'सर्वश्रेष्ठ भारत बनाने की रखें भावना', स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संबोधन; पढ़ें बड़ी बातें
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
Independence Day 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान, उन्होंने सर्वप्रथम इस राष्ट्रीय पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मैं इस राष्ट्रीय पर्व की बधाई देती हैं। देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीय इस पर्व को उल्लास के साथ मनाते हैं। हमारा तिरंगा हमारी स्वाधीनता का प्रतीक है, इसे हम पूरी शान से फहराते हैं।
उन्होंने कहा, ''15 अगस्त 1947 के दिन भारतमाता पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त हुईं। सभी देशवासी, स्वतंत्र भारत की नियति के निर्माता बने। हम भारत के लोग, अपने सपनों को साकार करने के अवसरों का उपयोग कर सकें और भारत को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने की भावना से कार्य करें।''
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ''निष्ठावान विद्यार्थी और शिक्षक, विकास के लिए तत्पर वैज्ञानिक और इंजीनियर, स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी, मेहनती श्रमिक और अन्नदाता किसान, अपने प्रयासों से राष्ट्र-निर्माण कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि अन्य क्षेत्रों में सक्रिय, असंख्य देशवासी, तथा संविधान में निहित, मूल कर्तव्यों का पालन करने वाले सभी नागरिक, राष्ट्र-निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदार हैं। मैं उन सभी की हृदय से सराहना करती हूं।
'हम आधुनिक विकास के मार्ग पर अग्रसर'
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि अपनी समृद्ध विरासत और स्वाधीनता संग्राम के आदर्शों को अपनाते हुए हम आधुनिक विकास के मार्ग पर अग्रसर हैं। 'वयं राष्ट्रे जागृयाम', यह वेद-वाक्य हमें प्रेरणा देता है कि हम राष्ट्र के लिए सदैव जागरूक रहें।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में अनगिनत देशवासी स्वाधीनता संग्राम से जुड़ गए। बाबासाहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने समाज सुधार तथा राष्ट्र-निष्ठा के उच्च आदर्श प्रस्तुत किए। भारतमाता की उन सभी महान संतानों को मैं सादर नमन करती हूं जिनके आदर्शों पर चलते हुए हमारा देश स्वतंत्र हुआ और आगे बढ़ा।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ''आज 14 अगस्त के दिन को हम विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाते हैं। सांप्रदायिक हिंसा की वजह से लाखों लोगों को शरणार्थी बनना पड़ा और बंटवारे की विभीषिका सहन करनी पड़ी। फिर भी, उन्होंने अपनी पहचान नहीं छोड़ी।''
उन्होंने कहा कि जब हमारा देश स्वतंत्र हुआ, उस समय देश के विभाजन के गंभीर परिणामों के साथ-साथ, 550 से अधिक रियासतों को नवस्वाधीन भारत के साथ जोड़ना भी एक असाधारण चुनौती थी। सरदार पटेल ने राजशाही व्यवस्थाओं को समाप्त करके हमारे स्वाधीन लोकतन्त्र में उनका विलय किया।
'साधारण पृष्ठभूमि के लोग दे रहे असाधारण योगदान'
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की जननी भारतभूमि के निवासियों में जनभागीदारी की भावना सदा से विद्यमान रही है। उस भावना को, नई ऊर्जा के साथ, हमारे देशवासी आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज साधारण पृष्ठभूमि के लोग, अनेक क्षेत्रों में, असाधारण योगदान दे रहे हैं। इससे, मेरा यह विश्वास दृढ़ होता है कि आज के भारत में हर व्यक्ति बड़े सपने देख भी सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ''जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे विधायिका में, जन-आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करें। कार्यपालिका का कर्तव्य है कि जनहित और राष्ट्रहित की नीतियों को कार्यरूप दे। न्याय-व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि अभाव के कारण कोई व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।''
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से कुछ अधिक समय में हमारे देश ने तेज गति से समावेशी विकास किया है, विरासत और विकास के समन्वय को प्राथमिकता दी है, तथा विकास में बाधक दशकों पुराने अनेक अवरोधों को दूर किया है।
ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंत मना रहा देश
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि हमारे देशवासी महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती मना रहे हैं। महात्मा फुले और क्रांति-ज्योति सावित्रीबाई फुले ने सामाजिक न्याय, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और समानता के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया है। उनके आदर्शों के अनुसार विगत कुछ वर्षों के दौरान वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने के लक्ष्य को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी गई है।
'25 करोड़ लोग गरीबी से निकले बाहर'
