अगले महीने भारत आ रहे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, अमेरिका संग जंग के बीच क्यों ऐलान?

अगले महीने भारत आ रहे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, अमेरिका संग जंग के बीच क्यों ऐलान?

Aug 14, 2026 11:43 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली

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ईरान 2024 में मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात के साथ ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य बना। इंडोनेशिया 2025 में इस समूह में शामिल हुआ, जिससे पूर्ण सदस्यों की कुल संख्या 11 हो गई।

Masoud Pezeshkian

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान अगले महीने नई दिल्ली आ रहे हैं।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान अगले महीने यानी सितंबर में नई दिल्ली आ रहे हैं। अमेरिका संग चल रही जंग के बीच ईरानी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति पेजेश्कियान आगामी ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए सितंबर में नई दिल्ली का दौरा करेंगे। बता दें कि 18वां ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर कोें नई दिल्ली में आयोजित होना है। यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत अपनी 2026 की अध्यक्षता में 18वें ब्रिक्स समिट की मेजबानी कर रहा है।

ईरानी राष्ट्रपति का यह दौरा वैश्विक और क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भारत वर्ष 2026 की अपनी अध्यक्षता के तहत इस ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। भारत ने इसी वर्ष की शुरुआत में ब्राजील से ब्रिक्स समूह की कमान संभाली थी। इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य विषय यानी थीम "मजबूती, अन्वेषण, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण" (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) रखा गया है।

ब्रिक्स में ईरान की भूमिका और बढ़ता दायरा

ईरान और भारत के बीच संबंध पिछले कुछ समय में काफी मजबूत हुए हैं। ईरान साल 2024 में मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य बना था। इसके बाद साल 2025 में इंडोनेशिया भी इस समूह में शामिल हो गया, जिससे ब्रिक्स के कुल सदस्यों की संख्या अब 11 हो गई है। इससे पहले, अक्टूबर 2024 में रूस के कज़ान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर राष्ट्रपति पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर क्षेत्रीय और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की थी। इस यात्रा के दौरान भी भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय हालात पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

पश्चिम एशिया संकट और भारतीय मध्यस्थता का स्वागत

यह महत्वपूर्ण दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में जून में, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने भारत आए थे। उन्होंने वैश्विक शांति स्थापित करने में नई दिल्ली की भूमिका की सराहना की थी और कहा था कि भारत पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने में एक "बड़ी भूमिका" निभा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि तेहरान किसी भी सैन्य संघर्ष के पक्ष में नहीं है और इस संकट का एकमात्र समाधान बातचीत के जरिए ही संभव है। इसके अलावा उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हॉर्मुज जलडमरूमध्य और व्यापारिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी सकारात्मक चर्चा की थी।