इतिहास में पहली बार मक्का में बजा हवाई खतरे का सायरन! हूती हमलों से सऊदी अरब में हड़कंप

इतिहास में पहली बार मक्का में बजा हवाई खतरे का सायरन! हूती हमलों से सऊदी अरब में हड़कंप

Time Updated: Wednesday, September 16, 2026, 11:28 [IST]

Mecca Put on Air Raid Alert: सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच मंगलवार को मक्का, जेद्दा और ताइफ समेत कई इलाकों में थोड़े समय के लिए हवाई खतरे के अलर्ट जारी किए गए। खास बात यह रही कि मक्का में इस तरह का अलर्ट पहली बार जारी किया गया। कुछ ही देर बाद सऊदी सिविल डिफेंस ने खतरा टलने की जानकारी दी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब यमन से सक्रिय हूती समूह ने हाल के दिनों में सऊदी अरब के कई ठिकानों को निशाना बनाया है। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार के हमलों में 13 लोग घायल हुए थे। दूसरी ओर, हूती पक्ष ने मक्का को निशाना बनाने के सऊदी दावे से इनकार किया है। इस बीच लाल सागर के अहम समुद्री रास्ते बाब अल-मंदब को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।

Mecca Put on Air Raid Alert

मक्का में पहली बार जारी हुआ अलर्ट

सऊदी सिविल डिफेंस ने मंगलवार को मक्का के साथ जेद्दा और ताइफ में हवाई खतरे से जुड़े अलर्ट जारी किए। रिपोर्ट के मुताबिक, ये चेतावनियां कुछ समय बाद हटा दी गईं। सऊदी अधिकारियों ने लोगों से सिविल डिफेंस के निर्देशों का पालन करने और भीड़ लगाने या घटना की रिकॉर्डिंग करने से बचने को कहा।

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सऊदी सिविल डिफेंस ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि मक्का में खतरा टल गया है। आपात स्थिति में लोगों को 911 पर संपर्क करने की सलाह दी गई।

हूतियों के हमलों के बाद बढ़ा तनाव

मक्का और दूसरे शहरों में अलर्ट ऐसे समय जारी हुए जब हूतियों ने सऊदी अरब पर हमले तेज किए हैं। सोमवार को हुए हमलों में 13 लोगों के घायल होने की जानकारी सऊदी पक्ष की ओर से दी गई। हूतियों ने दक्षिणी सऊदी अरब में किंग खालिद एयर बेस पर बड़े हमले का दावा भी किया, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई।

इससे पहले यमन के पश्चिमी हिस्से में भी लड़ाई तेज हुई है। सऊदी समर्थित यमनी सरकार की सेनाओं ने हूती ठिकानों के खिलाफ हवाई हमले किए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, मोखा और ताइज के आसपास भी संघर्ष हुआ है।

मक्का को निशाना बनाने के दावे पर हूतियों का जवाब

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा ने मक्का की ओर बढ़ रहे हूती ड्रोन को रोक दिया। हालांकि, हूती राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य हाजेम अल-असद ने इस दावे को खारिज किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि मक्का को निशाना बनाने की बात एक पुराना और झूठा दावा है। इस तरह दोनों पक्षों की ओर से घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

मदीना की उड़ानों पर भी असर

इजरायली अखबार हायोम की रिपोर्ट के मुताबिक, मदीना के प्रिंस मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट जाने वाली हवाई आवाजाही भी प्रभावित हुई। इसी दौरान सऊदी समर्थित यमनी सरकार और सऊदी सेना ने ताइज शहर के आसपास हूती ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में हवाई यातायात और हमलों से जुड़े विवरणों में अंतर है, इसलिए इन घटनाओं को संबंधित पक्षों के दावों के साथ देखना जरूरी है।

यमन में फिर तेज हुई लड़ाई

यमन में हूतियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच लड़ाई हाल के दिनों में फिर तेज हुई है। हूती समूह ने लाल सागर के पश्चिमी तट के कई हिस्सों में तेजी से बढ़त बनाई है। बाब अल-मंदब के पास उनकी मौजूदगी ने इस संघर्ष को और अहम बना दिया है, क्योंकि यह समुद्री रास्ता लाल सागर और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ अपने हमलों को जारी रखने की बात कही है। हूती नेता हाजेम अल-असद ने कहा कि जब तक सऊदी अरब के हमले जारी रहेंगे, यमन की तरफ से जवाब भी जारी रहेगा और बढ़ सकता है।

बाब अल-मंदब को लेकर कतर की चेतावनी

इस बीच कतर ने बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य को बंद किए जाने की संभावना पर चिंता जताई है। कतर के विदेश मंत्रालय के अधिकारी इब्राहिम अल-हाशमी ने कहा कि दुनिया पहले से ही होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट का असर झेल रही है। उनके मुताबिक, बाब अल-मंदब भी बंद हुआ तो इसका असर पूरी दुनिया पर बहुत गंभीर हो सकता है।

बाब अल-मंदब लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में स्थित अहम समुद्री रास्ता है। यहां तनाव बढ़ने से तेल और दूसरे सामान की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई पर असर पड़ने की चिंता बढ़ी है।

ट्रंप ने सऊदी मदद की मांग पर क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, सऊदी क्राउन प्रिंस ने युद्ध में अमेरिकी दखल की मांग की थी। ट्रंप ने कहा कि हूतियों ने भी अमेरिका से संपर्क कर उससे संघर्ष में शामिल नहीं होने को कहा था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने अब तक सऊदी अरब को मुख्य रूप से खुफिया मदद दी है, जबकि सैन्य कार्रवाई में सीधे शामिल होने को लेकर स्थिति अलग बनी हुई है।

तेल और समुद्री रास्ते पर बढ़ा दबाव

हूती लड़ाकों की लाल सागर के तट पर बढ़त और बाब अल-मंदब के आसपास उनकी मौजूदगी ने सऊदी अरब के तेल निर्यात को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। इसी दौरान सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन भी हमले के बाद बंद हुई थी। यह पाइपलाइन देश के तेल क्षेत्रों को लाल सागर से जोड़ती है और होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट के समय सऊदी तेल के लिए एक अहम रास्ता है।

क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। ब्रेंट क्रूड मंगलवार को 108 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया था।

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