जिस यात्री की वजह से अफसर पीटा गया, उसकी कहानी: बोला- हम आगरा में प्लेटफॉर्म पर थे, चेन पुलिंग कैसे कर सकते हैं; हमें फंसाया गया - Agra News

'12 जुलाई को मैं अपनी फ्रेंड रंजीता के साथ हीराकुंड एक्सप्रेस से पुरी जा रहा था। ट्रेन आगरा में रुकी, तो हम लोग पेठा लेने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतर गए। कुछ देर बाद ट्रेन चल दी। रंजीता के पैर में चोट लगी थी। इसलिए वह दौड़ नहीं पाई। यह देखकर डिप्टी एसएस

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तभी RPF के जवान आ गए। मुझे और रंजीता को ट्रेन से उतार लिया। थाने लेकर जाने लगे। तभी डिप्टी एसएस ने कहा कि ट्रेन मैंने रुकवाई है। जवानों ने डिप्टी एसएस के साथ मारपीट शुरू कर दी। मुझसे चेन पुलिंग करने के जुर्म में 1000 रुपए ले लिए। रसीद भी नहीं दी। जब हम ट्रेन में चढ़ ही नहीं पाए, तो चेन पुलिंग कैसे कर दी?'

यह कहना है लुधियाना के रहने वाले ट्रेन यात्री आशीष का। डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर ने आशीष की फ्रेंड रंजीता के लिए ट्रेन रुकवाई थी। दैनिक भास्कर ने आशीष से फोन पर बातचीत की। आशीष ने बताया कि हम लोगों की कोई गलती नहीं थी। फिर भी हम लोगों को आरोपियों की तरह ट्रीट किया गया।

घटना वाले दिन आखिर क्या-क्या हुआ था, आशीष ने पूरी घटना को विस्तार से बताया। पढ़िए रिपोर्ट…

12 जुलाई को आरपीएफ जवान DSS नरेंद्र चाहर को घसीटकर थाने ले गए थे।

12 जुलाई को आरपीएफ जवान DSS नरेंद्र चाहर को घसीटकर थाने ले गए थे।

रेलवे अफसर से मारपीट की कहानी, यात्री की जुबानी

DSS ने हमारी मदद की, RPF जवान जबरन खींचकर ले गए

आशीष बताते हैं- मैं और रंजीता हीराकुंड एक्सप्रेस ट्रेन के एम-1 कोच में बैठे थे। रविवार (12 जुलाई) की सुबह करीब 11 बजे आगरा कैंट स्टेशन पर ट्रेन रुकी। इस पर हम दोनों पेठा लेने के लिए नीचे उतर गए। हम पेठा लेकर पैसे दे ही रहे थे, तभी ट्रेन चलने लगी। मैं ट्रेन पकड़ने के लिए दौड़ा। लेकिन, मेरी फ्रेंड रंजीता तेज नहीं दौड़ पाई, क्योंकि उसके पैर में चोट थी।

हमारी ट्रेन छूटती देखकर प्लेटफॉर्म पर मौजूद डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट नरेंद्र चाहर ने वॉकी-टॉकी से लोको पायलट को सूचना दी और ट्रेन रुकवा दी। ट्रेन रुकने के बाद हम दोनों ट्रेन के बी-3 कोच में चढ़ गए।

हम सीट पर बैठे ही थे कि तभी पीछे से आरपीएफ के जवान आ गए। उन लोगों ने हमें ट्रेन से नीचे उतार लिया। कहा कि हम दोनों ने चेन पुलिंग की है। हमने मना किया तो वह हम दोनों को जबरन खींचकर थाने लेकर जाने लगे।

तभी डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर वहां आ गए। उन्होंने जवानों को बताया कि आशीष और रंजीता ने ट्रेन नहीं रुकवाई है। उनकी ट्रेन छूट रही थी, इसलिए मैंने लोको पायलट को सूचना देकर ट्रेन रुकवाई है। लेकिन, आरपीएफ जवान उनकी बात मानने को तैयार नहीं थे।

ये रंजीता और उनके फ्रेंड आशीष हैं। आशीष ने बताया कि मैंने चेन पुलिंग नहीं की, फिर भी हमसे 1000 रुपए ले लिए गए।

ये रंजीता और उनके फ्रेंड आशीष हैं। आशीष ने बताया कि मैंने चेन पुलिंग नहीं की, फिर भी हमसे 1000 रुपए ले लिए गए।

