फतेहगढ़ चूड़ियां नगर कौंसिल में कांग्रेस प्रधान नियुक्त: पूर्व मंत्री तृप्त बाजवा के प्रयासों से सरकारी दबाव बेअसर, दूसरी कौंसिल पर कब्जा - Batala News

पंजाब में हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम और नगर कौंसिल चुनावों के बाद जारी भारी राजनीतिक घमासान और उठापटक के बीच गुरदासपुर जिले के कस्बा फतेहगढ़ चूड़ियां से कांग्रेस के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। यहां प्रधान पद पर कांग्रेस ने कब्जा जमा

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तमाम कथित सरकारी दबाव, प्रशासनिक पेचीदगियों और सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) की घेराबंदी को धता बताते हुए आखिरकार फतेहगढ़ चूड़ियां नगर कौंसिल में कांग्रेस के प्रधान की ताजपोशी हो गई है। दिग्गज कांग्रेसी नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री तृप्त राजेंद्र सिंह बाजवा के रणनीतिक कौशल की बदौलत कांग्रेस के कुलविंदर सिंह लाली नए प्रधान बन गए हैं, जिसकी चर्चा इस वक्त पूरे पंजाब के सियासी हलकों में हो रही है।

सत्तापक्ष के दबदबे के बीच कांग्रेस की 'सर्जिकल स्ट्राइक'

पंजाब भर में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों के बाद प्रधान पद की कुर्सी हथियाने के लिए कई शहरों में तीखी राजनीतिक जंग देखने को मिली। कई जगह तो हिंसक झड़पें हुईं और पुलिस मामले भी दर्ज करने पड़े। राज्य के अधिकतर हिस्सों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) विभिन्न राजनीतिक दांव-पेंच, प्रशासनिक मशीनरी और रणनीतियों का इस्तेमाल कर अपने प्रधान बनाने में सफल रही थी।

इस माहौल के विपरीत, फतेहगढ़ चूड़ियां में समीकरण पूरी तरह अलग रहे। यहां कांग्रेस विधायक तृप्त राजेंद्र सिंह बाजवा ने न केवल पहले पार्षदों के चुनाव में शानदार जीत दर्ज की, बल्कि प्रधान पद के लिए चली लंबी शह और मात के खेल में भी बाजी मार ली।

वीरवार को संभाला कार्यभार, समर्थकों में भारी उत्साह

तमाम राजनीतिक अवरोधों को पार करते हुए वीरवार को कुलविंदर सिंह लाली ने आधिकारिक तौर पर फतेहगढ़ चूड़ियां नगर कौंसिल के नए प्रधान के रूप में अपना पदभार (चार्ज) संभाल लिया। इस ताजपोशी के साथ ही नगर कौंसिल के कार्यालय पर कांग्रेस का पूर्ण नियंत्रण स्थापित हो गया है। इस मौके पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ अपनी इस बड़ी राजनीतिक जीत का जश्न मनाया।

गुरदासपुर जिले में कांग्रेस का दूसरा बड़ा किला फतह

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, गुरदासपुर जिले के भीतर यह दूसरी ऐसी नगर कौंसिल है, जहां कांग्रेस पार्टी सत्ताधारी दल के प्रभाव को रोककर अपना प्रधान नियुक्त कराने में कामयाब रही है। इससे पहले गुरदासपुर से कांग्रेस विधायक बरिंदरमीत सिंह पहाड़ा भी अपने इलाके की एक नगर कौंसिल में कांग्रेस का प्रधान बनाने में सफल रहे थे।

अब तृप्त राजेंद्र सिंह बाजवा द्वारा फतेहगढ़ चूड़ियां में दिखाए गए इस राजनीतिक दमखम ने साबित कर दिया है कि मांझा क्षेत्र में कांग्रेस की जड़ें अभी भी मजबूत हैं। इस पूरे घटनाक्रम की पंजाब की राजनीति में व्यापक चर्चा हो रही है।