छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास : देश के लिए मॉडल बना ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, निवेश और उद्योगों को मिली नई उड़ान - Haribhoomi

छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास : देश के लिए मॉडल बना ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, निवेश और उद्योगों को मिली नई उड़ान

देश में पहली बार छत्तीसगढ़ 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक' लाकर उद्योगों के लिए विश्वास आधारित अनुमति प्रणाली लागू किया है, जिससे निवेश, रोजगार और कारोबार को नई गति मिलेगी।

CM VishnuDeo Sai's Ease of Doing Business Bill

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक

  • Published: 24 Jul 2026, 04:35 PM IST
  • Last Updated: 24 Jul 2026, 04:35 PM IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ उद्योग और निवेश के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 'छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026' को विधानसभा से पारित कराकर उद्योगों के लिए अनुमति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की पहल की है।

देश में पहली बार लागू हुई Risk-Based और Trust-Based प्रणाली
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 16 जुलाई 2026 को विधानसभा से पारित यह विधेयक उद्योगों की स्थापना और संचालन के लिए पारंपरिक अनुमति व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा। कम और मध्यम जोखिम वाले उद्योगों को स्व-प्रमाणीकरण (Self-Certification) और ऑनलाइन ऑटो-अप्रूवल जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इससे उद्यमियों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रक्रियाएं पहले की तुलना में अधिक सरल होंगी।

हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ उद्यम, निवेश और रोजगार के लिए देश का सबसे भरोसेमंद और आकर्षक राज्य बने।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक निवेश-अनुकूल वातावरण, उद्योगों के विस्तार और रोजगार के नए अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह पहल प्रक्रियाओं को… pic.twitter.com/Nq9CYDryEl

— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) July 20, 2026

लाइसेंस नवीनीकरण और निरीक्षण प्रक्रिया होगी आसान
नई व्यवस्था के तहत कम जोखिम वाले उद्योगों को नियमित निरीक्षण और अनावश्यक अनुपालनों से राहत मिलेगी। सरकार का कहना है कि इससे उद्योगों का समय और लागत दोनों बचेंगे। साथ ही, डिजिटल माध्यम से अनुमतियां मिलने से पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

MSME सेक्टर को मिलेगी सबसे बड़ी राहत
इस कानून का सबसे अधिक लाभ राज्य के 15 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को मिलने की संभावना है। पहले चरण में सरकार ने 8 प्रमुख विभागों की 43 व्यापारिक सेवाओं को इस नई व्यवस्था के दायरे में शामिल किया है। इसके तहत कई लाइसेंस और अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।

Ease of Doing Business

'डीम्ड अप्रूवल' से समय पर मिल सकेगी मंजूरी
विधेयक में 'डीम्ड अप्रूवल' का प्रावधान भी शामिल किया गया है। इसके तहत यदि संबंधित विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन पर निर्णय नहीं लेता है, तो तय नियमों के अनुसार आवेदन स्वतः स्वीकृत माना जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे परियोजनाओं में अनावश्यक देरी कम होगी।

निवेश और रोजगार को मिलेगी नई गति
राज्य सरकार का कहना है कि सरल और पारदर्शी कारोबारी माहौल बनने से घरेलू और विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। सरकार के अनुसार इससे सेमीकंडक्टर, एआई डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग सहित कई उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं मजबूत होंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस विधेयक, 2026 के पारित होने से निवेश, उद्योग और रोजगार को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विजन के अनुरूप ऑटो-अप्रूवल व्यवस्था और सरल प्रक्रियाओं से उद्यमियों, व्यापारियों तथा युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे। यह कानून छत्तीसगढ़ के… pic.twitter.com/bc50Vdk5se

— Jansampark CG (@DPRChhattisgarh) July 23, 2026

जिला से राज्य स्तर तक होगी निगरानी
इस नई व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर और राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समितियां गठित की जाएंगी। ये समितियां उद्योगों से जुड़े मामलों की समीक्षा करेंगी और प्रक्रियाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर नजर रखेंगी।

व्यापारिक संगठनों ने किया स्वागत
विधेयक के पारित होने पर विभिन्न व्यापारिक संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों ने इसे उद्योगों के लिए सकारात्मक पहल बताया है। उनका मानना है कि प्रक्रियाओं के सरलीकरण और डिजिटलीकरण से कारोबार करना पहले की तुलना में अधिक आसान होगा और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

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