'मैं बीमारी भी जानता हूं और इलाज भी': जादवपुर यूनिवर्सिटी में ऐसा क्यों बोले सीएम शुभेंदु, किसे दी चेतावनी?
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर विश्वविद्यालय को माओवादी समर्थकों, फलस्तीन समर्थकों और कश्मीर की आजादी की मांग करने वालों का ‘फ्री ग्राउंड’ नहीं बनने देने की चेतावनी दी है। भाजपा के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सरकार परिसर की गतिविधियों पर नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर ड्रोन की मदद से भी जांच की जाएगी।
सीएम ने और क्या-क्या कहा?
रक्षा बंधन के मौके पर विश्वविद्यालय के बाहर भाजपा की ओर से वंदे मातरम के सामूहिक हस्ताक्षर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। राज्य में रक्षा बंधन की छुट्टी होने के कारण उस दिन विश्वविद्यालय बंद था और उसके सभी छह गेट बंद थे। कार्यक्रम में शुभेंदु अधिकारी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, 'आप बार-बार आजादी की बात करते हैं। आपको कैसी आजादी चाहिए? हेरोइन और गांजा लेने की आजादी? आप टुकड़े-टुकड़े गैंग हैं।'
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उन्होंने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय उत्कृष्ट संस्थान है और उसे सम्मान मिलना चाहिए। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जब अवंतीपोरा में 45 सीआरपीएफ जवान मारे जाते हैं या पहलगाम में एक खास धर्म के पर्यटकों की हत्या होती है, तब विरोध प्रदर्शन नहीं होते। लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर होने पर युद्ध विरोधी रैलियां निकाली जाती हैं।
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‘बीमारी भी जानता हूं, इलाज भी’
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मैं बीमारी भी जानता हूं और उसका इलाज भी। उन्होंने यह टिप्पणी 20 अगस्त की उस घटना के कुछ दिन बाद की, जब जादवपुर विश्वविद्यालय के एक गेट पर लगा लकड़ी का प्रतीक चिह्न क्षतिग्रस्त हो गया था। विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों के अनुसार, इससे एक रात पहले एबीवीपी सदस्यों और वामपंथी छात्र संगठनों के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद एबीवीपी के सदस्य कथित तौर पर परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे।
सीपीआई(एम) की छात्र इकाई एसएफआई ने आरोप लगाया था कि एबीवीपी हिंसा के लिए बाहरी लोगों को लेकर आई थी। एआईडीएसओ ने भी ऐसा ही आरोप लगाया। विश्वविद्यालय ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
दूसरी ओर, एबीवीपी ने आरोप लगाया कि जादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, यानी जूटा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय के लोगो को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी। एबीवीपी ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
‘जेएनयू और उस्मानिया के बाद जादवपुर बाकी’
शुभेंदु अधिकारी ने देशभर के एबीवीपी कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए कहा, 'आपने दिल्ली के जेएनयू और हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय को ठीक कर दिया है। जादवपुर बाकी है। इसे भी किया जाएगा। राष्ट्रवाद का तूफान शुरू हो चुका है और इसे रोका नहीं जा सकता।'
उन्होंने माओवादी कमांडर कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी का भी जिक्र किया। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि विश्वविद्यालय के कला विभाग के हॉस्टल की दीवार पर ‘रेड सैल्यूट किशनजी’ लिखा है। उन्होंने ‘कश्मीर मांगे आजादी’ के नारे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर कब्जा करने की बात होनी चाहिए और ‘फ्री फिलिस्तीन’ की जगह ‘फ्री पीओके’ का नारा लगाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य उच्च शिक्षा विभाग और वह खुद विश्वविद्यालय की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने ड्रोन लगाने की बात कही, ताकि यह पता लगाया जा सके कि परिसर में कौन कफ सिरप पहुंचा रहा है और कौन ड्रग्स का सेवन कर रहा है।
हालांकि, जादवपुर विश्वविद्यालय की कंप्यूटर साइंस की प्रोफेसर नंदिनी मुखर्जी ने शुभेंदु अधिकारी के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, “उन्होंने गलत आरोप लगाए हैं। जादवपुर विश्वविद्यालय में कोई माओवादी नहीं है। यह शिक्षा का केंद्र है।'