मायावती के करीबी देववृत्त त्यागी ने बसपा छोड़ी: मेरठ में बोले- लगातार फेरबदल से पार्टी कमजोर हुई, आकाश को निकालकर गलत किया - Meerut News

बसपा को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी में झटका लगा है। मायावती के करीबी माने जाने वाले देववृत्त त्यागी ने शुक्रवार को पार्टी छोड़ दी। उन्होंने अपना इस्तीफा बसपा प्रमुख मायावती को भेजा है।

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दवा कारोबारी देववृत्त त्यागी ने 2024 में मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, नतीजों में वह तीसरे नंबर पर रहे थे। भाजपा के अरुण गोविल यहां से सांसद हैं। लोकसभा चुनाव के बाद से ही पार्टी संगठन में देववृत्त की सक्रियता कम देखी जा रही थी।

शमशुद्दीन राइन ने 2024 में देववृत्त त्यागी को सांसद प्रत्याशी घोषित किया था।

शमशुद्दीन राइन ने 2024 में देववृत्त त्यागी को सांसद प्रत्याशी घोषित किया था।

देववृत्त बोले- लगातार बदलाव से कार्यकर्ताओं में असमंजस

देववृत्त त्यागी ने पार्टी छोड़ने की वजह संगठन में लगातार हो रहे फेरबदल को बताया। उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव की तैयारियों के समय संगठन को मजबूत करने की जरूरत है। लेकिन ऐसा करने के बजाय लगातार पदाधिकारियों में बदलाव किए जा रहे हैं। इससे कार्यकर्ताओं में असमंजस और अविश्वास की स्थिति बन रही है।

पार्टी मुख्यालय में बैठे कुछ लोग ऐसे फैसले ले रहे हैं, जिससे संगठन कमजोर हो रहा है। देववृत्त ने कहा कि चुनाव का समय नजदीक है। ऐसे में बूथ स्तर तक संगठन की मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना चाहिए। चुनावी रणनीति पर काम होना चाहिए।

'आकाश आनंद को बाहर करने का फैसला गलत'

देववृत्त त्यागी ने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि चुनावी तैयारियों के बीच आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करना उचित नहीं था। उनके मुताबिक इससे कार्यकर्ताओं में गलत संदेश गया है। उन्होंने कहा कि केवल आकाश आनंद ही नहीं, बल्कि जिला अध्यक्ष, मंडल प्रभारी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक पदाधिकारियों में बार-बार बदलाव हो रहे हैं। इससे संगठन प्रभावित हो रहा है।

‘कई पुराने बसपाई भी छोड़ने की तैयारी में’

देववृत्त त्यागी ने दावा किया कि मेरठ में कई पुराने बसपाई पार्टी की मौजूदा कार्यप्रणाली से नाराज हैं। कई लोग पार्टी छोड़ने का मन बना चुके हैं। आने वाले दिनों में दूसरे कार्यकर्ताओं के इस्तीफे भी सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अभी से बूथ स्तर पर काम होना चाहिए। कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाना चाहिए। संगठन को चुनाव के लिए तैयार करना चाहिए।

देववृत्त ने अरुण गोविल को नौटंकी वाले राम बताया था।

देववृत्त ने अरुण गोविल को नौटंकी वाले राम बताया था।

एक दिन पहले नाराज बसपाइयों ने की बैठक

देववृत्त त्यागी समेत कुछ नाराज बसपाइयों ने एक दिन पहले बैठक की थी। इसमें पार्टी की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई। आकाश आनंद को बाहर किए जाने समेत कई मुद्दे उठे। बताया जा रहा है कि बैठक के बाद कुछ नेता सपा के एक पदाधिकारी से भी मिले। इसके बाद देववृत्त त्यागी ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया।

जिलाध्यक्ष बोले- संगठन पर कोई असर नहीं पड़ेगा

बसपा जिलाध्यक्ष मोहित जाटव ने देववृत्त त्यागी के इस्तीफे से किसी तरह के नुकसान से इनकार किया। उन्होंने कहा कि देववृत्त लोकसभा चुनाव के बाद से पार्टी कार्यालय नहीं आए। वर्तमान में संगठन में उनके पास कोई पद भी नहीं था। इसलिए उनके जाने से संगठन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने दूसरे बसपाइयों के पार्टी छोड़ने की चर्चाओं को भी गलत बताया।

बसपा जिला संगठन की बैठक शनिवार को फूलबाग कॉलोनी स्थित पार्टी कार्यालय में होगी। इसमें पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कैडर कैंप की जिम्मेदारियां दी जाएंगी। आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों पर भी चर्चा होगी।

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