रायसेन: खरीदे गए गेहूं में कमी, पहचान के लिए जिला उपार्जन समितियों दिये निर्देश

13 जुलाई 2026, रायसेन: रायसेन: खरीदे गए गेहूं में कमी, पहचान के लिए जिला उपार्जन समितियों दिये निर्देश – रबी विपणन वर्ष 2026-27 में गेहूं खरीदी के बाद खरीदे गये गेहूं में कमी की जानकारी सामने आने पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत द्वारा अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरूण शमी को गेहूं की खरीदी में पाई गई कमी की गहन समीक्षा करने एवं कमी के कारणों की पहचान कर संबंधित समितियों एवं परिवहनकर्ताओं से उसकी पूर्ति कराने के निर्देश दिये गये हैं।
इन निर्देशों के अनुक्रम में अपर मुख्य सचिव खाद्य ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये हैं कि कमी के संबंध में जिला उपार्जन समिति कारणों का पता लगाये एवं कमी की पूर्ति के लिए संबंधित समितियों अथवा परिवहनकर्ताओं से वसूली की कार्यवाही सुनिश्चित करे।समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी में तुलाई, परिवहन, भंडारण आदि के हैंडलिंग कार्य में उपार्जित किये गये गेहूं की मात्रा में प्रति क्विंटल कुछ कमी आना एक सामान्य प्रक्रिया है। पिछले वर्षों में प्रति क्विंटल औसतन 176 ग्राम कमी देखने में आती थी। जबकि इस वर्ष गेहूं की खरीदी में 70 ग्राम प्रति क्विंटल की कमी देखने में आई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम है। यह भी गौरतलब है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष गेहूं की खरीदी लगभग 30 प्रतिशत अधिक होने के बाद भी प्रति क्विंटल गेहूं की खरीद में कमी की मात्रा काफी कम रही है।
प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य पंजीकृत सहकारी समितियों के साथ पंजीकृत स्व-सहायता समूह के द्वारा नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से होता है। गेहूं खरीदी का कार्य सीधे तौर पर नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा नहीं किया जाता है। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का समस्त कार्य जिला कलेक्टर की अध्यक्षता के गठित जिला स्तरीय उपार्जन समिति के माध्यम से किया जाता है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है कि गेहूं की खरीद में पाई गई कमी की प्रतिपूर्ति जिला स्तरीय उपार्जन समिति द्वारा ही संबंधित समितियों/परिवहनकर्ताओं से वसूली कर की जाती है। जिला स्तरीय समिति द्वारा यह सुनिश्चित किया जाता है कि जिले में उपार्जित गेहूं में शासन को किसी प्रकार की आर्थिक क्षति न होने पाये।
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