मां, बहन और बीवी...इंजीनियर की काली कमाई का फैमिली प्लान: पटना से मुंबई तक खपाया कमीशन का पैसा, बिहार के करप्ट अफसर की कहानी - Bihar News
65 साल की पेंशनधारी मां, बैंक अधिकारी बहन और गृहिणी पत्नी-छपरा में पदस्थ सुपरिटेंडिंग इंजीनियर राजेंद्र कुमार ने अपनी काली कमाई को ठिकाने लगाने के लिए पूरे परिवार को ही ढाल बना लिया। 3 से 4 फीसदी कमीशनखोरी से कमाई करोड़ों की अवैध संपत्ति को खपाने के
.
लेकिन आपसी रंजिश और एक ड्राइवर की शिकायत ने इस 'ब्लैक मनी खेल' का भांडाफोड़ कर दिया और विशेष निगरानी इकाई (SVU) के छापे में 3.34 करोड़ से अधिक की जायदाद के साथ इंजीनियर के शातिराना इरादों की पोल खुल गई।
संडे बिग स्टोरी में कहानी काली कमाई का साम्राज्य खड़ा करने वाले इंजीनियर राजेंद्र कुमार की…।
राजेंद्र कुमार मूल रूप से गोपालगंज के मोहम्मदपुर थाना के हाकम गांव के रहने वाले हैं। 2008 में बिहार सरकार की नौकरी में आए। छपरा, नवादा और फिर पटना में इनकी पोस्टिंग रही है। जांच एजेंसी के मुताबिक, अब तक की नौकरी में डेढ़ से पौने दो करोड़ की सैलरी इनकी मूल कमाई रही है। मगर, चल-अचल संपत्ति इससे कहीं अधिक है।
3 करोड़ 1 लाख 87 हजार 108 रुपए आय से अधिक संपत्ति का केस 10 सितंबर को SVU ने पटना में दर्ज किया था। फिर 11 सितंबर को इनके 6 ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, पिता कृष्णा मांझी बिहार सरकार की नौकरी में थे। शुरुआत में असिस्टेंट के पद पर थे और 2014 में श्रम संसाधन विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी के पद से रिटायर हुए थे। 2020 में इनका निधन हो गया।
इन 6 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
- पटना में बेउर थाना के तहत महावीर कॉलोनी में राजेंद्र कुमार का घर।
- पटना में राजेंद्र कुमार के जय प्रकाश नगर में स्थित ससुराल।
- महाराष्ट्र के मुंबई में गोरगांव वेस्ट स्थित राजेंद्र कुमार की बहन सीमा कुमारी का फ्लैट।
- छपरा अंचल में लघु जल संसाधन विभाग स्थित राजेंद्र कुमार का सरकारी ऑफिस।
- पटना में शेखुपरा स्थित जल भवन में बना निगरानी सेल का ऑफिस।
- गोपालगंज के हाकम गांव स्थित राजेंद्र कुमार का पैतृक आवास।
25-26 हजार पेंशन, प्रॉपर्टी करीब 2.46 करोड़
राजेंद्र कुमार की मां सुनैना देवी पेंशनधारी हैं। उम्र करीब 66 साल है। अब तक इनके नाम पर कुल 9 प्रॉपर्टी के पेपर मिले हैं। इसमें सिर्फ एक ही प्रॉपर्टी 2015 में खरीदी गई है। बाकी की सारी प्रॉपर्टी 2021 के बाद ली गई है। जो पटना, गोपालगंज और महाराष्ट्र में खरीदी गई है।
मां के नाम से मिले पेपर के आधार पर प्रॉपर्टी की कुल कीमत 2 करोड़ 46 लाख 53 हजार रुपए की है। इसमें सबसे महंगी प्रॉपर्टी महाराष्ट्र के पनवेल स्थित सोसयटी में खरीदी गई हैं। जिसकी कीमत 1.61 करोड़ रुपए है। अब सवाल उठता है कि सुनैना देवी एक पेंशनधारी महिला हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन्हें मात्र 25 से 26 हजार रुपए की ही पेंशन आती है। फिर इतनी प्रॉपर्टी उन्होंने कैसे खरीदी?
