'प्रदर्शनों में बच्चों का इस्तेमाल गलत', रायपुर में बाबा रामदेव ने दिया बड़ा बयान, जानें पूरी बात

Baba Ramdev on Protest: देश का युवा पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शन और सरकारों के खिलाफ विरोध जता रही है. पहले राजधानी दिल्ली में हुए कोकरोच पार्टी का प्रदर्शन चर्चा में था लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन शांत हुआ. वहीं, पूर्वी राज्य झारखंड में भी कई दिनों से छात्रों का प्रदर्शन हो रहा है. यह मुद्दा भी काफी गरमाया हुआ है. इसी बीच पतंजलि के संस्थापक और योग गुरु बाबा रामदेव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विरोध प्रदर्शन में देश के बच्चों का इस्तेमाल हो रहा है. दुनिया के किसी भी कोने में ऐसा नहीं होता है.

देश का बचपन खतरे में- बाबा रामदेव

स्वामी रामदेव ने बातचीत में कहा कि "इस देश में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध, ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र, दलित, आदिवासी, वनवासी या SC/ST समुदाय खतरे में नहीं हैं. असल में देश का बचपन और युवा पीढ़ी, देश का वर्तमान और भविष्य, इसकी प्रकृति, संस्कृति और सभ्यता और इसकी अखंडता और संप्रभुता खतरे में है." 

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विरोध के नाम पर सिर्फ अराजकता!

बाबा रामदेव ने कहा कि 'कुछ लोग विरोध प्रदर्शनों में देश के बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं. छोटे बच्चों को विरोध प्रदर्शनों में नहीं धकेला जाना चाहिए. दुनिया में कहीं भी, किसी भी कोने में ऐसा नहीं होता है. संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए संवैधानिक, लोकतांत्रिक, नैतिक, आध्यात्मिक और मानवीय मूल्यों पर आधारित आंदोलन होने चाहिए और मैं इसका समर्थन करता हूं.  हालांकि, विरोध के नाम पर सिर्फ अराजकता नहीं होनी चाहिए. ऐसे आंदोलनों के लिए बच्चों का शोषण नहीं किया जा रहा है, जो कि नहीं होना चाहिए.

#WATCH | Raipur, Chhattisgarh: Yoga Guru Baba Ramdev says, “...In this country, it is not Hindus, Muslims, Sikhs, Christians, Jains, Buddhists, Brahmins, Kshatriyas, Vaishyas, Shudras, Dalits, Adivasis, Vanvasis, or SC/ST communities who are in danger. What is truly at risk is… pic.twitter.com/DY01bJU6Ud

— ANI (@ANI) August 16, 2026

शिक्षा और सेहत के क्षेत्रों को दिशा देनी होगी

योग गुरु ने कहा कि यह सच है कि देश के शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में विकास हुआ है और इसे आगे भी सही दिशा की ओर बढ़ाना चाहिए. इन प्रणालियों को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं जिनका समाधान निकालना जरूरी है. मेरा मानना ​​है कि इस संबंध में सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है. पूरे देश की व्यवस्था को बदलना किसी एक पार्टी, विपक्षी समूह या एक व्यक्ति के बस की बात नहीं है. इसके लिए सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक तीनों स्तरों पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है.

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स्वामी रामदेव की जेन-जी से अपील

स्वामी रामदेव ने पहले भी 15 अगस्त पर Gen-Z से हिंसा और कानून-व्यवस्था तोड़ने वाली गतिविधियों में शामिल न होने की अपील की थी और विरोध-प्रदर्शन संविधान के दायरे में रहकर करने की सलाह दी थी. इसके साथ ही रामदेव ने कहा, 'हमें पूरे देश में नफरत की दीवारों को गिराना होगा.  80वें स्वतंत्रता दिवस पर हम 'बांटो और राज करो' की नीति को खत्म करने का संकल्प लेते हैं.

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