Asian Games 2026: कभी खिलाड़ियों को बॉल उठाकर देते थे जय मीना, आज जीता गोल्ड मेडल... MP के खिलाड़ी ने सॉफ्ट टेनिस में रचा इतिहास
मध्यप्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ी जय मीना ने एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया है. जापान के आइची-नागोया में जारी 20वें एशियन गेम्स में जय मीना ने सॉफ्ट टेनिस के पुरुष एकल वर्ग में भारत के लिए ऐतिहासिक कांस्य पदक सुनिश्चित किया. इसके साथ ही वह एशियन गेम्स के इतिहास में सॉफ्ट टेनिस में भारत को पदक दिलाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं.
सेमीफाइनल में जापान के ताकुया कुरोसाका से मुकाबला
पुरुष एकल के सेमीफाइनल में जय मीना का सामना जापान के ताकुया कुरोसाका (Takuya Kurosaka) से हुआ. जय ने मुकाबले में शानदार जुझारूपन दिखाते हुए कड़ी चुनौती पेश की. हालांकि, सेमीफाइनल में उन्हें 2-4 से हार का सामना करना पड़ा. सेमीफाइनल तक पहुंचने के साथ ही जय ने भारत के लिए कांस्य पदक पक्का कर इतिहास रच दिया.
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क्वार्टरफाइनल में रोमांचक जीत के बाद पहुंचे थे अंतिम चार में
जय मीना ने क्वार्टरफाइनल मुकाबले में फिलीपींस के खिलाड़ी के खिलाफ बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी. निर्णायक चरण तक पहुंचे इस मुकाबले में जय के शानदार प्रदर्शन ने उन्हें अंतिम चार में पहुंचाया और भारत का पदक सुनिश्चित हुआ.
खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई
सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने जय मीना को ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कहा कि जय मीना की उपलब्धि मध्यप्रदेश के साथ-साथ पूरे देश के लिए गर्व का विषय है. सॉफ्ट टेनिस में भारत को एशियन गेम्स का पहला पदक दिलाकर जय ने भारतीय खेल इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है. उनकी सफलता प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है.
जय मीना ने साल 2022 में गुजरात में आयोजित 36वें नेशनल गेम्स में पुरुष एकल का स्वर्ण पदक जीता था. उन्होंने पुरुष टीम और युगल स्पर्धाओं में भी मध्यप्रदेश के पदक अभियान में योगदान दिया.
साल 2025 में वे पुरुष एकल के नेशनल चैंपियन बने. राष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद अब उन्होंने एशियन गेम्स में ऐतिहासिक पदक जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है.
वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी रचा था इतिहास
जय मीना ने वर्ष 2024 में वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में अंडर-21 मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीतकर भी भारतीय सॉफ्ट टेनिस में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की थी. उन्होंने आध्या तिवारी के साथ मिलकर यह पदक हासिल किया था. यह विश्व चैंपियनशिप में भारत की पहली पदक विजेता जोड़ी बनी थी.
देवास के स्कूल कोर्ट से शुरू हुआ सफर
जय मीना का खेल सफर भी काफी दिलचस्प रहा है. देवास के Pioneer Public School में पढ़ाई के दौरान उन्होंने पहली बार सॉफ्ट टेनिस कोर्ट देखा था. शुरुआत में वह केवल खिलाड़ियों को देखने और बॉल बॉय के तौर पर मदद करने जाते थे. धीरे-धीरे इस खेल के प्रति उनकी रुचि बढ़ी और उन्होंने खुद खेलना शुरू किया. स्कूल और जिला प्रतियोगिताओं से आगे बढ़ते हुए उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई. महज 14 वर्ष की उम्र में उन्होंने जापान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना शुरू कर दिया था.
भारतीय सॉफ्ट टेनिस के इतिहास में नया अध्याय
जय मीना का कांस्य पदक भारतीय सॉफ्ट टेनिस के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है. एशियन गेम्स के मंच पर भारत के लिए इस खेल का पहला पदक जीतकर जय ने देश का गौरव बढ़ाया है. साथ ही, मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है. उनकी यह उपलब्धि प्रदेश में तैयार हो रही प्रतिभाओं की क्षमता को रेखांकित करती है.
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