आरपीएफ जवानों ने मारपीट कर DSS को जमीन पर गिरा दिया

आशीष बताते हैं- आरपीएफ जवानों और डिप्टी एसएस के बीच बहस हो गई। फिर दोनों के बीच मारपीट की नौबत आ गई। प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य लोग भी आ गए। DSS नरेंद्र चाहर के स्टाफ वाले भी आ गए। लेकिन, आरपीएफ जवानों ने किसी की नहीं सुनी।

रंजीता DSS नरेंद्र चाहर का हाथ पकड़े थी। वह लगातार आरपीएफ जवानों से बोल रही थी कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। इसी बीच एक जवान ने DSS नरेंद्र चाहर के थप्पड़ जड़ दिया। फिर दूसरे लोगों ने भी DSS नरेंद्र चाहर के साथ मारपीट शुरू कर दी। उन्हें प्लेटफॉर्म पर गिरा दिया।

आरपीएफ की टीम DSS को घसीटते हुए आरपीएफ थाने ले गए। 4 आरपीएफ जवान उनको हाथ-पैर पकड़कर करीब 300 मीटर घसीटते रहे। स्टेशन पर मौजूद लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया था।

जब हम ट्रेन में नहीं थे, तो चेन पुलिंग कैसे की?

आशीष ने बताया- आरपीएफ मुझे और रंजीता को थाने ले गई। हमसे चेन पुलिंग करने के जुर्म में एक हजार रुपए ले लिए। इसकी कोई रसीद भी नहीं दी। जबकि, हमने चेन पुलिंग नहीं की थी। जब हम ट्रेन में चढ़ ही नहीं पाए, ट्रेन में थे ही नहीं तो हमने चेन पुलिंग कैसे कर दी? हमने RPF वालों से कई बार यह बात कही, मगर उन्होंने एक न सुनी।

स्टेशन पर हुए विवाद के चलते हमारी उनकी ट्रेन छूट गई। हम दोनों काफी देर तक स्टेशन पर रहे। फिर दूसरी ट्रेन से रवाना हुए। हम जगन्नाथ यात्रा में शामिल होने आए हैं।

ये तस्वीर 12 जुलाई की है, जब DSS और आरपीएफ के जवानों के बीच धक्का-मुक्की हो रही थी।

ये तस्वीर 12 जुलाई की है, जब DSS और आरपीएफ के जवानों के बीच धक्का-मुक्की हो रही थी।

DSS की मेडिकल रिपोर्ट में क्या आया, वो पढ़िए-

स्टेशन उपाधीक्षक नरेंद्र सिंह चाहर की मेडिकल रिपोर्ट मंगलवार (14 जुलाई) को सामने आई। जिला अस्पताल के ईएनटी स्पेशलिस्ट की जांच में नरेंद्र चाहर के बाएं कान का पर्दा फटने (टायंपेनिक मेम्ब्रेन लेसरेशन) की पुष्टि हुई है।

नरेंद्र चाहर की पत्नी हरेंद्री चाहर ने कहा था कि आरोपियों पर कार्रवाई की जाए, वरना हम जान दे देंगे।

नरेंद्र चाहर की पत्नी हरेंद्री चाहर ने कहा था कि आरोपियों पर कार्रवाई की जाए, वरना हम जान दे देंगे।

पत्नी बोली- आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जान दे दूंगी

DSS नरेंद्र चाहर की पत्नी हरेंद्री चाहर ने मंगलवार को कहा था- आप सभी को पता है कि उन लोगों ने मेरे पति के साथ क्या किया। 3 दिन हो गए हैं, लेकिन उन लोगों के साथ कुछ भी नहीं हुआ है। उन्होंने इतना गलत किया, इतना गलत किया कि वो वीडियो किसी से देखा नहीं जाता। मैंने अभी तक वो देखा ही नहीं है। मैं अपने पति के लिए ऐसा कभी बर्दाश्त नहीं कर सकती।

मंगलवार को एक्शन न होता देखकर पीड़ित DSS की बहन पटरी पर कूद गई थी। रेल रोकने की चेतावनी दी थी।

मंगलवार को एक्शन न होता देखकर पीड़ित DSS की बहन पटरी पर कूद गई थी। रेल रोकने की चेतावनी दी थी।

कल को पूरे प्रदेश में प्रदर्शन हुआ था

रेलवे अफसर को प्लेटफॉर्म पर घसीटकर पीटने के मामले में मंगलवार को पूरे प्रदेश में प्रदर्शन हुआ था। सुबह 10.30 बजे से आगरा, मथुरा, झांसी समेत 30 शहरों में रेलकर्मियों ने RPF के खिलाफ प्रदर्शन किया। आगरा में 1000 से ज्यादा रेल कर्मचारी सड़क पर उतर आए थे।