पत्नी के नाम पर 5 प्रॉपर्टी, दो में प्राइवेट आदमी का नाम
राजेंद्र कुमार ने 5 प्रॉपर्टी अपनी पत्नी कंचन कुमारी के नाम पर खरीदी। इसमें दो प्रॉपर्टी ऐसी है, जिसमें नवादा के रहनेवाले प्रिंस कुमार का भी नाम है। जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रिंस न तो रिश्तेदार हैं और न ही साथ काम करने वाला। वो एक प्राइवेट आदमी है। जो राजेंद्र कुमार के लिए काम करता था।
इसके नाम की कुल प्रॉपर्टी की कीमत 88 लाख 83 हजार रुपए है। जबकि, एक प्रॉपर्टी के बाउंड्री कराने में 10 लाख रुपए का खर्च भी किया गया है। ये सारी प्रॉपर्टी पटना, नवादा और मुम्बई में ली गई है।

दो डीडी के जरिए 24 लाख राजेंद्र ने दिए
महारष्ट्र के पनवेल में 0.259 हेक्टेयर की जमीन तीरूमला सोसायटी के नाम पर है। इसमें कुल 24 सदस्यों में राजेंद्र की बैंक अधिकारी बहन सीमा कुमारी भी सदस्य हैं। इनके माध्यम से ही मां सुनैना देवी के नाम पर जमीन ली गई। कुल कीमत 1 करोड़ 61 लाख रुपए है।
मार्च 2026 में ही मां के नाम जमीन की डीड तैयार हुई। इसमें कुल 26 लाख रुपए का पेमेंट हुआ। इसमें 24 लाख रुपए राजेंद्र ने दिए। SBI के दानापुर ब्रांच से 12-12 लाख रुपए के दो डीडी बनवाकर राजेंद्र ने अनंत गणपत धोइर के नाम पर पेमेंट भेजा। इसके पुख्ता प्रमाण SVU के हाथ लगे हैं।
मां ने कहा- हम नहीं जानते हैं
जब छापेमारी हुई तब घर से SVU के हाथ FIR से अलग एक और प्रॉपर्टी के पेपर हाथ लगे। ये डीड भी मां सुनैना देवी के नाम पर थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, सोनपुर में 5 कट्ठे का प्लॉट 2025 में ही खरीदा गया है। इसके लिए 18 लाख रुपए का पेमेंट किए जाने का प्रमाण मिला है।
इसके अलावा पिता के निधन के बाद गांव में 100 डिसमिल जमीन राजेंद्र ने खरीदी थी। उस पर करीब 60 लाख रुपए खर्च कर घन बनाया। छापेमारी के दौरान सुपरिटेंडिंग इंजीनियर राजेंद्र कुमार बिहार में नहीं थे। वो उस दिन कोलकाता में थे।
तब शुरुआती पूछताछ SVU की टीम ने मां से की थी। जांच एजेंसी के सवालों का जवाब देते हुए मां ने कहा था कि हम कुछ नहीं जानते हैं। इनसे पटना में बेउर स्थित घर पर सवाल-जवाब किए गए थे।
बहन और उसके ससुर के खाते से रुपए ट्रांसफर के सबूत
अब तक की जांच के दरम्यान यह बात सामने आई है कि 3 से 4 प्रतिशत का कमीशन राजेंद्र कुमार ने ठेकेदारों के साथ तय कर रखी थी। इनकी लंबी ट्रैवल हिस्ट्री भी मिली है। वो करीब-करीब हर महीने महाराष्ट्र जा रहे थे। फ्लाइट से आना-जाना हो रहा था।
11 मार्च 2026 को भी राजेंद्र खुद पनवेल में थे। अब सवाल उठ रहा है कि कैश में मिलने वाली ब्लैकमनी को महाराष्ट्र जाकर ये खपा तो नहीं रहे थे? इस सवाल का जवाब अभी जांच एजेंसी तलाश रही है। इसके लिए बैंक अकाउंट्स की डिटेल को खंगाल रही है। जिसमें मनी ट्रेल के कुछ पुख्ता प्रमाण मिले हैं। जो 2021 के बाद से हुए हैं।

इंजीनियर के 6 ठिकानों पर SVU ने छापेमारी की।
