ठाणे DCC बैंक चुनाव में शिवसेना को झटका पर महायुति की हुई बंपर जीत| Navbharat Live
ठाणे जिला सहकारी बैंक पर महायुति का ऐतिहासिक कब्जा, शिंदे-चव्हाण की रणनीति से टूटा मजबूत किला
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Written By:
अनिल सिंह
Updated On: Jul 11, 2026 | 05:11 PM IST
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सार
Thane District Cooperative Bank Election Mahayuti Win: ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में बीजेपी-शिवसेना महायुति ने 14 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।

ठाणे जिला सहकारी बैंक पर महायुति की हुई बंपर जीत (फोटो क्रेडिट-X)
विस्तार
Thane District Cooperative Bank Election: महाराष्ट्र की सहकार राजनीति के सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक ‘ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक’ के संचालक मंडल और शीर्ष पदों के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। इस बेहद हाई-प्रोफाइल चुनावी मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और सूबे के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सोची-समझी और अचूक राजनीतिक बिसात का असर साफ देखने को मिला।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में बीजेपी-शिवसेना महायुति ने निर्णायक और ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए बैंक की वित्तीय कमान पूरी तरह से अपने हाथों में ले ली है। इस परिणाम के साथ ही बैंक पर सालों से काबिज विपक्षी ताकतों को करारा झटका लगा है।
दो अलग पैनलों से चली गई थी सोची-समझी चाल
दरअसल, ठाणे जिला सहकारी बैंक की कार्यकारिणी के मुख्य चुनाव में इस बार ‘सहकार पैनल’ और ‘परवर्तन पैनल’ के बीच आमने-सामने का सीधा और कड़ा मुकाबला था। सालों से बैंक की सत्ता पर एकछत्र राज कर रहे बहुजन विकास आघाड़ी (BVA) के राजनीतिक प्रभाव और वर्चस्व को समूल समाप्त करने के उद्देश्य से रवींद्र चव्हाण और एकनाथ शिंदे ने एक खास चक्रव्यूह रचा था।
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रणनीति के तहत बीजेपी और शिवसेना के मजबूत उम्मीदवारों को दोनों ही विरोधी पैनलों से चुनाव मैदान में उतारा गया था। जब नतीजे आए, तो दोनों पैनलों को मिलाकर बीजेपी-शिवसेना महायुति के कुल 14 दिग्गज उम्मीदवार विजयी घोषित हुए, जिसने महायुति का पलड़ा भारी कर दिया।
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वोटिंग में दिखा तालमेल; अरुण पाटील बने नए अध्यक्ष
अध्यक्ष पद के लिए हुए अंतिम शक्ति प्रदर्शन में बीजेपी-शिवसेना महायुति के 14 और बहुजन विकास आघाड़ी के 7 सदस्यों ने अपने मतों का प्रयोग किया। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया की सबसे दिलचस्प और महत्वपूर्ण बात यह रही कि कार्यकारिणी चुनाव के दौरान अलग-अलग विरोधी पैनलों से ताल ठोकने वाले बीजेपी के कद्दावर नेता किसन कथोरे और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल पाटील अध्यक्ष पद की वोटिंग के समय पूरी तरह एकजुट नजर आए।
इसे राजनीतिक गलियारों में रवींद्र चव्हाण की संतुलित और सबको साथ लेकर चलने वाली प्रभावी सांगठनिक रणनीति की जीत माना जा रहा है। चुनाव के अंतिम नतीजों में महायुति के अरुण बालू पाटील भारी मतों से अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किए गए, जबकि भाग्यश्री निलेश भोईर को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली।
सालों पुराना वर्चस्व खत्म; शिवसेना को लगा आंशिक झटका
इस एकतरफा जीत के साथ ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक पर बहुजन विकास आघाड़ी का दशकों पुराना पारंपरिक वर्चस्व और नियंत्रण पूरी तरह से खत्म हो गया है। हालांकि, वोटिंग के दौरान शिवसेना का एक गुप्त वोट टूटने (क्रॉस वोटिंग) की वजह से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को स्थानीय स्तर पर एक हल्का राजनीतिक झटका जरूर लगा है, जिसकी समीक्षा की जा रही है।
बहरहाल, राजनीतिक विश्लेषकों का स्पष्ट मत है कि ठाणे और कोंकण क्षेत्र की सहकारिता राजनीति में यह महायुति की अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक सफलताओं में से एक है, जिसने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए महायुति की जमीन को और मजबूत कर दिया है।
