पर्यावरण का विशेष ध्यान; मिला गोल्ड रेटिंग ग्रीन बिल्डिंग का दर्जा - Jalandhar News
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जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का कायाकल्प हो चुका है। आगामी 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पुनर्विकसित स्टेशन को जनता को समर्पित करेंगे। इस भव्य उद्घाटन समारोह के लिए स्टेशन परिसर में वाटरप्रूफ टेंट लगाया जा रहा है। मुख्य द्वार के बाहर विशेष सफाई अभियान चलाया गया है और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर अभी से पहरा बढ़ा दिया है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 125 करोड़ रुपये के बजट से स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव देना है। नए डिजाइन में दिव्यांग जनों की सहूलियत का विशेष ध्यान रखा गया है और स्टेशन को आसपास की सड़कों व फुटपाथों से इस तरह जोड़ा कि यात्रियों को आवाजाही में कोई परेशानी न हो।
जालंधर | कैंट रेलवे स्टेशन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले सुरक्षा कड़ी है। इसी दौरान अलगाववादियों ने सोमवार को मोहाली में स्कूलों में बम की धमकी वाली ईमेल भेजकर कहा है कि लोग समारोह में न जाएं। मोहाली में स्कूलों के मामले में दी गई धमकी से एजेंसियां अलर्ट हैं। उधर, धमकी मिलते ही स्कूलों को बंद करा दिया गया था। बच्चों को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया।
जालंधर कैंट के समारोह में न जाने वाली बात कहने वाला धमकी भरा ईमेल मोहाली के फेज-6 स्थित शिवालिक पब्लिक स्कूल सुबह करीब 9 बजे आया, जिसमें कहा था कि 17 जुलाई को भी बम धमाके होंगे। मेल में जालंधर- चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को भी टारगेट करने की धमकी दी है। कैंट रेलवे स्टेशन पर पीएम ने प्रोजेक्ट का उद्घाटन करना है। इसमें ये भी कहा है कि कोई मोदी की रैलियों में न जाए, वरना बम धमाके में मारे जाओगे। पीएम मोदी के आने से पहले कैंट रेलवे स्टेशन पर चल रहा तैयारी का काम। उद्घाटन के लिए पटरियों को भी रंगा गया है।
जालंधर कैंट स्टेशन पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल बनाया है, जिसके लिए इसे गोल्ड रेटिंग के अनुरूप ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया है। ये विशेषताएं शामिल हैं: ग्रीन एरिया : स्टेशन परिसर के भीतर सुंदर हरित क्षेत्र (ग्रीन जोन) तैयार किया गया है। इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग : पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए परिसर में ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं। वेस्ट मैनेजमेंट : गंदे पानी को साफ कर दोबारा इस्तेमाल करने के लिए 90 केएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया है। सुरक्षा चक्र : चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए पूरे स्टेशन परिसर को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी प्रणाली से लैस किया गया है।