हेल्थ एजुकेशन में बड़ी छलांग: कुनकुरी, मनेन्द्रगढ़, जांजगीर, कवर्धा और गीदम में नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी - Raipur News

हेल्थ एजुकेशन में बड़ी छलांग:कुनकुरी, मनेन्द्रगढ़, जांजगीर, कवर्धा और गीदम में नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी

रायपुर35 मिनट पहले

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छत्तीसगढ़ के 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इसी सत्र से पढ़ाई शुरू होगी। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने राज्य के 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इन कॉलेजों में 50-50 एमबीबीएस सीटें मंजूर की गई हैं।

इसके साथ ही प्रदेश में 250 नई एमबीबीएस सीटें जुड़ जाएंगी। जिन जिलों में नए मेडिकल कॉलेज शुरू होंगे, उनमें गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), मनेन्द्रगढ़, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम शामिल हैं। दरअसल, एक महीने पहले इंफ्रास्ट्रक्चर और फेकल्टी की कमी के कारण एनएमसी ने इन कॉलेजों की मान्यता पर रोक लगा दी थी। बता दें कि सभी कॉलेज पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे।

मानक बनाए रखने की चेतावनी के साथ मान्यता एनएमसी ने राज्य के पांच नए मेडिकल कॉलेजों की 12 जून को मान्यता पर रोक लगा दी थी। इसके बाद से राज्य सरकार इन कॉलेजों की मान्यता बहाली के लिए सक्रिय थी। एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (एमएआरबी) ने आवेदन, निरीक्षण रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद इन कॉलेजों को लेटर ऑफ परमिशन (एलओपी) जारी कर दिया है।

इसके साथ ही इन कॉलेजों में 2026-27 सत्र से प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है। एनएमसी ने स्पष्ट किया है कि सभी कॉलेजों को भवन, अस्पताल, फैकल्टी, उपकरण, क्लिनिकल सुविधाओं और अन्य मानकों को लगातार बनाए रखना होगा। भविष्य में निरीक्षण के दौरान कमियां मिलने या नियमों का उल्लंघन होने पर आयोग कार्रवाई कर सकता है।

नए कॉलेजों में 50-50 सीटें, कुल सरकारी सीटें 1680 हुईं

15% सीटों पर ऑल इंडिया कोटे के तहत दिया जाएगा एडमिशन सरकारी मेडिकल कॉलेज होने के कारण इन मेडिकल कॉलेजों की 15% एमबीबीएस सीटों पर ऑल इंडिया कोटा के तहत प्रवेश होंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि नए मेडिकल कॉलेज शुरू होने से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे और दूरस्थ जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।

क्षेत्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधरेगी: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पांच नए मेडिकल कॉलेज केवल शैक्षणिक संस्थान नहीं होंगे बल्कि चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्थानीय मानव संसाधन विकास के केंद्र बनेंगे। इससे न केवल डॉक्टरों की नई पीढ़ी तैयार होगी, बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर उपचार मिलेगा। क्षेत्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बढ़ेगी।

छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा

इन कॉलेजों को मंजूरी मिलने से प्रदेश में एमबीबीएस की 250 सीटें बढ़ गई हैं। इससे नीट यूजी में प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धा कुछ कम होगी। कटऑफ पर भी असर पड़ सकता है। पिछले साल के मुकाबले इस साल कटऑफ कम होने की संभावना है।

10 सरकारी मेडिकल कॉलेज और एमबीबीएस सीटें

स्थानीय युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे: मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पांच नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना से न सिर्फ स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार होगा। बहुत बड़े इलाके में बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

MBBS की कुल 2580 सीटें हुईं फिलहाल, छत्तीसगढ़ के 10 सरकारी और 5 निजी मेडिकल कॉलेजों में कुल 2330 एमबीबीएस सीटें हैं। इसमें से 1430 सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हैं, जबकि 900 सीटें निजी कॉलेजों में हैं। पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी के बाद अब 15 सरकारी मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। इन कॉलेजों में 250 सीटें मंजूर हैं। 2026-27 शैक्षणिक सत्र में एमबीबीएस की कुल 2580 सीटें हो जाएंगी। 1680 सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों की होंगी।

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