सबूत में मिले 2 बड़े उदाहरण
- बहन सीमा के अकाउंट से करीब 40 से 45 लाख रुपए राजेंद्र की पत्नी कंचन कुमारी के अकाउंट में ट्रांसफर किए गए।
- इसी तरह 10 लाख रुपए बहन के ससुर शशिकांत पासवान के अकाउंट से राजेंद्र की मां सुनैना देवी के अकाउंट में ट्रांसफर हुए हैं।
सैलरी अकाउंट में 3 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन
SBI में राजेंद्र कुमार का सैलरी अकाउंट है। इसे भी जांच एजेंसी ने खंगाला है। 2023 के बाद इनकी सैलरी बढ़ी है। शुरुआत से लेकर 2025 तक में जो सैलरी रही, उससे कहीं अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ है। अकाउंट में 3 करोड़ से अधिक रुपए आए।
इसके अलावा 28 फरवरी 2026 को 5-5 लाख रुपए करके कुल 15 लाख के तीन ट्रांजेक्शन किए गए। रुपए दूसरे को ट्रांसफर किए गए। ये किसे भेजा गया? इसकी भी पड़ताल चल रही है।
हाउस वाइफ पत्नी की दिखाई गलत आमदनी
राजेंद्र की पत्नी कंचन कुमारी हाउस वाइफ हैं। लेकिन, काली कमाई खपाने के लिए उन्हें कामकाजी बताया। ये शो किया कि वो एक कोचिंग की ऑनर हैं। अपना कोचिंग इंस्टीच्यूट चलाती हैं। गलत आमदनी के आधार पर ITR भी भरवा दिया। अब इस बारे में भी पूछताछ होगी। राजेंद्र को इससे जुड़े सवालों का भी जवाब देना होगा।

पटना में सुपरिटेंडिंग इंजीनियर की बहुमंजिला भवन है। यहां भी टीम ने छापेमारी की थी।
दो कारणों से SVU के रडार पर आए राजेंद्र
पहला : 30 जुलाई को EOU ने लघु जल संसाधन विभाग के ही रोहताल डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अरविंद कुमार चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की थी। सूत्र बताते हैं कि अरविंद को शक है कि राजेंद्र कुमार ने उसके खिलाफ यह कार्रवाई करवाई। बदला लेने के नियत से इसने SVU के पास राजेंद्र के खिलाफ कंप्लेन कर्रवाई।
दूसरा : 3 सितंबर को EOU ने ठेकेदार पटना में विक्रम के ठेकेदार अमित कुमार और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार किया था। इन पर EOU का अधिकारी बन रुपए ठगने का आरोप था। लेकिन, इस कार्रवाई के पहले अगस्त में ही ड्राइवर ने राजेंद्र के खिलाफ EOU, SVU और विजिलेंस में लिखित शिकायत की थी।
भ्रष्ट अधिकारी बताते हुए उसके प्रॉपर्टी के डिटेल्स सौंपे थे। इसके आधार पर ही SVU ने अपनी पड़ताल उसी वक्त से शुरू कर दी थी।
अब आगे क्या?
- SVU की टीम सारे प्रॉपर्टी के पेपर और बैंक ट्रांजेक्शन को खंगालेगी।
- एक टीम जांच करने महाराष्ट्र जाएगी। वहां पता लगाएगी कि सोसायटी की जमीन क्यों ली? क्या काम करना था? इसकी जांच करेगी।
- राजेंद्र कुमार को पूछताछ के लिए SVU अपने ऑफिस बुलाएगी।
छापेमारी में बरामदगी
- एक प्लॉट के लिए 39 लाख रुपए पेमेंट करने के पेपर।
- 76 लाख रुपए के सोने-चांदी की ज्वेलरी, गाड़ी और कीमती सामानों की रसीद।
- 1.96 लाख रुपया कैश।
- मां सुनैना देवी और पत्नी कंचन कुमारी के नाम के 6 बैंक अकाउंट्स की डिटेल्स