भड़ली नवमी आज: अबूझ मुहूर्त में करें खरीदारी, लेकिन शादी-विवाह पर लगा ब्रेक! जानिए गुरु अस्त होने का कारण और शुभ समय!

भड़ली नवमी आज: अबूझ मुहूर्त में करें खरीदारी, लेकिन शादी-विवाह पर लगा ब्रेक! जानिए गुरु अस्त होने का कारण और शुभ समय!

भड़ली नवमी आज: अबूझ मुहूर्त में करें खरीदारी, लेकिन शादी-विवाह पर लगा ब्रेक! जानिए गुरु अस्त होने का कारण और शुभ समय!

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भड़ली नवमी (Bhadli Navami) या 'भड्डरी नवमी' के नाम से जाना जाता है। इसे आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का समापन पर्व भी माना जाता है। हिंदू पंचांग में भड़ली नवमी को अक्षय तृतीया और देवउठनी एकादशी की तरह ही एक अत्यंत पवित्र और 'अबूझ मुहूर्त' (Siddha / Un-calculated Auspicious Day) माना गया है। मान्यता है कि इस दिन कोई भी शुभ काम करने के लिए अलग से पंचांग देखने या मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती। इसके बाद आषाढ़ देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू हो जाता है और भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं।

खरीदारी, गृह प्रवेश और नए काम की शुरुआत के लिए उत्तम दिन

भड़ली नवमी का दिन नया व्यापार शुरू करने, नया वाहन खरीदने, सोना-चांदी, मकान या जमीन की खरीदारी करने और गृह प्रवेश (Housewarming) के लिए बेहद फलदायी माना जाता है। आज के दिन किए गए दान-पुण्य और खरीदारी से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।

गुरु अस्त होने के कारण विवाह और मांगलिक कार्यों पर रोक

हालांकि भड़ली नवमी एक अबूझ मुहूर्त है और इस दिन आमतौर पर रिकॉर्ड शादियां होती हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस समय गुरु ग्रह (बृहस्पति) अस्त चल रहे हैं।

  • हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार, विवाह और सगाई जैसे मांगलिक कार्यों के लिए देवगुरु बृहस्पति का उदित और शुभ स्थिति में होना अनिवार्य होता है।

  • गुरु के अस्त रहने के कारण इस भड़ली नवमी पर शादी-विवाह, मुंडन और जनेऊ जैसे बड़े संस्कारों पर पूरी तरह से रोक (Saha Break) लगी हुई है।

  • अब शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त देवउठनी एकादशी के बाद ही शुरू होंगे जब चातुर्मास समाप्त होगा और गुरु ग्रह उदित होंगे।

आज खरीदारी और पूजा के लिए शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज भड़ली नवमी पर दिनभर पूजा-पाठ और खरीदारी के लिए शुभ योग बने हुए हैं:

  • शुभ/अमृत चौघड़िया (प्रातःकाल): सुबह 07:15 बजे से 10:45 बजे तक (खरीदारी व नए कार्य के लिए श्रेष्ठ)

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक (सर्वश्रेष्ठ कार्य सिद्धि मुहूर्त)

  • संध्या पूजा मुहूर्त: शाम 06:30 बजे से 08:15 बजे तक (मां दुर्गा व भगवान विष्णु की आरती)

भड़ली नवमी पर करें ये 2 सरल उपाय:

  1. विष्णु-लक्ष्मी पूजा: पीले वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु को तुलसी दल और मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें।

  2. पीली वस्तुओं का दान: गुरु ग्रह के शुभ प्रभाव के लिए चने की दाल, बेसन, पीले वस्त्र या हल्दी का दान गरीबों या मंदिर में जरूर करें।