राजलदेसर में हर चुनाव में सत्ता बदलने का रिवाज बदलेगा या नहीं, इसका फैसला आज - Churu News

नगर पालिका में पिछले दो दशकों से चला आ रहा हर बार नया बोर्ड बनाने का ट्रेंड इस बार टूटेगा या जारी रहेगा, इसका फैसला सोमवार को हो जाएगा। 2004 से लगातार हर चुनाव में सत्ता बदलने का इतिहास चला आ रहा है । 2004 में भाजपा, 2009 में कांग्रेस, 2014 में भाजपा

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इस बार स्थिति अलग है जनता ने किसी भी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है। 35 वार्डों में भाजपा 14, कांग्रेस 14, निर्दलीय पांच तथा रालोपा के खाते में दो सीटें आई है। बोर्ड बनाने के लिए बहुमत के लिए 18 पार्षदों की जरूरत है, जबकि भाजपा-कांग्रेस दोनों ही इससे चार-चार कदम दूर हैं। इसलिए अब निर्दलीय और रालोपा पार्षद किंग मेकर की भूमिका में आ चुके हैं। वार्ड 15 से भाजपा से पार्षद बने पार्टी जिला प्रवक्ता पवन बोथरा के निर्दलीय मैदान में डटे रहने से मुकाबला त्रिकोणीय भी हो गया है। पालिकाध्यक्ष पद के लिए सोमवार को होने वाले मतदान में क्रॉस वोटिंग की संभावना सबसे बड़ा एक्स-फैक्टर बनी हुई है। चूंकि राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनाव में दलबदल विरोधी कानून लागू नहीं होता, इसलिए पार्षदों पर अपनी पार्टी के व्हिप का कानूनी दबाव नहीं रहता।

भास्कर न्यूज | सादुलपुर राजगढ़ नगर पालिका के 40वें अध्यक्ष के चुनाव के लिए सोमवार को मतदान होगा। यहां भाजपा व कांग्रेस में सीधी टक्कर है। पालिकाध्यक्ष के लिए दोनों प्रमुख दल बहुमत का आंकड़ा पाने के लिए लगातार निर्दलीय पार्षदों को अपने समर्थन में करने में जुटे हुए है। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने राकेश पूनिया और कांग्रेस ने रुखसाना बानो को मैदान में उतारा है। दोनों प्रत्याशियों के परिवार लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहे हैं, ऐसे में यह चुनाव दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का विषय भी बना हुआ है। 40 वार्डों वाली पालिका में कांग्रेस के 17, भाजपा के नौ और निर्दलीय 14 पार्षद निर्वाचित हुए थे। कांग्रेस की एक महिला पार्षद के भाजपा में शामिल होने से दोनों खेमों के आंकड़ों में बदलाव आया है। अब निर्दलीय पार्षदों की भूमिका सबसे अहम हो गई है। पालिका के गत बोर्ड का चुनाव भी यहां काफी रोचक रहा था। गत बोर्ड में कांग्रेस के 15 पार्षद निर्वाचित हुए थे। इसके बावजूद रजिया गहलोत 22 पार्षदों के समर्थन के साथ पालिकाध्यक्ष चुनी गई थी, जबकि भाजपा की लता को 18 वोट मिले थे। भाजपा के तीन पार्षदों के कांग्रेस में शामिल होने व निर्दलीयों के समर्थन से कांग्रेस ने 22 पार्षदों के समर्थन का आंकड़ा हासिल किया था। पालिकाध्यक्ष के लिए भाजपा प्रत्याशी गोपाल मारू पहले भी पालिका का नेतृत्व कर चुके हैं। उनके सामने सबसे बड़ी परीक्षा अपने पार्टी पार्षदों को एकजुट रखने और आवश्यक जादुई आंकड़े का जुगाड़ करने की होगी। कांग्रेस प्रत्याशी लाभचंद सोनी वर्तमान में कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष हैं और वार्ड 13 से पार्षद चुने गए हैं। संगठनात्मक रूप से मजबूत सोनी के सामने सबसे प्रमुख कार्य कांग्रेस खेमे को पूरी तरह से एकजुट रखना और निर्दलीयों का समर्थन हासिल करना है। निर्दलीय प्रत्याशी पवन बोथरा भाजपा जिला प्रवक्ता और तीन बार मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं। बोथरा वार्ड 15 से पार्षद चुने गए हैं। बोथरा ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।