संभल हिंसा के सांसद बर्क मुख्य दोषी: पिता बोले- यह सरकार के लोग, बेटे ने कुछ गलत नहीं कहा था - Sambhal News
- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Sambhal
- Sambhal Violence Probe Report | MP Barq Named Key Accused In Judicial Inquiry
संभल हिंसा के सांसद बर्क मुख्य दोषी:पिता बोले- यह सरकार के लोग, बेटे ने कुछ गलत नहीं कहा था
सनी गुप्ता, संभल2 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

संभल में श्री हरि मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा की न्यायिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश कर दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित त्रिस्तरीय न्यायिक आयोग ने 5 अगस्त 2025 को अपनी 854 पन्नों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसके ठीक एक वर्ष बाद, 5 अगस्त 2026 को अनुपूरक बजट सत्र के दौरान यह रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी गई।
रिपोर्ट में सांसद, मस्जिद पदाधिकारियों समेत कई लोगों के नाम
न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क, विधायक पुत्र सुहैल इकबाल, शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली, सचिव मशहूद अली फारुखी, अधिवक्ता कासिम जमाल और मस्जिद के उपाध्यक्ष रहे लड्डन खान का उल्लेख किया गया है। हालांकि, लड्डन खान का निधन हो चुका है।

सांसद के पिता ने रिपोर्ट पर उठाए सवाल
गुरुवार शाम को सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आयोग सरकार द्वारा गठित था, इसलिए उसने सरकार के अनुरूप ही कार्य किया। उन्होंने रिपोर्ट को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि उनके पुत्र ने ऐसा कोई कार्य नहीं किया था, जैसा रिपोर्ट में उल्लेखित है।
कोर्ट कमिश्नर ने बताया सर्वे के दौरान क्या हुआ
कोर्ट कमिश्नर रमेश राघव ने बताया- 19 नवंबर 2024 को पहला सर्वे करीब दो घंटे तक चला था। नमाज का समय होने के कारण बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और धार्मिक नारेबाजी शुरू हो गई। बिजली बाधित होने से सर्वे प्रभावित हुआ।
उन्होंने बताया कि 24 नवंबर की सुबह दोबारा सर्वे शुरू किया गया, जो लगभग ढाई घंटे तक चला। इस दौरान बाहर से गोली चलने और पथराव की आवाजें आती रहीं। सर्वे पूरा होने के बाद प्रशासन ने उन्हें हिंदू बस्ती के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला। उनके अनुसार, भीड़ का उद्देश्य सर्वे को बाधित करना और सर्वे टीम पर हमला करना था।

आयोग ने पुराने दंगों का भी किया उल्लेख
रिपोर्ट में संभल के वर्ष 1978 के बड़े दंगे सहित 1936, 1947, 1948, 1953, 1958, 1962, 1976, 1978, 1980, 1990, 1992, 1995, 2001, 2019 और 2024 की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। आयोग ने कई मृतकों के परिजनों और विभिन्न पक्षों के बयान दर्ज कर ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को भी रिपोर्ट का हिस्सा बनाया।

एक नजर में संभल हिंसा…
19 नवंबर 2024: मंदिर होने का दावा और पहला सर्वे
हिंदू पक्ष ने चंदौसी की सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा पेश किया। उसी शाम कोर्ट कमिश्नर रमेश राघव ने पहला सर्वे किया।
22 नवंबर 2024: जुमे की नमाज के बाद बयान
जुमे की नमाज के बाद सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने मस्जिद की सीढ़ियों पर कहा कि "मस्जिद है और मस्जिद ही रहेगी।
24 नवंबर 2024: सर्वे के दौरान हिंसा
सुबह 7:35 बजे सर्वे शुरू हुआ। आयोग के अनुसार करीब 8:40 बजे बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और पथराव व फायरिंग की घटनाएं हुईं।
दिसंबर 2024 से फरवरी 2025: आयोग के कई दौरे
आयोग ने 1 दिसंबर 2024, 21 जनवरी 2025, 30 जनवरी 2025 और 28 फरवरी 2025 को संभल पहुंचकर अधिकारियों, पक्षकारों, गवाहों और मृतकों के परिजनों के बयान दर्ज किए।
5 अगस्त 2025: सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट
हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश देवेंद्र अरोड़ा की अध्यक्षता वाले त्रिस्तरीय आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी।
5 अगस्त 2026: विधानसभा में रिपोर्ट पेश
रिपोर्ट सौंपे जाने के एक वर्ष बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट सत्र के दौरान 854 पन्नों की न्यायिक जांच रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत की।
.