जल भराव की समस्या: डीग और कुम्हेर के एक दर्जन से भी ज्यादा गांव हो रहे प्रभावित - Bharatpur News
हर साल बारिश में जलभराव से जूझने वाले भरतपुर और डीग-कुम्हेर क्षेत्र में अब जल निकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त करने की तैयारी है। शहर की सबसे बड़ी जल निकासी व्यवस्था मेन ड्रेन के रिनोवेशन के लिए 12.72 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। वहीं डीग-कुम
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सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता बने सिंह ने बताया कि शहर में जल निकासी का मुख्य तंत्र मेन ड्रेन है। मोतीझील बांध में रूपारेल, बाणगंगा और गंभीर नदी का पानी पहुंचता है। यहां से मेन ड्रेन के जरिए पानी चिकसाना बांध तक जाता है और आगे खारी नदी में मिल जाता है। मेन ड्रेन की क्षमता 6400 क्यूसेक है, लेकिन सिल्ट, जलकुंभी, संरचनात्मक अवरोध और लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण इसकी प्रवाह क्षमता प्रभावित हुई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मोतीमहल चैन 206 से बछामदी रोड चैन 322 तक मेन ड्रेन के रिनोवेशन के लिए 1272.29 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत 13.83 लाख रुपए की लागत से जीर्णोद्धार और सफाई का काम अभी चल रहा है। लक्ष्य है कि मेन ड्रेन से जुड़े मेंटेनेंस के सभी प्रमुख काम अगली बरसात से पहले पूरे कर लिए जाएं।
अजान कैनाल से मेन ड्रेन तक जुड़ेगा नेटवर्क:- भरतपुर फीडर की भरतपुर डिस्ट्रीब्यूटरी के अजान कैनाल को मेन ड्रेन तक विस्तारित करने समेत प्रथम चरण के कार्यों पर 180 करोड़ खर्च होने हैं। जघीना, जिरौली, बाराखुर, मडरपुर, पीरनगर, नगला केवल व गांधली समेत कई गांवों में कृषि भूमि का पानी मेन ड्रेन तक पहुंचाने के लिए के 50 करोड़ के कार्य प्रस्तावित हैं। 143 करोड़ के कार्यों की निविदा प्रक्रिया चल रही है। 320 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए अलग योजना:- डीग के सांवई और खेड़ा गांवों के पास करीब 320 हेक्टेयर कृषि भूमि में दशकों से जलभराव है। यहां सांवई-खेड़ा डिप्रेशन से गोवर्धन ड्रेन तक पानी लिफ्ट करने के लिए 624.95 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। विभिन्न गांवों में 48 करोड़ रुपए की मिनी योजनाओं पर काम चल रहा है। इसके साथ ही भरतपुर फीडर नहरी तंत्र की लखनका, अवार-सोगर माइनर और डिस्ट्रीब्यूटरी तथा सजोला व कुम्हेर नहर के जीर्णोद्धार पर 45 करोड़ रुपए के काम प्रगतिरत हैं।
शहर की दूसरी बड़ी ड्रेन भी जोड़ी जाएंगी:- मेन ड्रेन में सीएफसीडी, गिर्राज कैनाल और चिकसाना कैनाल का पानी भी आता है। सीएफसीडी और रणजीत नगर फ्लड ड्रेन के पुनरुद्धार का काम नगर निगम कर रहा है, जबकि गिर्राज कैनाल का काम बीडीए के स्तर पर कराया जा रहा है। बड़ी ड्रेन में जमा जलकुंभी और अन्य रुकावटें हटाने से पानी का फ्लो नियमित करने की योजना है। डीग-कुम्हेर क्षेत्र में जलभराव की समस्या का कारण अलग है। यहां यमुना जल आधारित भरतपुर फीडर और गुड़गांव मेन कैनाल से सिंचाई होती है। डीग, कुम्हेर, नदबई, सेवर, कोंरेर, कासोट तथा कुम्हेर तहसील के करैउआ, पैंघोर का बास, डिडवारी, तालफरा, अभौर्रा, सुनारी, अवार, सोगर और रारह तहसील के अजान व ताखा सहित कई गांवों की कृषि भूमि इससे प्रभावित होती है।