धौलपुर पुलिस ने साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए: ई-विजिटर सुविधा भी शुरू की, बॉटनेट मैलवेयर से बचने की सलाह - Dholpur News

धौलपुर पुलिस ने गुलाब बाग चौराहे और मचकुंड पर लोगों को साइबर ठगी के प्रति जागरूक।

धौलपुर में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है।

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पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस ने गुलाब बाग चौराहे और प्रमुख पर्यटन स्थल तीर्थराज मचकुंड पर लोगों, पर्यटकों और राहगीरों को साइबर ठगी के तरीकों और उनसे बचाव के उपाय बताए।

इस दौरान पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कस्टमर केयर, KYC अपडेट, ऑनलाइन जॉब और निवेश के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर विशेष रूप से सतर्क किया।

फर्जी अधिकारी बनकर ठगी, OTP-पिन मांगने से रहें सावधान

पुलिस ने बताया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। ठग कभी फर्जी बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी या कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर कॉल करते हैं तो कभी बिजली विभाग, KYC अपडेट, ऑनलाइन जॉब, निवेश और लोन का झांसा देते हैं। सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर भी लोगों से संपर्क किया जा रहा है।

पुलिस ने लोगों को चेताया कि OTP, PIN, CVV और UPI PIN जैसी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और बिना जांच-पड़ताल के किसी भी ऐप या APK को डाउनलोड न करें।

Android यूजर्स को Botnet Malware से बचने की सलाह

पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने एंड्राइड मोबाइल यूजर्स को साइबर खतरों से बचाव के लिए ‘eScan CERT-In Bot Removal App’ का इस्तेमाल करने की सलाह दी। पुलिस के अनुसार यह ऐप मोबाइल में मौजूद बॉट, मालवेयर, ट्रोजन और अन्य साइबर खतरों को पहचानकर हटाने में मदद करता है।

पुलिस ने मोबाइल फोन और उसमें मौजूद एप्लीकेशन को समय-समय पर अपडेट रखने तथा ऐप केवल भरोसेमंद स्रोतों से डाउनलोड करने की अपील की।

Digital Arrest के नाम पर धमकाएं तो तुरंत समझें ठगी

अभियान के दौरान लोगों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली साइबर ठगी के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोई भी वास्तविक पुलिस अधिकारी या सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के जरिए किसी व्यक्ति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर पैसे ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहती। ऐसे किसी भी कॉल या धमकी से घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई।

RajCop Citizen App में शुरू हुई E-Visitor सुविधा

इसी बीच राजस्थान पुलिस की नई तकनीकी पहल के तहत RajCop Citizen मोबाइल ऐप पर ‘ई-विजिटर’ सुविधा शुरू की गई है। इसके जरिए होटल, धर्मशाला और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों के संचालक अपनी SSO ID से मोबाइल पर लॉग-इन कर वहां आने वाले लोगों का ब्योरा दर्ज कर सकेंगे।

इस सुविधा से छोटे होटल और धर्मशाला संचालकों के लिए ऑनलाइन रिकॉर्ड रखना आसान होगा। साथ ही पुलिस को अपराध की रोकथाम और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में डिजिटल सहायता मिलेगी।

ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत

पुलिस ने लोगों से अपील की कि साइबर ठगी का शिकार होने या बैंक खाते से संदिग्ध लेन-देन होने पर समय बर्बाद न करें और तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ सकती है।