संभावना और सफलता कई गुना बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कैंसर कोशिकाएं शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली में हस्तक्षेप करती हैं, जिसका असर सबसे पहले हमारी ऊर्जा और बेसिक बॉडी फंक्शन पर पड़ता है। नीचे दिए गए तीन लक्षणों को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
1. गले की खराश और आवाज का बदलना
आमतौर पर सुबह सोकर उठने पर गले में हल्की खराश या भारीपन को लोग ठंडा पानी पीने या मौसम का असर मान लेते हैं। अगर यह समस्या दो-तीन दिनों में ठीक हो जाए तो चिंता की बात नहीं, लेकिन यदि हफ्तों तक आपकी आवाज फटी हुई लगे या निगलने में तकलीफ बनी रहे, तो यह खतरे की घंटी है।
यह फेफड़ों के कैंसर (Lung Cancer) या गले के कैंसर (Throat Cancer) का शुरुआती लक्षण हो सकता है, जहां ट्यूमर वोकल कॉर्ड्स या श्वसन नली पर दबाव बनाने लगता है।
2. नींद के बाद भी बनी रहने वाली भारी थकान
क्या आप रात में 7 से 8 घंटे की भरपूर नींद लेने के बाद भी सुबह उठते ही खुद को निढाल महसूस करते हैं? अगर बिना किसी भारी शारीरिक काम के भी शरीर टूटा-टूटा रहता है, तो इसे ‘क्रोनिक फटीग’ कहते हैं।
कैंसर कोशिकाएं तेजी से बढ़ने के लिए शरीर के पोषक तत्वों और ऊर्जा का उपभोग करती हैं, जिससे मरीज को भारी कमजोरी महसूस होती है। यह लक्षण विशेष रूप से ब्लड कैंसर (Leukemia) और पेट के कैंसर (Stomach Cancer) में सबसे पहले दिखाई देता है।
3. बॉवेल हैबिट्स और मल में खून का आना
सुबह फ्रेश होते समय यदि आपको लगातार दर्द का अनुभव हो रहा है या मल के साथ गहरे लाल रंग का खून दिखाई दे रहा है, तो इसे केवल पाइल्स (बवासीर) समझने की गलती न करें।
बड़ी आंत यानी कोलोरेक्टल कैंसर के मामले में शौच की आदतों में अचानक बदलाव आ जाता है। इसमें कभी हफ्तों तक कब्ज रहती है तो कभी अचानक दस्त लग जाते हैं। इस तरह का अनियमित चक्र और ब्लीडिंग सीधे तौर पर ट्यूमर की मौजूदगी का संकेत हो सकता है।
सावधानी ही बचाव है
यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि ऊपर बताए गए लक्षण किसी अन्य साधारण बीमारी के भी हो सकते हैं। हालांकि, यदि इनमें से कोई भी समस्या लगातार दो सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहती है, तो तुरंत ऑन्कोलॉजिस्ट या सामान्य चिकित्सक से परामर्श लें।
कैंसर के विरुद्ध लड़ाई में सही समय पर डायग्नोसिस ही सबसे बड़ा हथियार है।