दिल्ली और झारखंड के बाद अब बिहार में बवाल! तेजस्वी का राजभवन मार्च आज, जानिए क्या हैं छात्रों की मुख्य मांगें?
दिल्ली और झारखंड के बाद अब बिहार में बवाल! तेजस्वी का राजभवन मार्च आज, जानिए क्या हैं छात्रों की मुख्य मांगें?
Updated: Wednesday, August 19, 2026, 10:45 [IST]
Bihar Student Protest: दिल्ली और झारखंड के बाद अब बिहार में भी छात्रों का आंदोलन जोर पकड़ता दिख रहा है। पटना के गर्दनीबाग में पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, परीक्षा पैटर्न और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच यह मुद्दा अब सियासी रंग भी लेने लगा है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव आज 19 अगस्त को राजभवन मार्च करने वाले हैं। उन्होंने बिहार की परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्र इस मार्च से दूरी बनाए हुए हैं और आंदोलन को राजनीतिक दलों से अलग रखना चाहते हैं।
आखिर क्यों सड़कों पर उतरे हैं बिहार के छात्र?
पटना के गर्दनीबाग में छात्र, शिक्षक अभ्यर्थी, रिसर्च स्कॉलर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती और परीक्षा व्यवस्था में लगातार सवाल उठ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हो और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 70वीं BPSC परीक्षा और दूसरी भर्तियों को लेकर भी अभ्यर्थी अपनी मांगें उठा रहे हैं।
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डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग क्यों?
छात्रों की प्रमुख मांगों में बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करना भी शामिल है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि राज्य की सरकारी नौकरियों में बिहार के युवाओं को उचित प्राथमिकता मिले। उनका तर्क है कि बिहार में बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं और रोजगार के सीमित अवसरों के कारण प्रतियोगिता बेहद कठिन है। इसलिए वे भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट नीति की मांग कर रहे हैं।
70वीं BPSC परीक्षा को लेकर क्या है विवाद?
आंदोलन में 70वीं BPSC परीक्षा भी बड़ा मुद्दा बनी हुई है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। पप्पू यादव ने भी छात्रों के बीच पहुंचकर 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द कर दोबारा कराने की मांग का समर्थन किया था। यही वजह है कि BPSC परीक्षा का मुद्दा अब आंदोलन के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो गया है।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में UGC नियम की मांग
छात्रों और शोधार्थियों की एक बड़ी मांग असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति से जुड़े नियमों को लेकर है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि भर्ती प्रक्रिया में UGC के निर्धारित नियमों का पालन किया जाए। इसके अलावा रिसर्च स्कॉलर और PhD धारक भी अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन में शामिल हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि उच्च शिक्षा से जुड़ी नियुक्तियों में नियम स्पष्ट, पारदर्शी और सभी उम्मीदवारों के लिए समान होने चाहिए।
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आज के राजभवन मार्च से क्यों बढ़ी सियासी हलचल?
तेजस्वी यादव ने 19 अगस्त को राजभवन मार्च का ऐलान किया है। उनका विरोध परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर है। रिपोर्टों के मुताबिक मार्च का कार्यक्रम जेपी गोलंबर से सुबह 10 बजे शुरू करने की जानकारी दी गई है। तेजस्वी ने छात्रों और युवाओं से इसमें शामिल होने की अपील की है। ऐसे में आज का मार्च छात्र आंदोलन को राजनीतिक मंच पर और बड़ा मुद्दा बना सकता है।