राजस्व वादों के निस्तारण में अम्बेडकरनगर प्रदेश थर्ड: अपर एसडीएम ने लंबित मामलों की संख्या घटाने में बनाई जगह - Ambedkarnagar News

  • Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Ambedkarnagar
  • Ambedkarnagar News | Akbarpur SDM Court Ranks 3rd In Revenue Case Disposal

राजस्व वादों के निस्तारण में अम्बेडकरनगर प्रदेश थर्ड:अपर एसडीएम ने लंबित मामलों की संख्या घटाने में बनाई जगह

अरुणेश प्रताप सिंह | अम्बेडकरनगर32 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अम्बेडकरनगर में राजस्व वादों के समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में अम्बेडकरनगर ने प्रदेश स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से राजस्व वादों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा में अपर एसडीएम अकबरपुर न्यायालय को प्रदेश में तीसरी रैंक मिली है। यह रैंक एक माह के दौरान लंबित राजस्व वादों की संख्या में आई कमी के आधार पर दी गई है।

RCCMS के आंकड़ों से हुआ मूल्यांकन

RCCMS पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, एक जून 2026 को लंबित राजस्व वादों की संख्या की तुलना एक जुलाई 2026 की स्थिति से की गई। इस अवधि में अपर एसडीएम अकबरपुर न्यायालय में लंबित मामलों की संख्या में कमी दर्ज की गई। मामलों के निस्तारण में हुई प्रगति के आधार पर न्यायालय को प्रदेश स्तर पर तीसरा स्थान मिला।

समयबद्ध निस्तारण पर शासन का जोर

राजस्व वादों के निस्तारण को लेकर शासन की ओर से लगातार अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही मामलों के निस्तारण में पारदर्शिता और निर्णय की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने लंबित राजस्व मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने की प्रक्रिया तेज की है।

न्यायालयों को निष्पक्ष निर्णय के निर्देश

प्रशासन की ओर से अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी राजस्व वादों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा में किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो। प्रत्येक मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए गुणवत्तापूर्ण निर्णय देने पर जोर दिया जा रहा है।

लंबित मामलों में कमी से मिली रैंक

प्रदेश की रैंकिंग में तीसरा स्थान मिलना राजस्व वादों के निस्तारण में हुई प्रगति का परिणाम माना जा रहा है। इससे लंबित मामलों को कम करने के लिए किए जा रहे प्रशासनिक प्रयासों को भी बल मिला है। प्रशासन का जोर आगे भी राजस्व वादों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण जारी रखने पर है।

.