कुशेश्वरनाथ मंदिर के गर्भगृह में चढ़ावा व्यवस्था को लेकर विवाद: दरभंगा में पंडा समाज ने डीएम से लगाई गुहार, कहा- मामले की जांच हो - Darbhanga News
दरभंगा के कुशेश्वरस्थान स्थित श्री श्री 108 बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर के गर्भगृह में चढ़ावा संग्रह और पंडाओं की बैठक की व्यवस्था को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आ गया है।
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शुक्रवार को पंडा समाज के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के जनता दरबार में आवेदन देकर पटना हाई कोर्ट के आदेशों के अनुरूप व्यवस्था लागू कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पंडा दीपक झा की ओर से दिए गए आवेदन पर मनोज झा, विकास झा, रंजीत झा, संतोष झा, जगर्नाथ झा, पंकज झा सहित अन्य पंडाओं के हस्ताक्षर हैं। आवेदन में कहा गया है कि पटना हाई कोर्ट के सिविल रिट ज्यूरिस्डिक्शन केस संख्या 17322/2022 और अपील सिविल वाद संख्या 270/1922 के निर्णय के आलोक में संबंधित वंशजों के पंडाओं को गर्भगृह में बैठाकर चढ़ावा संग्रह की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
चढ़ावा की राशि को लेकर भी लगाए आरोप
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई जाने वाली राशि के संग्रह और वितरण में पारदर्शिता नहीं है। पंडा समाज का कहना है कि राग-भोग का खर्च काटने के बाद चढ़ावे की राशि सभी पंडाओं के बीच उनके निर्धारित हिस्से के अनुसार वितरित नहीं की जाती। कुछ लोगों पर अपने चहेते व्यक्तियों के बीच राशि बांटने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे पंडा समाज में असंतोष व्याप्त है।
पंडाओं ने यह भी आरोप लगाया कि गर्भगृह में रखी दानपेटी पर ताला लगे रहने के बावजूद कुछ लोग श्रद्धालुओं से हासिल चढ़ावे की राशि दानपेटी में जमा करने के बजाय अपने पास रख लेते हैं। उनका कहना है कि इससे मंदिर की राग-भोग व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इस संबंध में पूर्व में भी न्यास समिति के अध्यक्ष को लिखित शिकायत देने का दावा किया गया है।
आवेदन में जिलाधिकारी से हाई कोर्ट के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने, संबंधित वंशजों के पंडाओं को गर्भगृह में बैठने और चढ़ावा संग्रह की अनुमति देने, चढ़ावे की राशि का नियमानुसार वितरण कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है।
आवेदन के साथ न्यायालय के आदेश की प्रति भी संलग्न की गई है। इसकी प्रतिलिपि आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, अनुमंडल पदाधिकारी बिरौल और कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष को भी भेजी गई है।

जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे पण्डा।
30 जून को धार्मिक न्यास परिषद ने भी मांगी थी रिपोर्ट
इस विवाद को लेकर बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद भी पहले ही सक्रिय हो चुका है। परिषद के अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन ने 30 जून 2026 को जिलाधिकारी, दरभंगा को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी थी।
परिषद ने वर्तमान में गर्भगृह में कार्यरत पंडाओं और रोटेशन प्रणाली का विवरण, राग-भोग पर होने वाले दैनिक खर्च का ब्यौरा व पिछले एक महीने के रोजाना प्राप्त चढ़ावे का पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा था। इसकी प्रति अनुमंडल पदाधिकारी बिरौल सह अध्यक्ष, श्री बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर न्यास समिति को भी भेजी गई थी।
पूर्व में सदस्यता समाप्त करने का आदेश भी हुआ था जारी
बता दें कि इससे पहले बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद ने न्यास समिति के सदस्य बाबू कांत झा की सदस्यता समाप्त करने का आदेश भी जारी किया था। परिषद ने लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी सामने आने के बाद उनकी नियुक्ति को नियमों एवं न्यायालय के आदेशों के अनुरूप नहीं मानते हुए नियुक्ति की तिथि से शून्य घोषित कर सदस्यता समाप्त कर दी थी।
अब पंडा समाज की ओर से जनता दरबार में दिए गए नए आवेदन के बाद चढ़ावा व्यवस्था और गर्भगृह में पंडाओं की बैठकी का विवाद एक बार फिर प्रशासन के समक्ष पहुंच गया है। सभी आरोप आवेदनकर्ताओं के हैं, जिनकी जांच और निर्णय प्रशासन की ओर से किया जाना शेष है।