सैनिकों के खून का बदला! ट्रंप के 'रिवेंज अटैक' से दहल उठा ईरान, अब क्या करेगा तेहरान?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप Image Credit source: TV9
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार आठवें दिन भी जंग जारी रही. US सेंट्रल कमांड ने ईरान के मिलिट्री ठिकानों और IRGC फोर्स पर हमले किए. ये हमले जॉर्डन में US सैनिकों पर हुए हमलों के जवाब में किए गए थे, जिनमें दो सैनिकों की मौत हो गई थी और एक सैनिक लापता हो गया था. उधर, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर पूरी तरह से नियंत्रण करने के लिए संघर्ष कर रहा है.
Fox News में दावा किया गया है कि अमेरिकी हमलों की वजह से ईरान होर्मुज पर पूरी तरह से कब्जा नहीं कर पा रहा है. रिपोर्ट में US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि जॉर्डन में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में दो US सैनिक मारे गए. एक तीसरा सैनिक अभी भी लापता है. चार अन्य सैनिकों को मेडिकल कारणों से वहां से निकाला गया और बाद में छुट्टी दे दी गई, जबकि मामूली रूप से घायल अन्य सैनिक ड्यूटी पर लौट आए हैं.
वहीं, अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार रात ईरान के खिलाफ अमेरिकी हवाई हमलों का आदेश दिया. इसके बाद, अमेरिकी सेना ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए. अमेरिकी सेना ने कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और जॉर्डन में सैनिकों पर हुए हमले का बदला लेना है.
होर्मुज पर ईरान और अमेरिका आमने-सामने
ईरान और US के बीच बढ़ता टकराव होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में संकट को और गहरा रहा है. ईरान ने इस जलमार्ग को बंद कर दिया है और US ने भी नाकेबंदी की बात कही है, जिससे ग्लोबल इकॉनमी पर असर पड़ रहा है. US ने ईरान के बंदरगाहों और समुद्री गतिविधियों पर फिर से प्रतिबंध लगा दिए हैं. CENTCOM ने कहा कि हालांकि कई कमर्शियल जहाजों के रूट पहले ही बदल दिए गए थे, लेकिन अब इन उपायों को और सख्ती से लागू किया जा रहा है.
अब तक 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत
जॉर्डन में हुई दो मौतों के साथ, इस संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या 16 हो गई है. यह संख्या तब बढ़ी जब इस सप्ताह की शुरुआत में लापता अमेरिकी नौसेना के एक पायलट को आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया गया. जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसने रात भर में अपने हवाई क्षेत्र में दस ईरानी मिसाइलों को रोका. जॉर्डन के अधिकारियों ने कहा कि इन हमलों से कोई हताहत नहीं हुआ और न ही कोई नुकसान हुआ.
बंदरगाहों और समुद्री गतिविधियों पर फिर से प्रतिबंध
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता संघर्ष होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में संकट को और गहरा रहा है. ईरान ने इस जलमार्ग को बंद कर दिया है और अमेरिका ने भी नाकेबंदी की बात कही है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है. अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और समुद्री गतिविधियों पर फिर से प्रतिबंध लगा दिए हैं. CENTCOM ने कहा कि हालांकि कई कमर्शियल जहाजों के रास्ते पहले ही बदल दिए गए थे, लेकिन अब इन उपायों को और सख्ती से लागू किया जा रहा है.
अरब देशों में रहने वाले अमेरिकियों के लिए एडवाइजरी
US विदेश विभाग ने अरब देशों में रहने वाले अमेरिकियों के लिए एक एडवाइजरी जारी कर उन्हें ज्यादा सावधानी बरतने को कहा है. US अधिकारियों ने कहा कि इलाके में सुरक्षा की स्थिति बहुत अस्थिर है, यानी हालात बिना किसी चेतावनी के बिगड़ सकते हैं. इसलिए ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है.

मोहम्मद जुनेद अख्तर
मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं. करियर की शुरुआत साल 2013 में 'अमर उजाला' गाजियाबाद से की थी. यहां इन्होंने करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया. फरवरी 2014 में नवोदय टाइम्स अखबार से जुड़ गए और गाजियाबाद में ही रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर की. करीब एक साल बाद 2015 में गाजियाबाद से दिल्ली ट्रांसफर हो गया. दिल्ली में अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए. अगस्त 2016 में दिल्ली से नोएडा ट्रांसफर हो गया. नोएडा में क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम किया. इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला. 2024 में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. इस दौरान 'उत्तर प्रदेश टाइम्स' की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया. जनवरी 2025 में न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. यहां जुनेद अख्तर ने बतौर सब एडिटर काम किया और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर काम किया. सितम्बर 2025 से TV9 भारतवर्ष की वेबसाइट में सीनियर सब एडिटर के तौर पर जुड़े.
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