राजनाथ ने हिमालय के चुनौतीपूर्ण मार्ग पर एनसीसी महिला कैडेट दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को तीन महिला सैन्य अधिकारियों के नेतृत्व में एनसीसी की 28 महिला कैडेट की एक टीम के एक अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसके तहत वे हिमालय के दुर्गम और चुनौतीपूर्ण इलाकों से होते हुए 30 दिन में लगभग 250 किलोमीटर लंबी पदयात्रा करेंगी।

यह पथ पारंग ला पास (5,578 मीटर, 18,300 फुट) से होकर गुजरेगा, जो हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी को लद्दाख के चांगथांग इलाके से जोड़ता है। इसे देश के सबसे मुश्किल ट्रेकिंग मार्गों में से एक माना जाता है।

राजनाथ ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘अपराजिता’ को हरी झंडी दिखाई, जो देशभर की महिला कैडेट का पारंग ला दर्रे से होकर गुजरने वाला ट्रेकिंग अभियान है।

‘अपराजिता’ दल का नेतृत्व तीनों सेनाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली तीन महिला अधिकारी कर रही हैं।

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रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस अभियान में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की 28 महिला कैडेट शामिल हैं, जिनकी औसत उम्र 19 साल है और सबसे कम उम्र की प्रतिभागी सिर्फ साढ़े 16 साल की है।

बयान के मुताबिक, ‘अपराजिता’ दल किब्बर, डुमला, थलतक, बोंग्रोजेन, पारंग ला दर्रा, डाक कारजोंग, नोरबू सुमदो, कियांगडोम और कोरजोक से होकर गुजरेगा। इस दौरान वह अधिक ऊंचाई वाले रेगिस्तानी इलाकों, हिमनदों, बर्फ से ढके क्षेत्रों और नदी घाटियों को पार करेगा।

बयान में कहा गया है, “यह अभियान दल अधिकारियों, चिकित्सा कर्मियों, प्रशिक्षकों और सहायक कर्मियों के साथ हिमालय के कुछ सबसे दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण इलाकों से गुजरते हुए लगभग 250 किलोमीटर की पदयात्रा 30 दिन में पूरी करेगा।”

राजनाथ ने इस तरह के चुनौतीपूर्ण और अधिक ऊंचाई वाले अभियान में युवा कैडेट की भागीदारी को देश की महिलाओं के साहस, दृढ़ संकल्प और बढ़ती क्षमताओं का सशक्त प्रमाण बताया।

उन्होंने ‘अपराजिता’ दल को सुरक्षित और सफल यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के अभियान युवाओं में नेतृत्व कौशल, मानसिक मजबूती, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह अभियान दो चरणों में संचालित किया जा रहा है।

मंत्रालय के अनुसार, पहले चरण में भाभा-पिन घाटी इलाके में यात्रा की तैयारियों और जलवायु अनुकूलन के लिए एक ट्रेक किया गया, जिसके बाद योग्यता के आधार पर एनसीसी महिला कैडेट की अंतिम टीम चुनी गई, जो दूसरे चरण के तहत 250 किलोमीटर लंबी पदयात्रा करेगी।

इस मौके पर एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स और रक्षा मंत्रालय तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

भाषा पारुल माधव

माधव