हरियाली तीज: घेवर की दुकानों पर भारी भीड़, बिना लाइन लगे ऐसे खरीदें अपनी पसंदीदा मिठाई
14 अगस्त को जयपुर और दिल्ली में पारंपरिक घेवर की मांग में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। हरियाली तीज के मौके पर मिठाइयों की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। दरअसल, मानसून के मौसम में हवा में मौजूद नमी इस जालीदार घेवर को उसका खास कुरकुरा स्वाद देती है। दोपहर बाद होने वाली भारी भीड़ और स्टॉक खत्म होने की झंझट से बचने के लिए लोग सुबह-सुबह ही खरीदारी करने पहुंच रहे हैं।
दिल्ली में 'चेना राम' जैसे मशहूर स्वीट हाउसेस सुबह 8 बजे ही खुल जाते हैं, तो वहीं जयपुर का जाना-माना 'लक्ष्मी मिष्ठान भंडार' सुबह 7 बजे से ही घेवर की बिक्री शुरू कर देता है। दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ शाम 4 बजे से रात 8 बजे के बीच होती है। अगर आप लंबी लाइनों में खड़े होने से बचना चाहते हैं, तो दोपहर 12 बजे से पहले ऑनलाइन प्री-ऑर्डर करके काउंटर से तुरंत पिकअप ले सकते हैं।
हरियाली तीज: घेवर की कीमतें और अलग-अलग वेराइटीज
| शहर | घेवर वेराइटी | कीमत रेंज | शेल्फ लाइफ |
|---|---|---|---|
| जयपुर | पनीर और मावा | 600 से 900 रुपये प्रति किग्रा | 1 से 2 दिन |
| दिल्ली-एनसीआर | मलाई और रबड़ी | 550 से 850 रुपये प्रति किग्रा | 1 से 2 दिन |
| लखनऊ | केसर और ड्राई फ्रूट | 500 से 800 रुपये प्रति किग्रा | 2 से 3 दिन |
| इंदौर | प्लेन और चाशनी | 450 से 700 रुपये प्रति किग्रा | 3 से 4 दिन |
मानसून की नमी की वजह से दूध से बनी यह बारीक जालीदार मिठाई जल्दी नरम पड़ सकती है। अगर आपको लंबा सफर तय करना है, तो सूखा घेवर या बिना चाशनी वाला बेस खरीदना ही समझदारी होगी। ताजी रबड़ी वाले घेवर को फ्रिज में रखें और दो दिनों के भीतर ही इस्तेमाल कर लें। तुरंत बिलिंग और आसान पेमेंट के लिए ज्यादातर दुकानें यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) स्वीकार कर रही हैं।
हरियाली तीज पर घेवर सर्व करने के आसान टिप्स
बाजार से सादा घेवर बेस खरीदकर आप घर पर ही अपनी पसंद की टॉपिंग्स तैयार कर सकते हैं। घेवर का कुरकुरापन बरकरार रखने के लिए सर्व करने से ठीक पहले उस पर हल्की गर्म केसर की चाशनी डालें। इसे असली फेस्टिव लुक देने के लिए बारीक कटे बादाम, पिस्ता और चांदी के वर्क से सजाएं। घर पर खुद प्लेटिंग करने से घेवर सीलता नहीं है और एकदम शाही स्वाद देता है।
उत्तर भारत में हरियाली तीज का त्योहार खुशियां और मिठाइयों की मिठास लेकर आता है। शाम की भीड़ और बारिश की वजह से होने वाली देरी से बचने के लिए सुबह के समय ही खरीदारी कर लें। सफर के दौरान इस नाजुक मिठाई को सुरक्षित रखने के लिए रेन-प्रूफ पैकेजिंग का इस्तेमाल करें। सावन के इस खूबसूरत मौके पर घेवर का यह पारंपरिक स्वाद परिवार के साथ त्योहार के जश्न को और खास बना देता है।