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बच्चों को अच्छे-बुरे स्पर्श के बारे में समझाया:अधिकारियों ने कहा- असहज स्थिति में भरोसेमंद व्यक्ति को तुरंत बताएं
सरफराज वारसी | बाराबंकी25 मिनट पहले
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बाराबंकी में शुक्रवार शाम 4 बजे बच्चों को लैंगिक अपराधों से बचाने और उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के लिए दो स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज और पायनियर इंटर कॉलेज, लखपेड़ाबाग में आयोजित कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को POCSO एक्ट-2012 के प्रावधानों और सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श के बारे में बताया।
18 साल से कम उम्र के बच्चों की सुरक्षा के लिए कानून
पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज में अपर जनपद न्यायाधीश विनय कुमार, अपर जनपद न्यायाधीश असद अहमद हाशमी और सिविल जज (सीडी)/एफटीसी श्रद्धा ने विद्यार्थियों को POCSO एक्ट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कानून 18 साल से कम उम्र के बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि POCSO कानून के तहत बच्चे की सहमति को लैंगिक अपराध में मान्य नहीं माना जाता। अपराध की प्रकृति और परिस्थितियों के आधार पर दोषी के खिलाफ सजा का प्रावधान है।
अच्छे और बुरे स्पर्श की दी जानकारी
पायनियर इंटर कॉलेज में विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट सुभाष चंद्र तिवारी, अपर जनपद न्यायाधीश विनय आर्या और सिविल जज (जूडि.) अविरल उमराव ने विद्यार्थियों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में समझाया।

उन्होंने बताया कि जिस स्पर्श से बच्चे को सुरक्षा, अपनापन और सम्मान महसूस हो, उसे सुरक्षित स्पर्श माना जा सकता है। वहीं जिस स्पर्श से डर, शर्म, असहजता या असुरक्षा महसूस हो, वह गलत हो सकता है।
परेशानी होने पर तुरंत बताने की सलाह
अधिकारियों ने बच्चों से कहा कि अगर उन्हें किसी तरह की असहज या गलत स्थिति का सामना करना पड़े तो चुप न रहें। ऐसी स्थिति में अपने भरोसेमंद अभिभावक, शिक्षक या किसी जिम्मेदार व्यक्ति को तुरंत जानकारी दें।

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर अभियान
यह जागरूकता अभियान उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव के निर्देश पर बच्चों को कानून और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
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