जाखल में ग्रामीणों ने दिया प्रशासन को चेतावनी: टोहाना एसडीएम से मिले नई बस्ती के लोग, ग्राम पंचायत में जोड़ने की मांग - Jakhalmandi News

फतेहाबाद जिले में जाखल मंडी की नई बस्ती को ग्राम पंचायत में शामिल करने की मांग को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को बस्ती के लोगों ने टोहाना में एसडीएम आकाश शर्मा से मुलाकात की। उन्होंने मांगपत्र सौंपकर अपनी बात रखी।

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करीब 2 हजार की आबादी और 672 मतदाताओं वाली इस बस्ती के लोगों ने मांग की है कि उन्हें जाखल ग्राम पंचायत में शामिल किया जाए या फिर अलग ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाए। उन्होंने आने वाले पंचायत चुनावों से पहले इस मामले में नियम के हिसाब से ठोस फैसला लेने की मांग की है।

पांच साल से फाइलों में अटका मामला

बस्ती के लोगों का कहना है कि यह मामला करीब पांच साल से कई सरकारी दफ्तरों में अटका हुआ है। मुख्यमंत्री से लेकर उपायुक्त और बीडीपीओ सहित दूसरे अधिकारियों तक यह मांग पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन समस्या का कोई पक्का हल नहीं निकला है।

ग्रामीणों ने एसडीएम से कहा कि उन्हें ऐसी व्यवस्था चाहिए, जिसमें बस्ती को बाकायदा पंचायत का हिस्सा बनाया जाए और स्थानीय विकास कार्यों व पंचायत व्यवस्था में उनकी भागीदारी पक्की हो।

नगरपालिका में शामिल करने का होगा विरोध

एसडीएम को मांगपत्र सौंपने आए बस्ती के लोगों ने साफ किया कि अगर नई बस्ती को जाखल ग्राम पंचायत में शामिल करने के बजाय दोबारा नगरपालिका में शामिल करने की कोशिश की गई, तो वे इसका जोरदार विरोध करेंगे। उन्होंने गुरुद्वारा बस्ती अंडरपास पर धरना-प्रदर्शन करने या किसान और दूसरे सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

बस्ती के लोगों ने बताया कि जाखल ग्राम पंचायत की ग्राम सभा नई बस्ती और उसके 672 मतदाताओं को पंचायत में शामिल करने के संबंध में प्रस्ताव पहले ही पास कर चुकी है। यह प्रस्ताव संबंधित अधिकारियों तक भी पहुंचाया गया है। लोगों का कहना है कि ग्राम सभा स्तर पर प्रस्ताव पास होने के बावजूद अगर मामला दफ्तरों में ही घूमता रहा, तो पांच साल से चली आ रही समस्या का हल कब होगा।

टोहाना एसडीएम से मुलाकात करते नई बस्ती के निवासी।

टोहाना एसडीएम से मुलाकात करते नई बस्ती के निवासी।

जाखल से जुड़ी हैं सामाजिक और दैनिक जरूरतें

बस्ती निवासी जगसीर सिंह, पिंटू राम, हरिचंद गर्ग, पूर्व पार्षद विक्रमजीत, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि जीवन कुमार, रामगोपाल, वीरा राम, जन्टा सिंह, कोकी शर्मा, गोल्डी नायक, विक्की सिंह, अवतार सिंह, सतीश कुमार, विष्णु शर्मा, संजय कुमार, सुखपाल शर्मा आदि ने कहा कि उनका सामाजिक और दैनिक जुड़ाव जाखल क्षेत्र से है। ऐसे में नई बस्ती को जाखल ग्राम पंचायत में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।

पांच साल से चल रहा पत्राचार, अब निर्णय का इंतजार

बस्तीवासियों ने कहा कि उनकी मांग किसी राजनीतिक लाभ से जुड़ी नहीं है, बल्कि स्थायी प्रशासनिक पहचान और पंचायत व्यवस्था में भागीदारी से संबंधित है। उन्होंने प्रशासन से मामले को केवल पत्राचार तक सीमित रखने के बजाय आगामी पंचायत चुनावों से पहले नियमानुसार निर्णय लेने की मांग की है।

इसके बाद अब बस्ती वासियों की नजर सरकार और प्रशासन के अगले कदम पर है। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें दोबारा नगरपालिका में शामिल किए जाने की स्थिति में आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।