यूपी में शिक्षक भर्ती को लेकर क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं कैंडिडेट्स, क्या हैं उनकी मांगें?

यूपी में शिक्षक भर्ती को लेकर क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं कैंडिडेट्स, क्या हैं उनकी मांगें?

यूपी में शिक्षक भर्ती को लेकर क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं कैंडिडेट्स?Image Credit source: Deepak Gupta/HT via Getty Images

उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है. प्रयागराज में TGT-PGT भर्ती की पुरानी नियमावली लागू करने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्र शिक्षा निदेशालय में धरने पर बैठे हैं. वहीं, 69 हजार शिक्षक भर्ती में एक अंक विवाद के बाद एलिजिबल अभ्यर्थी नियुक्ति की मांग उठा रहे हैं. इसके अलावा 68500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 में पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी लंबित नियुक्तियों का रास्ता साफ करने की मांग कर रहे हैं. अलग-अलग भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे मामलों का जल्द समाधान किया जाए.

TGT-PGT भर्ती में पुरानी नियमावली की मांग

प्रयागराज में TGT-PGT भर्ती को लेकर प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. अभ्यर्थी शिक्षा निदेशालय परिसर में धरना दे रहे हैं. सोमवार की रात भी कई छात्र धरनास्थल पर मौजूद रहे. उनकी मुख्य मांग है कि भर्ती में पुरानी नियमावली लागू की जाए और उम्मीदवारों को उसके आधार पर एक अवसर दिया जाए. अभ्यर्थियों का कहना है कि नई नियमावली में एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े बदलाव किए गए हैं. इससे लंबे समय से परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवार प्रभावित हो रहे हैं. छात्रों ने प्रशासन से बातचीत कर जल्द समाधान निकालने की मांग की है.

69 हजार शिक्षक भर्ती में नियुक्ति देने की मांग तेज

69 हजार शिक्षक भर्ती में एक अंक से जुड़े विवाद को लेकर लखनऊ में भी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन चल रहा है. प्रदर्शनकारी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने नियुक्ति की मांग रख रहे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक अंक बढ़ने से कुछ उम्मीदवार एलिजिबल हुए, लेकिन उन्हें अब तक नियुक्ति नहीं मिली है. प्रदर्शनकारियों के अनुसार, 2249 अभ्यर्थियों को एलिजिबल माना गया था. उनका आरोप है कि इनमें से केवल एक कैंडिडेट को नियुक्ति दी गई है. अभ्यर्थी सभी एलिजिबल उम्मीदवारों को नियुक्ति देने की मांग कर रहे हैं.

68500 सहायक शिक्षक भर्ती का मामला

68500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 में भी अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों ने लंबित नियुक्तियों का रास्ता साफ करने की मांग उठाई. प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के मैरिस रोड स्थित आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया. इसमें मथुरा, कासगंज, बरेली समेत कई जिलों के अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया.

सपना यादव

सपना यादव

दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्‍टेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्‍यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्‍होंने पत्रकारिता को लक्ष्‍य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्‍यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्‍होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्‍टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.

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