बड़ा दावा: टीम इंडिया की जिद की वजह से लगी इस खिलाड़ी को चोट, किया जा रहा है मजबूर

नीतीश कुमार रेड्डी के साथ ये क्या हो गया? (PC-GETTY IMAGES)
नीतीश रेड्डी को हार्दिक पंड्या का विकल्प माना जाता है लेकिन ये खिलाड़ी मैदान में खेलने से ज्यादा चोट से जूझता रहता है. अब नीतीश रेड्डी की चोट पर एक बड़ा खुलासा हुआ है. दावा किया जा रहा है कि नीतीश रेड्डी को टीम इंडिया मैनेजमेंट ने लगातार तेज गेंदबाजी के लिए मजबूर किया. टीम इंडिया चाहती है कि हार्दिक पंड्या की कमी को पूरा करने के लिए नीतीश रेड्डी लगभग 140 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करें. यही वजह है कि रेड्डी ने अपनी बॉलिंग स्पीड को बढ़ाने के लिए बलिंग कोच स्टीफन जोंस के साथ काम किया. लेकिन नीतीश रेड्डी का ये फैसला उनके लिए मुसीबत ही बन गया.
नीतीश रेड्डी को किया जा रहा है मजबूर!
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक नीतीश रेड्डी ने अपनी बॉलिंग स्पीड को बढ़ाने के लिए विदेशी कोच का सहारा लिया. वो टीम इंडिया के साथ हर नेट सेशन में तेज गेंद फेंकने की कोशिश करते रहे जिसका उन्हें नुकसान हुआ. नीतीश रेड्डी को धीरे-धीरे अपनी गति पर जोर देना था. उन्हें हर सेशन में लगातार तेज गेंदबाजी की प्रैक्टिस नहीं करनी चाहिए थी लेकिन इस खिलाड़ी ने टीम इंडिया की मांग को पूरा करने के लिए ऐसा किया और अब वो चोट के चलते टीम से बाहर हैं.
आकाश दीप के साथ भी खिलवाड़!
टीम इंडिया के एक और तेज गेंदबाज आकाश दीप के साथ भी खिलवाड़ चल रहा है. आकाश दीप कभी चोटिल नहीं होते थे लेकिन पिछले साल के आईपीएल में चोट से वापसी के बाद वो लगातार दो टेस्ट मैच खेले और उसके बाद उन्हें चोट लग गई. आकाश दीप को हैमस्ट्रिंग इंजरी हुई. वो रिकवर हुए और उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलने की इजाजत मिली. उन्होंने बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी खेली लेकिन सेमीफाइनल में हार के बाद वो स्ट्रेस फ्रैक्चर की चोट खा बैठे. आकाश दीप के रिकवरी पैटर्न पर सवाल खड़ा किया जा रहा है. कहीं ना कहीं इस खिलाड़ी की चोट ढंग से ठीक नहीं हुई और आकाश दीप को खेलने की इजाजत मिल गई और फिर वो चोटिल हो गए. वैसे टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल भी लगातार हैमस्ट्रिंग इंजरी से जूझ रहे हैं. हर बड़ी पारी खेलते हुए उनकी मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है. ये भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर सवालिया निशान खड़ा करता है.

अनूप देव सिंह
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का रहने वाला हूं. बचपन से ही खेलों से बेहद प्यार है. खासतौर पर क्रिकेट से जो इस देश का धर्म भी कहा जाता है. स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई. साल 2006 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की और उसके बाद मीडिया के मैदान में उतर गए और खेल की खबरों को ही अपना कर्म भी बना लिया. करियर की पहली नौकरी नेटवर्क 18 ग्रुप में मिली. शुरुआत IBN7 न्यूज चैनल से हुई जहां मैंने पांच सालों की लंबी पारी खेली. इसके बाद इंडिया टीवी, न्यूज नेशन जैसे बड़े नेशनल चैनल्स के साथ काम किया. 2016 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा और ये मौका जी नेटवर्क ने दिया. एक साल तक क्रिकेट कंट्री के साथ काम किया और फिर हुई नेटवर्क 18 में वापसी. न्यूज 18 हिंदी की वेबसाइट में 4 सालों तक स्पोर्ट्स की हर खबर पाठकों तक पहुंचाई. अब टीवी9 के साथ हूं. क्रिकेट ही नहीं खेल की हर खबर आपतक एक नए अंदाज और नए कलेवर में पहुंचाता हूं.
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