अखिलेश यादव ने बहनों का त्योहार भी घोटाले में बदल दिया: ओपी राजभर

अखिलेश यादव ने बहनों का त्योहार भी घोटाले में बदल दिया: ओपी राजभर

अंबेडकर नगर, 30 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर की ओर से जेपीएनआईसी को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा गया।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए जेपीएनआईसी को लेकर ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "अखिलेश यादव को पहले यह बताना चाहिए कि जेपीएनआईसी जनता के लिए बनी इमारत थी या सैफई के लिए कोई प्राइवेट बंगला। शुरू में इस प्रोजेक्ट की लागत 200 करोड़ रुपये बताई गई थी, लेकिन इस पर 865 करोड़ रुपये खर्च हुए। जनता के टैक्स के पैसे का गलत इस्तेमाल और बंटवारा इसका एक नया उदाहरण है। योगी सरकार ने इसे पीपीपी मॉडल के तहत फिर से जनता के लिए खोलने का फैसला किया है। इसीलिए उन्हें परेशानी हो रही है।"

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा, "इनके (अखिलेश यादव) राज में पूर्वांचल के गरीब बच्चों इंसेफेलाइटिस से जान चली जाती थी। अब 12 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त इलाज किया जा रहा है। अखिलेश यादव को पता नहीं है कि 2016 की तुलना में डकैती 90 प्रतिशत, लूट 85 प्रतिशत, हत्या 47 प्रतिशत और दुष्कर्म की घटनाएं 53 प्रतिशत घट गई हैं। अखिलेश यादव के राज में हर जिले में एक माफिया होता था। अब माफियाओं की संपत्ति जब्त की जा रही है। ओपी राजभर ने आगे कहा, "अखिलेश यादव के राज में लाल टोपी वाले थाने में कब्जा करते थे।

रक्षा बंधन को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "आपने (अखिलेश यादव) अपने ही दफ्तर में राखी घोटाला किया! पहले आपने 11,000 रुपये के इनाम का ऐलान किया, लेकिन जब महिलाएं आईं, तो आपने उन्हें सिर्फ 1,100 रुपये वाले लिफाफे थमा दिए। बहनों का त्योहार भी घोटाले में बदल दिया।

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि योगी सरकार में 9 सालों में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए 9.5 लाख सरकारी नौकरियां दी हैं और 6 महीनों में 1 लाख नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के राज में विज्ञापन निकलता था। 'चाचा और भतीजा' दुकान खोल देते थे। उनकी सरकार में पैसे पर नौकरी दी जाती थी। अखिलेश यादव को जाट तब याद आता है, जब चुनाव आता है।

ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "देखिए, 3 सितंबर 2013 को हाई कोर्ट ने कहा था कि 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का फायदा सिर्फ 12 जातियां ही उठा रही हैं। इसे बाकी जातियों में बांटा जाना चाहिए और आरक्षण दिया जाना चाहिए। इसी मुद्दे पर, पिछली सरकार के समय राजनाथ सिंह ने 2001 में हुकुम सिंह जी की अध्यक्षता में एक सामाजिक न्याय समिति बनाई थी। उन्होंने 27 प्रतिशत आरक्षण को 7 प्रतिशत, 9 प्रतिशत और 11 प्रतिशत में बांटा था।"

आरक्षण मामले को लेकर ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "आज जो व्यक्ति डीएम, एसपी, डीआईजी, आईजी, मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति या राज्यपाल बन गया है, उनके बेटे को आरक्षण की क्या जरूरत है? आरक्षण उन गरीबों के लिए है जो अभी तक विकास की मुख्यधारा से नहीं जुड़ पाए हैं। आरक्षण की जरूरत उन्हीं को है। इसलिए हमारा मानना ​​है कि आरक्षण गरीबों को मिलना चाहिए और अमीरों के लिए आरक्षण बंद कर दिया जाना चाहिए।"

--आईएएनएस

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