'मोदी की तेरहवीं' मनाने वाली नीशू नहीं है हिंदू! धर्म को लेकर किया बड़ा खुलासा, वायरल वीडियो में और क्या कहा?
'मोदी की तेरहवीं' मनाने वाली नीशू नहीं है हिंदू! धर्म को लेकर किया बड़ा खुलासा, वायरल वीडियो में और क्या कहा?
Published: Sunday, September 13, 2026, 15:58 [IST]
Nishu Azad Speaks Out on Religion: निशू आजाद ने अपनी धार्मिक पहचान को लेकर चल रही चर्चाओं पर खुलकर बात की है। एक इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि वह हिंदू हैं या बौद्ध धर्म को मानती हैं। इस पर निशू ने कहा कि सरकारी दस्तावेजों में फिलहाल उनकी पहचान हिंदू के तौर पर है, लेकिन वह हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों को नहीं मानतीं। उन्होंने बताया कि वह बौद्ध धर्म की परंपराओं और विचारों को मानती हैं।
निशू ने कहा कि वह बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों से काफी प्रभावित हैं। उनके मुताबिक, करीब चार साल पहले उन्होंने हिंदू धर्म की धार्मिक मान्यताओं को मानना छोड़ दिया था। उन्होंने आंबेडकर के साथ पेरियार और महात्मा फुले को भी पढ़ा है। निशू ने बताया कि वह और उनका परिवार जल्द ही बौद्ध धर्म अपनाने की प्रक्रिया पूरी करने वाले हैं।
'डॉक्यूमेंट्स में अभी हिंदू हूं'
इंटरव्यू में निशू आजाद से उनकी धार्मिक पहचान को लेकर सीधा सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि लोग उन्हें हिंदू मानते हैं या बौद्ध धर्म से जुड़ा हुआ मानते हैं। इस पर निशू ने कहा कि सरकारी दस्तावेजों में फिलहाल उनकी पहचान हिंदू के रूप में है, लेकिन उनकी व्यक्तिगत सोच और धार्मिक आस्था अलग है। उन्होंने बताया कि वह हिंदू धर्म से जुड़े रीति-रिवाजों का पालन नहीं करतीं।
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बौद्ध धर्म के रीति-रिवाज मानती हैं
निशू ने कहा कि वह बौद्ध धर्म के रीति-रिवाजों को मानती हैं और उनसे जुड़े विचारों में विश्वास रखती हैं। उनके अनुसार, उनके सोचने का तरीका भी बौद्ध विचारों से प्रभावित है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह और उनका परिवार मन से बौद्ध हो चुके हैं, तो उन्होंने इसका जवाब हां में दिया।
Waaooo....What an unbelievable level of hypocrisy 🥲
Nishu Azad is saying that according to her documents, she is Hindu, but in her heart, she has converted to Buddhism.
Bro, what kind of logic is this?
If she considers herself Buddhist, then why keep carrying a Hindu… pic.twitter.com/pHM9uPelHI
— Disha (@Lucid_Direction) September 13, 2026
निशू ने बताया कि उनका परिवार आने वाले समय में बौद्ध धर्म अपनाने की प्रक्रिया भी पूरी करना चाहता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्हें थोड़ा समय चाहिए, क्योंकि धर्म से जुड़े बदलाव को अच्छी तरह समझना जरूरी है।
बाबा साहेब के विचारों से हुईं प्रभावित
निशू आजाद ने अपनी सोच में बदलाव की वजह बताते हुए बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि करीब चार साल पहले उन्होंने हिंदू धर्म की मान्यताओं का पालन करना बंद कर दिया था। उस समय वह बाबा साहेब आंबेडकर को पढ़ और समझ रही थीं। इसी दौरान उन्होंने आंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाओं के बारे में भी जाना। इसके साथ ही उन्होंने बौद्ध धर्म और उससे जुड़े आंबेडकर के विचारों को पढ़ा।
पेरियार और महात्मा फुले को भी पढ़ा
निशू ने बताया कि उन्होंने सिर्फ बाबा साहेब के विचारों को ही नहीं पढ़ा, बल्कि पेरियार और महात्मा फुले जैसे दूसरे सामाजिक विचारकों के बारे में भी जाना। उनका कहना है कि इन महापुरुषों के विचारों को समझने के बाद उन्हें लगा कि जिन बातों को वह उस समय मान रही थीं, ये लोग उन मान्यताओं को नहीं मानते थे। निशू के मुताबिक, इसी पढ़ाई और समझ के बाद उनकी धार्मिक सोच में बदलाव आया।
'उनके विचार हर घर तक पहुंचाने हैं'
निशू आजाद ने कहा कि वह बाबा साहेब आंबेडकर और दूसरे महापुरुषों के विचारों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि अगर वह उनके विचारों को मानती हैं तो उन पर खुद भी चलना जरूरी है। साथ ही लोगों को उनके विचारों के बारे में बताना भी जरूरी है। निशू ने इसी सोच को अपने धर्म और जीवन से जुड़े फैसले की वजह बताया।
जल्द बौद्ध धर्म अपनाने की बात
इंटरव्यू में निशू ने साफ किया कि वह फिलहाल दस्तावेजों में हिंदू हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से बौद्ध धर्म के विचारों और रीति-रिवाजों को मानती हैं। उन्होंने कहा कि वह और उनका परिवार जल्द ही बौद्ध धर्म अपनाने की प्रक्रिया पूरी करने वाले हैं। हालांकि, इसके लिए वह थोड़ा समय लेना चाहती हैं, ताकि इससे जुड़े सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझ सकें।
इस तरह निशू आजाद ने अपनी धार्मिक पहचान को लेकर पूछे जा रहे सवाल का जवाब देते हुए दस्तावेजी पहचान और अपनी व्यक्तिगत आस्था के बीच अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने अपने विचारों में बदलाव का श्रेय बाबा साहेब आंबेडकर, पेरियार और महात्मा फुले जैसे विचारकों को पढ़ने और समझने को दिया।
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