'इनका जनाधार नहीं, इन्हें बीजेपी ने जितवाया...', बसपा सुप्रीमो मायावती का नगीना सांसद चंद्रशेखर पर अब तक का सबसे तीखा हमला - Up18 News
उत्तर प्रदेश की राजनीति में जैसे-जैसे आगामी विधानसभा चुनावों की जमीन तैयार हो रही है, वैसे-वैसे तमाम राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (Kanshi Ram) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पर पहली बार सीधे तौर पर बेहद तीखा हमला बोला है। मायावती ने आरोप लगाया है कि चंद्रशेखर का अपना कोई ठोस जनाधार नहीं है, और वे वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की मदद और इशारे पर ही चुनाव जीते हैं।
’बीजेपी ने ईवीएम में गड़बड़ी कराकर नगीना से जिताया’
पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए बीएसपी प्रमुख मायावती ने सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 2024 के आम चुनावों के दौरान नगीना लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने ईवीएम (EVM) में गड़बड़ी या सेटिंग कराकर चंद्रशेखर आजाद को जीत दिलाई थी ऐसा वहा के लोगों ने बताया। मायावती ने कहा कि नगीना सांसद पूरी तरह से बीजेपी के इशारे पर अपनी राजनीतिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।
इसके साथ ही, मायावती ने चंद्रशेखर की आंदोलन की शैली और राजनीति पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दलित समाज और खासकर युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि नगीना सांसद पीड़ित परिवारों को वास्तविक न्याय दिलाने के बजाय केवल दिखावे के लिए धरना-प्रदर्शन करवाते हैं, जिसके चलते पुलिस मुकदमों में फंसकर मासूम युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से दलित समाज के लोगों से अपील की कि वे चंद्रशेखर के बहकावे में बिल्कुल न आएं।
सपा के PDA फॉर्मूले पर भी साधा था निशाना
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यूपी की सियासत में बहुजन समाज पार्टी अपने खोए हुए आधार को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। इससे पहले मायावती और चंद्रशेखर आजाद दोनों ही समाजवादी पार्टी (SP) और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण को लेकर मुखर रहे हैं।
चंद्रशेखर आजाद ने हाल ही में सपा के पीडीए पर तंज कसते हुए कहा था, “कह लेने दो भाई PDA, पीड़ित है, ये बात सही है मगर उनके वाला नहीं… उनका तो PDA बदलता रहता है, कभी कुछ तो कभी कुछ… पीढ़ी, पंडित, पता नहीं क्या-क्या बदलते रहते हैं, अगड़ी जाति, पिछड़ी जाति।” वहीं, दूसरी ओर मायावती ने भी समय-समय पर सपा के पीडीए रथ के रंगों और उनकी नीतियों को लेकर तीखे सियासी तंज कसे हैं। अब मायावती द्वारा चंद्रशेखर पर किए गए इस सीधे हमले ने प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों को और अधिक रोचक बना दिया है।