होर्मुज खोलने के लिए ईरान ने अमेरिका के सामने रख दी ये शर्त, कहां फंसा ओमान संग बातचीत में पेंच?
होर्मुज खोलने के लिए ईरान ने अमेरिका के सामने रख दी ये शर्त, कहां फंसा ओमान संग बातचीत में पेंच?
Middle East Tension: मध्य पूर्व का संकट अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी बात नहीं बनी है. अब ईरान ने डील के लिए अमेरिका के सामने तीन बड़ी शर्तें रख दी हैं.
Middle East Tension: मध्य पूर्व का संकट अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी बात नहीं बनी है. अब ईरान ने डील के लिए अमेरिका के सामने तीन बड़ी शर्तें रख दी हैं.
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होर्मुज खोलने के लिए ईरान ने अमेरिका के सामने रख दी ये शर्त Photograph: (Social Media)
Middle East Tension: मिडिल ईस्ट में अभी भी तनाव बना हुआ है. अमेरिका और ईरान की जंग के चलते दुनिया का सबसे बड़ा तेल सप्लाई रूट होर्मुज भी बंद पड़ा है. जिसके चलते समंदर में सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान और ओमान के बीच इस जलमार्ग को मैनेज करने के लिए एक डील पर बातचीत हो रही है.
- इस डील के तहत ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी और इजरायली जहाजों के प्रवेश पर रोक लगाने और वहां से गुजरने की इजाजत देने से पहले विरोधी देशों से मुआवजा मांगने की कोशिश करेगा.
- ईरान होर्मुज को अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए एक बड़े हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है. वहीं दूसरी और ट्रंप ने इसे छुड़ाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है. जिससे ईरान की सभी चाल अब तक नाकाम साबित हुई हैं.
- ऐसे में मजबूरन ईरान ने ओमान को टेबल पर बिठाया है. इस वार्ता से कुछ सकारात्म संकेत भी मिले हैं. हालांकि इसमें पेंच फंस गया है. क्योंकि ईरान ने होर्मुज को खोलने के बदले में 3 बड़ी शर्तें रखी हैं.
होर्मुज को लेकर ईरान-ओमान की बात बढ़ी आगे
बता दें कि अमेरिका और ईरान की जंग के चलते होर्मुज पिछले पांच महीनों से बंद है. अब इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए पर्दे के पीछे सौदेबाजी लगातार हो रही है. ईरान और ओमान के बीच समझौते को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ गई है.
- ईरान का कहना है कि ओमान के साथ होर्मुज को फिर से खोलने का खाका लगभग तैयार हो चुका है लेकिन वाशिंगटन से हरी झंडी मिलना अभी भी बाकी है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी हटाने के लिए ईरान ने जो तीन मांगें रखी हैं वो क्या-क्या हैं. साथ ही अमेरिका इस डील पर हस्ताक्षर करने से क्यों कतरा रहा है.
ईरान ने होर्मुज को लेकर रखी ये तीन शर्त
ईरान अमेरिका के साथ जंग का पूरा फायदा उठाना चाहता है. ऐसे में तेहरान होर्मुज के पूरे इलाके पर सिर्फ अपना दबदबा कायम रखना चाहता है. अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान ने वार्ता की मेज पर तीन बड़ी शर्तें रखी हैं. इनमें पहली शर्त भारी-भरकम टोल टैक्स लगाना है.
- दरअसल, ईरान की पहली मांग है कि होर्मुज से गुजरने वाले हर कमर्शियल और कार्गो जहाज से उसके माल की कुल कीमत का 5 से 7 प्रतिशत तक शुल्क लिया जाएगा. हालांकि यहां ईरान को इस बात की याद दिलाना जरूरी है कि इस जंग से पहले इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से सभी देश बिना किसी शुल्क के व्यापार करते रहे है.
- इसके साथ ही ईरान होर्मुज पर अपना ट्रैफिक कंट्रोल चाहता है. ईरान चाहता है कि इस पूरे समुद्री रास्ते से कौन सा जहाज गुजरेगा और किसे रोका जाएगा, इसका अंतिम फैसला करने का कानूनी और सैन्य अधिकार सिर्फ तेहरान के पास ही होना चाहिए.
इसके साथ ही ईरान की संसद में एक कड़ा बिल लाया जा रहा है. इसके तहत अमेरिका, इजरायल या फिर ईरान-विरोधी रुख रखने वाले देशों के जहाजों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगाना चाहता है. यही नहीं ईरान नियम तोड़ने वाले जहाजों के माल का 20 प्रतिशत हिस्सा जुर्माने के रूप में जब्त करने की भी तैयारी कर रहा है.
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वहीं होर्मुज को लेकर आ रही नई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान शुल्क लेने वाली अपनी शर्त को छोड़ भी सकता है. हालांकि, वो इस पूरे समुद्री रास्ते पर अपना दबदबा और मिलिट्री कंट्रोल हासिल करने की शर्तों को कम नहीं करना चाहता.
अपनी इस शर्तों के आधार पर ईरान इस इलाके में अपना दबदबा कायम रखना चाहता है. जिससे वह तय कर पाए कि खाड़ी में कौनसा देश एंट्री करेगा और किस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा. इन्हीं सब शर्तों के चलते ईरान और ओमान के बीच बातचीत में पेंच फंस गया है.
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