सोनीपत की सरकारी यूनिवर्सिटी में प्रोटेस्ट पर स्टूडेंट: छात्राए बोलीं- असिस्टेंट प्रोफेसर ने यौन उत्पीड़न किया, कोचिंग के बहाने रात को मैसेज भेजता - Sonipat News

सोनीपत की दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में स्टूडेंट्स ने प्रोफेसर द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।

सोनीपत की दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DCRUST) में फीमेल स्टूडेंट्स ने एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इसे लेकर स्टूडेंट लगातार 2 दिन से कैंपस में धरना दे रहे हैं।

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इस मामले में स्टूडेंट्स ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को शिकायतें भी दी हैं। एक स्टूडेंट ने आरोप लगाया, प्रोफेसर ने गलत तरीके से छुआ है। उसके पहनावे पर भी टिप्पणियां की। एक अन्य स्टूडेंट ने कहा कि गेट की कोचिंग के बहाने प्रोफेसर रात को मैजेस भेजता है।

कुछ मेल स्टूडेंट्स ने शिकायत में कहा- प्रोफेसर क्लास में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है। उन्हें पर्सनल निशाना बनाया जाता है। इस शिकायत लेटर पर 150 से भी अधिक स्टूडेंट ने साइन किए हैं। वहीं, पेरेंट्स का कहना है कि अगर प्रोफेसर को सस्पेंड नहीं किया गया, वे भी बच्चों के धरने को जॉइन करेंगे।

उधर, यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि आरोपों की जांच पड़ताल के लिए कमेटी गठित की है।

यूनिवर्सिटी के केमिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर पर आरोप लगे हैं।

यूनिवर्सिटी के केमिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर पर आरोप लगे हैं।

सबसे पहले पढ़िए…क्या है पूरा मामला

  • छात्रों ने दो अलग-अलग शिकायतें दीं: केमिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ गुरुवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन को स्टूडेंट्स ने दो अलग-अलग शिकायतें दीं। इनमें एक शिकायत फीमेल और एक शिकायत मेल स्टूडेंट ने दी। दोनों शिकायतों में प्रोफेसर के व्यवहार को लेकर आपत्ति दर्ज कराते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई। शिकायत सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी ने आरोपों की जांच कराने का फैसला लिया।
  • फीमेल स्टूडेंट्स ने लगाए ये आरोप: शिकायत में फीमेल स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया, असिस्टेंट प्रोफेसर उनके और उनके पेरेंट्स को लेकर गलत टिप्पणी करते हैं। एक स्टूडेंट ने कहा, प्रोफेसर ने गलत तरीके से छुआ है। पहनावे पर भी टिप्पणियां की जाती हैं। इसके अलावा प्रोफेसर देर रात मैसेज भी भेजता है।
  • मेल स्टूडेंट्स ने दी अलग शिकायत: मामले में मेल स्टूडेंट्स की ओर से भी शिकायत दी गई है। आरोप लगाया कि संबंधित प्रोफेसर कुछ स्टूडेंट्स को पर्सनल रूप से निशाना बनाते हैं। बातचीत के दौरान अभद्र और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
  • कुलपति ने गठित की जांच कमेटी: शिकायतों को लेकर यूनिवर्सिटी के VC प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि मामले की फैक्ट-जांच के लिए कमेटी गठित की है। कमेटी में रजिस्ट्रार डॉ. अमित कांबोज के साथ वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों को शामिल किया गया है।
शिकायतों को लेकर यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है।

शिकायतों को लेकर यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है।

असिस्टेंट प्रोफेसर को सस्पेंड करने की मांग

इन 2 शिकायतों के बाद शुक्रवार को स्टूडेंट्स ने दोबारा रजिस्ट्रार को एक लेटर और दिया। इसमें कहा, आरोपों को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन से मीटिंग हुई थी। इसमें तय हुआ कि असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, उन्हें सस्पेंड किया जाएगा। प्रोफेसर आठवें सेमेस्टर तक उनकी क्लालेस भी नहीं लेंगे, न ही एग्जाम में मार्किंग करेंगे।

लिखित आश्वासन नहीं मिलने का आरोप

इस लेटर में स्टूडेंट्स ने कहा- यूनिवर्सिटी प्रशासन से बैठक के बाद भी उन्हें कोई लिखित आश्वासन या कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई है। जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, कैंपस में प्रदर्शन करते रहेंगे। छात्रों के इस लेटर पर वीसी श्रीप्रकाश सिंह ने कहा, शिकायतों की जांच के बाद यूनिवर्सिटी नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अभी आरोपों की तथ्यात्मक जांच की जा रही है।

स्टूडेंट्स की ओर से रजिस्ट्रार को भेजा गया लेटर।

स्टूडेंट्स की ओर से रजिस्ट्रार को भेजा गया लेटर।

अब पढ़िए, क्या बोले पेरेंट्स…

बच्चों के साथ प्रोटेस्ट में शामिल होंगे

प्रोटेस्ट के समर्थन में कैंपस आए एक अभिभावक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बच्चों से जो वादे किए थे, उन पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संबंधित प्रोफेसर को अब तक सस्पेंड भी नहीं किया गया है। अगर, मंगलवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो हम भी स्टूडेंट्स के साथ प्रोटेस्ट में शामिल होंगे। आरोप है कि बच्चियों के हाथ पकड़ने, उन्हें टच करने और बिना अनुमति फोटो लेने जैसी घटनाएं होती रही हैं।

2011 से शिकायतें होने का दावा

अभिभावक का दावा है कि प्रोफेसर के खिलाफ 2011 से शिकायतें आ रही हैं। कई स्टूडेंट्स लिखकर दे चुके हैं कि वे उनके अंडर प्रोजेक्ट नहीं करना चाहते। शिकायत सामने आने के बाद प्रोफेसर स्टूडेंट्स को क्लास में अपने सामने बैठाकर अपने पक्ष में लिखवाते हैं। उन्हें कम नंबर देने और करियर खराब करने की धमकी दी जाती है।

देर रात मैसेज कर बातचीत बढ़ाने का आरोप

अभिभावक के अनुसार, प्रोफेसर स्टूडेंट्स को देर रात तक मैसेज करता है। आरोप है कि शुरुआत में GATE की कोचिंग या पढ़ाई की बात होती है, लेकिन बाद में बातचीत निजी हो जाती है। दावा है कि स्टूडेंट्स को 200 से 400 बार किसी आध्यात्मिक नाम को लिखने का असाइनमेंट दिया जाता है। इसे पूरा नहीं करने पर अबसेंट लगाने की धमकी दी जाती है।

यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर यहीं नौकरी

जानकारी के मुताबिक, संबंधित प्रोफेसर ने दीनबंधु छोटूराम विश्वविद्यालय से ही MTech की पढ़ाई की और बाद में यहीं नौकरी शुरू की। अभिभावक के अनुसार, उन्होंने करीब 2010-11 में यूनिवर्सिटी जॉइन की और तभी से स्टूडेंट्स को पढ़ा रहा है।