जंतर-मंतर पर गए तो होगी सख्त कार्रवाई, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने छात्रों-शिक्षकों के लिए जारी की एडवाइजरी

जंतर-मंतर पर गए तो होगी सख्त कार्रवाई, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने छात्रों-शिक्षकों के लिए जारी की एडवाइजरी

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों के बीच अपने छात्रों और शिक्षकों को जंतर-मंतर जाने से बचने की एडवाइजरी जारी की है. चलिए इस बारे में जानें.

Written By : उज्ज्वल कुमार |  Edited By: निधि पाल |  Updated at : 23 Jul 2026 10:13 PM (IST)

Preferred Sources

CJP Protest Delhi university warns students and teachers against visiting jantar mantar strict action advisory जंतर-मंतर पर गए तो होगी सख्त कार्रवाई, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने छात्रों-शिक्षकों के लिए जारी की एडवाइजरी

दिल्ली यूनिवर्सिटी एडवाइजरी

Source : Social media

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और 20 जुलाई के हिंसक घटनाक्रम के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट विवाद को लेकर छात्रों का प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है. इस माहौल को देखते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) प्रशासन ने एक कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है. विश्वविद्यालय ने अपने सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षण कर्मचारियों के लिए एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें जंतर-मंतर पर होने वाले किसी भी धरना-प्रदर्शन या विरोध सभा में शामिल होने पर सख्त मनाही की गई है.

जंतर-मंतर प्रदर्शन से दूर रहने की इजाजत

दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक्स (पहले ट्विटर) पर सूचना जारी कर अपने सभी छात्रों और अध्यापकों से अपील की है कि वे जंतर-मंतर पर चल रहे किसी भी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा न बनें. विश्वविद्यालय ने साफ किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में अपनी निजी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है. जंतर-मंतर पर हाल ही में हुई पुलिस झड़पों और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन नहीं चाहता कि परिसर के छात्र किसी भी तरह के जोखिम या शारीरिक चोट का शिकार बनें. इसलिए छात्रों को विवादित स्थलों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है.

पढ़ाई और करियर पर पड़ सकता है बुरा असर

विश्वविद्यालय का कहना है कि किसी भी तरह के उग्र या अवैध धरना-प्रदर्शनों में भाग लेने से विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा पहुंचती है. इस तरह के आंदोलनों में लगातार शामिल रहने से न केवल पढ़ाई का नुकसान होता है, बल्कि छात्रों के भविष्य और पेशेवर अवसरों पर भी गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. विश्वविद्यालय ने कहा है कि अनुशासनात्मक या कानूनी मामलों में फंसने से छात्र-छात्राओं के करियर रिकॉर्ड पर दाग लग सकता है, जो आगे चलकर देश-विदेश में मिलने वाली नौकरियों या उच्च शिक्षा के अवसरों को हमेशा के लिए प्रभावित कर सकता है.

गैरकानूनी प्रदर्शन में शामिल होने पर कड़ी कार्रवाई

विश्वविद्यालय प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए बिल्कुल साफ कर दिया है कि अगर किसी ने नियम तोड़ा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. यदि दिल्ली यूनिवर्सिटी का कोई भी छात्र या शिक्षक जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले किसी भी गैरकानूनी प्रदर्शन या अनधिकृत सभा में शामिल पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी व अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे. विश्वविद्यालय के नियमों और देश के कानूनों का उल्लंघन करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के साथ-साथ संस्थान से निष्कासन जैसी सख्त दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है.

यह भी पढ़ें: UTU Paper Leak: दिल्ली में प्रदर्शन के बीच उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में पेपर लीक, दो एग्जाम रद्द

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

उज्ज्वल कुमार, पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट, एक दशक से खबरों की दुनिया में सक्रिय. राजनीति और सामाजिक मुद्दों को गहराई से समझकर देश तक सटीकता से पहुँचाने में माहिर. ABP न्यूज और डिजिटल के लिए निष्पक्ष, प्रभावशाली पत्रकारिता मेरा मकसद. खाली समय में अनछुई जगहों की सैर, संगीत का आनंद और परिवार के साथ यादगार पल बिताना पसंद.

Read More

Published at : 23 Jul 2026 10:13 PM (IST)

Breaking News, Anytime, Anywhere - Download ABPLIVE on Android and iOS now!

और पढ़ें

Sponsored Links by Taboola