'आया राम, गया राम जैसी राजनीति...', मानसून सत्र से पहले मनीष तिवारी बोले- देश को नए दल-बदल रोधी कानून की जरूरत
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'आया राम, गया राम जैसी राजनीति...', मानसून सत्र से पहले मनीष तिवारी बोले- देश को नए दल-बदल रोधी कानून की जरूरत
- Edited by: अनुराग गुप्ता
- Updated Jul 19, 2026, 08:30 PM IST
Monsoon Session: कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का कहना है कि सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र की सर्वोच्च प्राथमिकता सभी अन्य कार्यों को स्थगित कर नया दल-बदल रोधी कानून लाने की आवश्यकता पर चर्चा करना होना चाहिए।
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कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी (फाइल फोटो)
Monsoon Session: कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का कहना है कि सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र की सर्वोच्च प्राथमिकता सभी अन्य कार्यों को स्थगित कर नया दल-बदल रोधी कानून लाने की आवश्यकता पर चर्चा करना होना चाहिए। चंडीगढ़ से सांसद तिवारी ने रविवार को कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता ने जो जनादेश दिया था, अब लोकसभा की वर्तमान संरचना उसके अनुरूप नहीं रह गई है।
क्या कुछ बोले मनीष तिवारी?
उन्होंने कहा, "देखिए, मूल बात यह है कि 2024 में जनता ने एक जनादेश दिया था और उसी के अनुरूप लोकसभा का गठन हुआ था। आज, दो साल बाद, लोकसभा की संरचना उस जनादेश के अनुरूप नहीं रह गई है। यह जनता के जनादेश के विपरीत है।" तिवारी ने कहा कि मानसून सत्र की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि संसद अन्य सभी काम रोककर इस बात पर विचार करे कि क्या नए दल-बदल रोधी कानून की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि 'आया राम, गया राम' जैसी अवसरवादी राजनीति पर रोक लगाने की जरूरत है, जिसमें नेता वैचारिक या नीतिगत मतभेदों की परवाह किए बिना बार-बार दल बदलते रहते हैं। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और 13 अगस्त तक चलेगा।
मानसून सत्र में जोरदार हंगामे के आसार
वहीं, विपक्षी दलों ने संसद का मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी, पेपर लीक, एथनॉल और कई अन्य विषयों पर चर्चा की मांग उठाई, जबकि सरकार ने उनसे दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील करते हुए कहा कि हंगामे से सिर्फ देश का नहीं, बल्कि ऐसा करने वाली पार्टियों को भी नुकसान होता है।
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अनुराग गुप्ताauthor
अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।
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