DRM ऑफिस के बाहर RPF जवानों के सामने नारेबाजी की। महिला कर्मचारियों ने भी RPF मुर्दाबाद और हाय-हाय के नारे लगाए। पीड़ित रेलवे अफसर की बहन पटरी पर कूद गई थी। ट्रेन रोकने की चेतावनी दी थी।

जानिए, अब तक क्या कार्रवाई हुई

  • 13 जुलाई को जांच टीम मौके पर पहुंची। घटना वाले प्लेटफॉर्म पर लगे सीसीटीवी का DVR कब्जे में लिया। अब फुटेज के आधार पर पूरे घटनाक्रम को खंगाला जाएगा।
  • जांच टीम सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की भी बारीकी से जांच कर रही है। इसके अलावा जिस महिला की वजह से विवाद शुरू हुआ, उससे भी संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है। जांच टीम महिला के बयान दर्ज करेगी।
  • रेलवे ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई है। इसमें सीनियर डिविजनल ऑपरेशंस मैनेजर, सीनियर डिविजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और सीनियर डिविजनल सिक्योरिटी कमिश्नर (आरपीएफ) शामिल हैं।
  • DSS के साथ मारपीट की सूचना पर रेलवे कर्मचारियों ने आरपीएफ थाने के बाहर मंगलवार सुबह करीब 11 बजे नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। इसके बाद आरपीएफ के एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बालकिशन, कॉन्स्टेबल बदन सिंह और कॉन्स्टेबल जितेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया।
12 जुलाई को DSS के साथ आरपीएफ जवानों ने मारपीट की। इसके बाद 4 लोगों को सस्पेंड कर दिया गया था।

12 जुलाई को DSS के साथ आरपीएफ जवानों ने मारपीट की। इसके बाद 4 लोगों को सस्पेंड कर दिया गया था।

जानिए, क्या था पूरा मामला

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर 12 जुलाई (रविवार) की सुबह करीब 11 बजे डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर से RPF जवानों ने मारपीट की थी। दरअसल, प्लेटफार्म नंबर-1 पर अमृतसर से हीराकुंड एक्सप्रेस ट्रेन आई थी। इसी दौरान एक महिला यात्री उसी ट्रेन से नीचे उतरी और कुछ सामान खरीदने लगी। तभी ट्रेन चलने लगी। महिला यात्री ने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन नहीं चढ़ पाई।

इस पर स्टेशन पर तैनात डिप्टी SS नरेंद्र चाहर ने महिला को भागते देखकर वॉकी-टॉकी से लोको पायलट को सूचना दी और ट्रेन रुकवा दी। ट्रेन की रफ्तार कम हुई, तो महिला उसमें चढ़ने लगी। तभी वहां तैनात आरपीएफ कर्मी ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में रोक लिया। DSS नरेंद्र चाहर ने इसका विरोध किया। कहा कि ट्रेन को उन्होंने रुकवाया है। लेकिन, आरपीएफ जवान ने उनकी बात नहीं मानी।

दोनों के बीच विवाद हो गया। मारपीट की नौबत आ गई। आरपीएफ जवान ने अपने साथियों को बुला लिया। सभी DSS नरेंद्र चाहर को पकड़कर ले जाने लगे। उन्होंने विरोध किया, तो पकड़कर जमीन पर गिरा दिया। DSS फर्श पर छटपटाते रहे। लेकिन, 4 आरपीएफ कर्मी उनको हाथ-पैर पकड़कर करीब 300 मीटर घसीटते रहे। आरपीएफ के जवानों का आरोप है कि DSS ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए अभद्रता की थी।

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रेलवे अफसर की पत्नी फूट-फूटकर रोई, बोली- जान दे दूंगी, पति को पीटने वाले RPF जवान बर्खास्त हों

आगरा में रेलवे अफसर को प्लेटफॉर्म पर घसीटकर पीटने के विरोध में पूरे प्रदेश में प्रदर्शन तेज हो गया है। पीड़ित डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर की पत्नी हरेंद्री चाहर ने मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे मीडिया से कहा- अगर दोषी RPF जवानों को बर्खास्त नहीं किया गया, उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई तो मैं जान दे दूंगी।

उन्होंने रोते हुए कहा- इतनी बेरहमी से मेरे पति को पीटा गया कि घटना का वीडियो देखा भी नहीं जा रहा है। मैं अपने पति के लिए ऐसा कभी बर्दाश्त नहीं कर सकती। अगर न्याय नहीं मिला, पति का सम्मान वापस नहीं आया तो मैं जान दे दूंगी। पढ़ें पूरी खबर