विजय थलपति का यू-टर्न, छात्रों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकना का फैसला वापस
विजय थलपति का यू-टर्न, छात्रों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकना का फैसला वापस
Aug 19, 2026 05:13 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के कड़े विरोध और चेन्नई स्थित कॉलेज शिक्षा निदेशालय (DCE) के बाहर घेराव के ऐलान के ठीक दो दिन बाद विभाग को यह फैसला वापस लेना पड़ा।

तमिलनाडु की विजय सरकार ने छात्रों को प्रदर्शन से रोकने वाला आदेश वापस लिया।
तमिलनाडु की विजय सरकार ने अपने एक फैसले पर यू-टर्न ले लिया है। उच्च शिक्षा विभाग ने अपने उस विवादित सर्कुलर को वापस ले लिया है, जिसमें सरकारी कॉलेजों को पुलिस और जिला प्रशासन के साथ मिलकर छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकने का निर्देश दिया गया था।
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के कड़े विरोध और चेन्नई स्थित कॉलेज शिक्षा निदेशालय (DCE) के बाहर घेराव के ऐलान के ठीक दो दिन बाद विभाग को यह फैसला वापस लेना पड़ा।
क्या था इस विवादित सर्कुलर में?
कॉलेज शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी इस पत्र में राजनीतिक दलों की तरफ से आयोजित आंदोलनों में छात्रों और युवाओं की भागीदारी का जिक्र किया गया था।
सर्कुलर में उच्च शिक्षा विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन के बीच एक "समन्वित तंत्र" बनाने का प्रस्ताव था, ताकि राजनीतिक रैलियों और प्रदर्शनों में छात्रों की भागीदारी की निगरानी की जा सके और उन्हें रोका जा सके।
इस सर्कुलर में मुख्य रूप से वामपंथी दलों और तमिलनाडु कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से आयोजित विरोध प्रदर्शनों का खासतौर से जिक्र किया गया था।
चौतरफा घिरने के बाद संयुक्त निदेशक (कॉलेज शिक्षा) की ओर से जारी नए आदेश में संक्षिप्त टिप्पणी के साथ कहा गया, "पूर्वोक्त कार्यालय पत्र को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है।"
SFI की मांगें और कड़ा रुख
सर्कुलर वापस होने के बाद SFI ने इसे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत करार दिया, लेकिन साथ ही सरकार से सवाल भी पूछे।
SFI ने सवाल उठाया कि आखिर किस घटना के बाद यह आदेश जारी करने की नौबत आई? किसके कहने पर शिक्षा विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को छात्रों की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक साथ लाया गया?
संगठन ने साफ किया कि अगर कोई कानून का उल्लंघन करता है, तो सरकार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन केवल राजनीतिक विचार रखने या शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हिस्सा लेने के आधार पर छात्रों को डराया नहीं जा सकता।
NEET मामले से जुड़े तार
सर्कुलर वापस लेने का यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब NEET प्रश्नपत्र लीक मामले और अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में युवाओं के उग्र प्रदर्शन देखने को मिले थे, जिसके चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
फिलहाल इस पूरे विवाद और सर्कुलर की वापसी पर सत्ताधारी TVK और राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
