बिजली कटौती के कारण दो केंद्रों पर नहीं हो सकी नीट-पीजी परीक्षा, जांच के लिए समिति गठित - neetpg exam disrupted in jaipur due to power cuts probe ordered news in hindi
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बिजली कटौती के कारण दो केंद्रों पर नहीं हो सकी नीट-पीजी परीक्षा, जांच के लिए समिति गठित
नीट-पीजी 2026 परीक्षा के दौरान जयपुर के दो केंद्रों पर बिजली कटौती से 2445 अभ्यर्थियों की परीक्षा बाधित हुई, जिसके बाद एनबीईएमएस ने जांच समिति गठित की है।
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जयपुर में बाधित हुई नीट-पीजी की परीक्षा।
HighLights
जयपुर के दो केंद्रों पर बिजली कटौती से नीट-पीजी परीक्षा बाधित।
एनबीईएमएस ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई।
प्रभावित 2,445 छात्रों की 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा होगी।
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। मेडिकल के परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नेशनल बोर्ड ऑफ एक्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) ने रविवार को देशभर में नीट-पीजी, 2026 का आयोजन किया। बिजली कटौती की वजह से जयपुर के दो केंद्रों (आईओएन डिजिटल जोन व आइडीजेड सीतापुरा सेंटर) पर परीक्षा पूरी नहीं हो सकी।
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि बार-बार बिजली गुल होने से दो घंटे की परीक्षा के दौरान उनके कंप्यूटर लगभग 10 बार बंद हुए। एनबीईएमएस ने इसकी जांच के लिए एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
राजस्थान के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रधान सचिव गायत्री राठौर की अध्यक्षता में गठित इस समिति में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर के एक अधिकारी और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के एक वरिष्ठ इंजीनियरिंग शामिल होंगे।
पएनबीईएमएस ने एक बयान में बताया कि देशभर में परीक्षा का आयोजन काफी हद तक सुचारू रहा, सिवाय जयपुर में आई एक तकनीकी रुकावट के, जहां आंतरिक बिजली आपूर्ति की समस्या के कारण 2,445 अभ्यर्थियों की परीक्षा पूरी नहीं हो सकी।
पीटीआई के अनुसार, इन प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा जयपुर में पांच सितंबर को दूसरे सत्र (दोपहर बाद) में आयोजित की जाएगी। प्रभावित छात्रों को जल्द ही परीक्षा केंद्र की जानकारी व परीक्षा से संबंधित अन्य निर्देश दिए जाएंगे। नए प्रवेश पत्र अगले एक-दो दिन में जारी होने की संभावना है।
जयपुर संवाददाता के अनुसार, परीक्षा केंद्र के बाहर हंगामा कर रहे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा सुबह नौ बजे शुरू होनी थी, लेकिन एक घंटे की देरी से शुरू हो सकी। कुछ कंप्यूटरों को फिर स्टार्ट करने के बाद स्क्रीन पर तीन से चार प्रश्न ही दिखाई दिए। कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि बार-बार सिस्टम बंद होने और तकनीकी गड़बड़ी से अलग-अलग प्रश्न दिखाई देने के बाद उन्हें परीक्षा की गोपनीयता पर संदेह हो रहा है।
बहरहाल, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का कहना है कि यह परीक्षा सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 339 शहरों में 1,111 परीक्षा केंद्रों पर 2.73 लाख अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की गई थी। कुल 2,65,980 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। एनबीईएमएस ने एक बयान में बताया कि परीक्षा के दौरान रियल-टाइम मानिटरिंग व पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए गए थे।
परीक्षा की निगरानी के लिए कुल 2,527 फैकल्टी सदस्यों को स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता के रूप में नियुक्त किया गया था। इनके अलावा डीन, निदेशक, चिकित्सा अधीक्षक और वरिष्ठ प्रोफेसरों सहित 700 से अधिक वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों को फ्लाइंग स्क्वाड के सदस्यों के रूप में तैनात किया गया था। तालमेल और निगरानी को मजबूत करने के लिए देशभर में 16 एनबीईएमएस क्षेत्रीय कमांड सेंटर स्थापित किए गए थे।
परीक्षा केंद्रों को लाइव सीसीटीवी निगरानी में भी रखा गया था, जो द्वारका स्थित एनबीईएमएस मुख्यालय के कमांड सेंटर से की जा रही थी। रियल-टाइम निगरानी व मानिटरिंग के लिए एनबीईएमएस, स्वास्थ्य मंत्रालय, बीईएल, ईसीआइएल और टीसीएस के 190 कर्मचारियों की एक समर्पित टीम तैनात की गई थी।
बिलासपुर के एक केंद्र पर 40 मिनट ठप रहा सर्वर
बिलासपुर (छत्तीसगढ़) संवाददाता के अनुसार, शहर के प्रजना मंडपम केंद्र पर परीक्षा से पहले उपस्थिति दर्ज कराने के दौरान सर्वर की दो लाइनों में से एक के बंद होने से करीब 40 मिनट तक प्रक्रिया प्रभावित रही। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय की मीडिया सेल प्रभारी प्रो. प्रतिभा जे. मिश्रा ने कहा कि तकनीकी दिक्कत को समय रहते ठीक कर लिया गया, परीक्षा प्रारंभ होने के बाद कोई समस्या नहीं आई।