'खून से भर गया था टी-शर्ट...' जंतर-मंतर पर पैलेट गन से घायल जबलपुर के ईरशाद मंसूरी ने बयां किया दर्द

'खून से भर गया था टी-शर्ट...' जंतर-मंतर पर पैलेट गन से घायल जबलपुर के ईरशाद मंसूरी ने बयां किया दर्द

दिल्ली के अस्पताल में चल रहा ईरशाद मंसूरी का इलाज.

Jabalpur News: दिल्ली के जंतर-मंतर में हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान घायल हुए मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी ईरशाद मंसूरी का इलाज दिल्ली के एक निजी अस्पताल में चल रहा है. प्रदर्शन के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिवार के अनुसार, उनकी आंख का ऑपरेशन किया जा चुका है. फिलहाल डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. परिजनों को उम्मीद है कि वह जल्द स्वस्थ होकर घर लौटेंगे.

जानकारी के मुताबिक, ईरशाद मंसूरी जबलपुर जिले से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित पाटन के बाजार मोहल्ला के रहने वाले हैं. उनकी मां का पहले ही निधन हो चुका है. बड़े भाई शेख मुस्तफा मंसूरी पाटन में फुटवेयर की दुकान चलाते हैं. मां के निधन के बाद उनके पिता कभी जबलपुर में परिवार के साथ रहते हैं तो कभी दिल्ली में ईरशाद के पास रहते हैं. घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके पिता तुरंत दिल्ली पहुंच गए. अस्पताल में बेटे की देखभाल कर रहे हैं.

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फोन से मिली घायल होने की सूचना

ईरशाद के बड़े भाई शेख मुस्तफा मंसूरी ने बताया कि 20 तारीख की शाम करीब 8 बजे उन्हें ईरशाद के एक दोस्त का फोन आया. उसी फोन से परिवार को पता चला कि जंतर-मंतर में प्रदर्शन के दौरान ईरशाद घायल हो गए हैं. यह खबर सुनते ही पूरा परिवार चिंता में पड़ गया. मुस्तफा ने बताया कि ईरशाद की आंख में गंभीर चोट लगी थी. डॉक्टरों ने उनकी आंख का ऑपरेशन किया है. फिलहाल इलाज जारी है. उन्होंने कहा कि आंख को कितना नुकसान पहुंचा है और भविष्य में इसका असर कितना रहेगा, यह अभी डॉक्टरों की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा.

जबलपुर से इंदौर तक की पढ़ाई

परिजनों के अनुसार, ईरशाद ने शुरुआती पढ़ाई पाटन और जबलपुर से की. इसके बाद उन्होंने इंदौर से एमबीए की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई पूरी करने के बाद वह एक निजी कंपनी में नौकरी कर रहे हैं और दिल्ली में रह रहे हैं. परिवार का कहना है कि उन्हें पहले से इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि ईरशाद जंतर-मंतर में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हैं. घटना के बाद ही उन्हें इस बारे में पता चला.

परिवार को नहीं थी आंदोलन की जानकारी

शेख मुस्तफा मंसूरी ने बताया कि परिवार को प्रदर्शन या उससे जुड़े मुद्दों की पहले से कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि ईरशाद ने भी घर पर यह नहीं बताया था कि वह प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हैं. घायल होने के बाद ही परिवार को पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली. उन्होंने कहा कि फिलहाल परिवार की पहली प्राथमिकता ईरशाद का बेहतर इलाज है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए अन्य लोगों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए. उनके अनुसार, यदि प्रदर्शनकारियों की मांगें उचित हैं तो उन पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भी लिया हालचाल

ईरशाद के अस्पताल में भर्ती होने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी अस्पताल पहुंचे थे. उन्होंने डॉक्टरों से ईरशाद की स्वास्थ्य स्थिति और इलाज के बारे में जानकारी ली. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है.

वायरल वीडियो में क्या कहा ईरशाद ने

सोशल मीडिया पर ईरशाद मंसूरी का अस्पताल से एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. वीडियो में वह अपने चेहरे और गर्दन पर लगी चोटों के बारे में बताते हुए कहते हैं कि उनके चेहरे में पैलेट फंसा हुआ है. आंख, सिर, गर्दन व कंधे में गंभीर चोटें आई हैं. उनका कहना है कि उनकी आंख की मांसपेशियों पर असर पड़ा है, जिससे देखने में परेशानी हो रही है. उन्होंने यह भी बताया कि गर्दन में लगा पैलेट अंदर तक चला गया है. डॉक्टरों के अनुसार इसका असर भविष्य में खून की नसों पर भी पड़ सकता है.

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वीडियो में ईरशाद का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान उन पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया. वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे. किसी तरह की हिंसा नहीं कर रहे थे. उन्होंने बताया कि घटना के दौरान उनकी टी-शर्ट खून से पूरी तरह भीग गई थी और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं.

डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज

परिजनों के अनुसार, फिलहाल ईरशाद की सर्जरी हो चुकी है. डॉक्टर लगातार उनकी हालत पर नजर रख रहे हैं. अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि उनकी आंख और गर्दन की चोट का भविष्य में कितना असर रहेगा. मेडिकल टीम आवश्यक जांच और उपचार कर रही है. परिवार ने उम्मीद जताई है कि ईरशाद जल्द स्वस्थ होकर घर लौटेंगे. वहीं पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं.

शिव चौबे

शिव चौबे

शिव चौबे को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक दशक का अनुभव है. शिव ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से संस्कृत विषय में शिक्षा प्राप्त की, जिसके बाद उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक अखबार से की. इसके बाद वर्ष 2019 में वे ETV भारत से बतौर संवाददाता जुड़े, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और शिक्षा से जुड़ी उनकी कई महत्वपूर्ण रिपोर्टों ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी. वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जान जोखिम में डालकर जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की और व्यवस्थाओं की कमियों को उजागर किया. उनकी रिपोर्ट्स के बाद जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़े. वर्ष 2021 में शिव चौबे ने TV9 भारतवर्ष में जिला रिपोर्टर के रूप में नई भूमिका की शुरुआत की. इसके बाद वर्ष 2023 में वे PTI (Press Trust of India) से जुड़े. यहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण खोजी रिपोर्टें कीं, जिनमें सिवनी जिले का चर्चित सर्पदंश घोटाला, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय से जुड़ा गोबर घोटाला तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई घोटाले शामिल है. इसके अलावा उन्होंने CAA के दौरान लगे कर्फ्यू, बरगी क्रूज हादसे और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं की जमीनी रिपोर्टिंग कर अपनी अलग पहचान बनाई. निष्पक्ष, जनसरोकारों से जुड़ी और खोजी पत्रकारिता के लिए शिव चौबे को विशेष रूप से जाना जाता है.

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