आगरा के उद्योगपति विवेक बैनारा के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज: दिल्ली के कारोबारी ने लगाए तमंचा दिखाकर धमकाने के आरोप - Up18 News

आगरा: ताजनगरी के जाने-माने उद्योगपति विवेक बैनारा की मुश्किलें कानूनी शिकंजे में फंसने के बाद काफी बढ़ गई हैं। न्यायालय के सख्त आदेश पर न्यू आगरा थाना पुलिस ने उद्योगपति विवेक बैनारा और उनके एक अन्य सहयोगी अरविंद कुमार के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।

यह पूरा मामला राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के एक कारोबारी विनोद कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया है, जिसमें उन्होंने विवेक बैनारा और उनके सहयोगी पर खुलेआम जान से मारने की धमकी देने और जबरन रंगदारी मांगने जैसे बेहद संगीन आरोप लगाए हैं।

शिकायतकर्ता विनोद कुमार ने पुलिस और अदालत को दी गई अपनी शिकायत में विस्तार से बताया है कि उनका उद्योगपति विवेक बैनारा के साथ चेक बाउंस से जुड़ा एक कानूनी विवाद काफी समय से चल रहा था। आरोप है कि इस मामले में जब निचली अदालत की कार्यवाही पूरी होने के बाद विवेक बैनारा को अदालत से बरी कर दिया गया, तो इसके बाद दोनों पक्षों के बीच चल रहा विवाद और अधिक गहरा गया।

विनोद कुमार का सीधा आरोप है कि जब वे किसी सिलसिले में कोर्ट परिसर में मौजूद थे, तो वहां बाहर निकलते ही विवेक बैनारा ने उन्हें सरेआम तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि इस दौरान उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई और कथित तौर पर रंगदारी के रूप में पैसों की मांग भी की गई।

व्हाट्सऐप पर भेजे गए थे धमकी भरे संदेश

पीड़ित कारोबारी ने अपनी शिकायत में यह भी सनसनीखेज आरोप लगाया है कि केवल कोर्ट परिसर के बाहर ही नहीं, बल्कि गत 14 जून को उनके मोबाइल पर व्हाट्सऐप के माध्यम से लगातार धमकी भरे और डराने वाले संदेश भेजे गए थे। इन डिजिटल संदेशों के जरिए उन पर मानसिक दबाव बनाने और मामले को रफा-दफा करने का कुत्सित प्रयास किया गया था।

कारोबारी विनोद कुमार का कहना है कि उन्होंने इस पूरी घटना की लिखित शिकायत सबसे पहले स्थानीय पुलिस अधिकारियों से की थी, लेकिन जब पुलिस स्तर से कोई ठोस कार्रवाई या सुनवाई नहीं हुई, तो उन्हें न्याय पाने के लिए मजबूरन माननीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

सीजेएम कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

मामले की गंभीरता को समझते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट ने पत्रावलियों और साक्ष्यों की सुनवाई के बाद न्यू आगरा थाना पुलिस को तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्ज करने का स्पष्ट आदेश दिया। अदालत के इस आदेश के कड़े अनुपालन में न्यू आगरा पुलिस ने बिना कोई देरी किए उद्योगपति विवेक बैनारा और उनके सहयोगी अरविंद कुमार को नामजद आरोपी बनाते हुए एफआईआर पंजीकृत कर ली है।

फिलहाल, स्थानीय पुलिस ने मामले की गहन जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या हैं।

जांच के दौरान कोर्ट परिसर के बाहर हुई कथित घटना, तमंचा दिखाने के साक्ष्यों और आरोपियों द्वारा व्हाट्सऐप पर भेजे गए धमकी भरे संदेशों के डिजिटल प्रमाणों को भी मुख्य रूप से जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।

इसके अलावा, पुलिस दोनों पक्षों के पुराने व्यावसायिक लेन-देन और चेक बाउंस के उस मूल विवाद की भी कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है, जिसके चलते यह पूरा विवाद इतना बढ़ गया।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद एक बार फिर ताजनगरी के कारोबारी गलियारों में खलबली और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि लगाए गए इन सभी गंभीर आरोपों की सत्यता की पुष्टि केवल और केवल पुलिस की निष्पक्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी। इस संबंध में यदि आरोपी पक्ष या उनके अधिवक्ताओं की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पक्ष सामने आता है, तो उसे भी पुलिस जांच और खबर का हिस्सा बनाया जाएगा।