उन्होंने कहा कि 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से मुक्ति दिलाने में सफलता मिली है। विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेश की योजना प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत लगभग 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। उनमें 32 करोड़ से अधिक महिला खाताधारक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लोगों के लिए निशुल्क राशन की व्यवस्था द्वारा उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ''आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 60 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।'' उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि तथा किसान क्रेडिट कार्ड्स से खेती, डेयरी, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों से जुड़े किसान भाई-बहनों को संबल मिला है।
उन्होंने कहा कि आज देश में यह चेतना बलवती हो रही है कि सांस्कृतिक गौरव का भाव देश की संप्रभुता को आत्मिक शक्ति प्रदान करता है। हम विरासत और विकास के समन्वय के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
देश में विश्व का सबसे अच्छा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि हमारे देश में विश्व का सबसे बड़ा और सबसे अच्छा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है। गांवों की छोटी-छोटी दुकानों में तथा रेहड़ी-पटरी पर भी डिजिटल पेमेंट हो रहे हैं। विश्व में आधे से अधिक वास्तविक समय डिजिटल लेनदेन भारत में हो रहे हैं। तकनीक का उपयोग करके, सरकार ने जनकल्याण की सुविधाओं को, पारदर्शी तरीके से जन-जन तक पहुंचाया है।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में हाईवे, वाटरवे, रेलवे और एयरवे के रूप में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। इससे नए उद्यमों के लिए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं, नए रोजगारों का सृजन हो रहा है तथा निवेशकों का विश्वास बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था, सबसे तेज गति से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रही है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ''आधुनिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी भारत विश्वस्तर पर अग्रणी योगदान दे रहा है।
रिन्यूएबल एनर्जी के विकास को पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व गति मिली है।''
'विश्व पटल पर भारत का बढ़ा सम्मान'
उन्होंने आगे कहा कि हमारी विदेश नीति, देश हित पर आधारित है। आर्थिक सहयोग बढ़ाने तथा पारस्परिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए, हमने अनेक देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। ग्लोबल साउथ के देशों में हम अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। विश्व पटल पर हमारे देश का सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि हमारे किसी भी कार्य से, आने वाली पीढ़ियों द्वारा इस अधिकार के प्रयोग में तनिक भी कमी न हो। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम उनको और अधिक समृद्ध प्राकृतिक संपदाएं प्रदान करें। पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी आस्था हमारी परंपरा का हिस्सा है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि मुझे यह देखकर बहुत प्रसन्नता होती है कि शिक्षा के क्षेत्र में हमारी बेटियां प्रभावशाली प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ रही है। स्वयं सहायता समूहों की 10 करोड़ से अधिक महिला सदस्य हैं। 'मुद्रा योजना' के तहत सहायता प्राप्त करने वाले उद्यमियों में लगभग दो तिहाई लाभार्थी महिलाएं हैं।
उन्होंने कहा कि देश की कुल आबादी में 65 प्रतिशत लोगों की आयु 35 वर्ष से कम है। यह युवा आबादी हमारी सबसे मूल्यवान सम्पदा है। केवल 28 वर्ष की औसत आयु वाली युवा टीम द्वारा हाल ही में रॉकेट का सफल प्रक्षेपण करके अन्तरिक्ष अन्वेषण के एक नए चरण का शुभारंभ किया गया है।
उन्होंने कहा कि खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए सरकार अभूतपूर्व निवेश कर रही है। इन प्रयासों के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाओं में हमारे खिलाड़ी प्रदर्शन और उपलब्धियों के ऊंचे शिखरों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेलकूद को युवाओं के विकास और राष्ट्र-निर्माता के माध्यम के रूप में अपनाया जा रहा है। खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक देश के सभी क्षेत्रों के लिए स्पोर्स्ट्स इकोसिस्टम उपलब्ध कराया जा रहा है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। वरिष्ठ नागरिकों के प्रति अपनेपन की भावना तथा उनके आत्मसम्मान को बनाए रखने के लिए पूरे समाज को संवेदनशील रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि 70 साल और उससे अधिक आयु के लगभग 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की निशुल्क स्वास्थ्य सेवा सुविधाएं उपलब्ध हैं।
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अनुराग गुप्ताauthor
अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।
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