वाराणसी में बाढ़ का अलर्ट: गंगा आरती का स्थान बदला, काशी विश्वनाथ मंदिर जाने के लिए जानें नए नियम
वाराणसी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है। केंद्रीय जल आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक, बुधवार सुबह 8 बजे मालवीय ब्रिज पर गंगा का जलस्तर 67.68 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां चेतावनी का स्तर 70.262 मीटर है। मंगलवार रात को जलस्तर 66.72 मीटर तक पहुंच गया था और इसमें 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अगली सूचना तक नावों के संचालन पर रोक लगा दी है। वहीं, गंगा आरती का स्थान भी ऊपर शिफ्ट कर दिया गया है और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का गंगा द्वार फिलहाल बंद है।
दशाश्वमेध घाट पर आरती का मुख्य मंच पूरी तरह डूब चुका है। अब यह अनुष्ठान तय जगह से 10-15 फीट पीछे अस्थायी प्लेटफॉर्म बनाकर किया जा रहा है। सुशांत मिश्रा ने बताया, "गंगा के बढ़ते जलस्तर की वजह से आरती का मुख्य प्लेटफॉर्म पानी में डूब गया है।" अस्सी घाट पर भी शाम की आरती की व्यवस्था 'सुबह-ए-बनारस' मंच के पास की गई है। जलस्तर बढ़ने से घाटों का आपसी संपर्क टूट चुका है। वहीं, मणिकर्णिका घाट पर नीचे जगह कम पड़ने की स्थिति में छतों पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
वाराणसी में आज: नावों पर रोक, बदला गंगा आरती का स्थान
गंगा द्वार बंद होने की वजह से श्रद्धालु अब मैदागिन या गोदौलिया गेट से ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर जा सकते हैं। आज दर्शन के लिए समय सुबह 4:00 से 11:00 बजे, दोपहर 12:20 से शाम 7:00 बजे और रात 8:30 से 9:00 बजे तक रहेगा। अगर आप शांति से और सुरक्षित दर्शन करना चाहते हैं, तो सुबह 6:30 बजे से पहले या रात 9:00 बजे के बाद का समय सबसे सही रहेगा। मंदिर चौक, हेल्पडेस्क और YSK काउंटरों पर मुफ्त लॉकर की सुविधा उपलब्ध है। सुगम दर्शन के टिकट में भी लॉकर शामिल है।
काशी विश्वनाथ मंदिर प्रवेश के नए नियम, ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग
28 अगस्त तक मैदागिन से गोदौलिया मार्ग पूरी तरह 'नो व्हीकल जोन' रहेगा, जहां सिर्फ पैदल जाने की अनुमति होगी। मुख्य इलाकों में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। बसों को रिंग रोड और नेशनल हाईवे 19 से डायवर्ट किया जा रहा है। पार्किंग के लिए गोदौलिया मल्टी-लेवल पार्किंग के अलावा जगतपुर, ट्रांसपोर्ट नगर और परिसरों के बड़े मैदानों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्रैफिक से जुड़ी मदद के लिए 7839856994 या 7317202020 पर कॉल करें। सिटी कंट्रोल रूम का नंबर 18001805567 है।
दर्शन का सबसे सुरक्षित समय, बुजुर्गों के लिए सलाह और बारिश का अलर्ट
वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को नदी किनारे वाली गलियों के बजाय कॉरिडोर के रैंप से जाने की सलाह दी जाती है। बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए मैदागिन और गोदौलिया के बीच गोल्फ कार्ट चल रही हैं। घाटों पर पत्थरों की फिसलन, तेज बहाव और अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। अपने साथ छाता और ग्रिप वाले जूते-चप्पल जरूर रखें। शाम की आरती में शामिल होने से पहले भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नाउकास्ट डैशबोर्ड से अगले 3 घंटे के अलर्ट और बिजली गिरने के खतरे की जानकारी ले लें। उसी हिसाब से अपना प्लान बनाएं।
अगर आपको किसी भी सहायता की जरूरत है, तो जिला आपदा हेल्पलाइन नंबर 9140037137 पर संपर्क करें। पुलिस के लिए 112 और एम्बुलेंस के लिए 108 डायल करें। रोक हटने तक बोटिंग से पूरी तरह बचें। सिर्फ बैरिकेड किए गए रास्तों और कतारों का ही इस्तेमाल करें। सुबह जल्दी या देर रात दर्शन का प्लान बनाकर आप सुरक्षित तरीके से काशी की परंपराओं का हिस्सा बन सकते हैं।